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Sonipat News: 49 श्रद्धालुओं ने नांदेड़ साहिब गुरुद्वारे में माथा टेका
Tue, 19 May 2026 08:32 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Tue, 19 May 2026 08:32 PM IST
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फोटो:महाराष्ट्र स्थित पवित्र हजुर नांदेड़ साहिब गुरुद्वारे में पहुंचे सोनीपत के श्रद्धालु। स्रो
संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। महाराष्ट्र में स्थित हजूर नांदेड़ साहिब गुरुद्वारे में पहुंचते ही सोनीपत जिले से गए 49 श्रद्धालुओं ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का आभार जताया। उन्होंंने कहा कि मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के माध्यम से उन्होंने सिखों के पवित्र तख्तों में से एक नांदेड़ साहिब के दर्शन किए।
गोदावरी नदी के किनारे स्थित नांदेड शहर विश्व प्रसिद्ध सचखंड गुरुद्वारा के लिए जाना जाता है। मान्यता है कि वर्ष 1708 में सिखों के 10वें गुरु गोविंद सिंह ने यही अंतिम सांस ली थी। उसी स्थान पर यह गुरुद्वारा स्थापित किया गया है।
योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बुजुर्गों को विभिन्न धार्मिक स्थलों के दर्शन करवाए जा रहे हैं। इस योजना के तहत सोनीपत जिले से 49 तीर्थ यात्री नांदेड़ साहिब पहुंचे। उनकी वापसी 20 मई को होगी। इस दौरान श्रद्धालुओं ने अपने अनुभव साझा किए।
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तीर्थ यात्री ओमप्रकाश ने कहा कि गुरु गोविंद सिंह के दरबार में पहुंचकर जीवन धन्य हो गया। उनकी पत्नी कृष्णा ने इसे बुजुर्गों के लिए बड़ी सुविधा बताया। तीर्थ यात्री राजकुमार ने कहा कि उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था कि वह कभी गुरु गोविंद सिंह के दरबार में माथा टेक सकेंगे।
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सोनीपत। महाराष्ट्र में स्थित हजूर नांदेड़ साहिब गुरुद्वारे में पहुंचते ही सोनीपत जिले से गए 49 श्रद्धालुओं ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का आभार जताया। उन्होंंने कहा कि मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के माध्यम से उन्होंने सिखों के पवित्र तख्तों में से एक नांदेड़ साहिब के दर्शन किए।
गोदावरी नदी के किनारे स्थित नांदेड शहर विश्व प्रसिद्ध सचखंड गुरुद्वारा के लिए जाना जाता है। मान्यता है कि वर्ष 1708 में सिखों के 10वें गुरु गोविंद सिंह ने यही अंतिम सांस ली थी। उसी स्थान पर यह गुरुद्वारा स्थापित किया गया है।
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योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बुजुर्गों को विभिन्न धार्मिक स्थलों के दर्शन करवाए जा रहे हैं। इस योजना के तहत सोनीपत जिले से 49 तीर्थ यात्री नांदेड़ साहिब पहुंचे। उनकी वापसी 20 मई को होगी। इस दौरान श्रद्धालुओं ने अपने अनुभव साझा किए।
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तीर्थ यात्री ओमप्रकाश ने कहा कि गुरु गोविंद सिंह के दरबार में पहुंचकर जीवन धन्य हो गया। उनकी पत्नी कृष्णा ने इसे बुजुर्गों के लिए बड़ी सुविधा बताया। तीर्थ यात्री राजकुमार ने कहा कि उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था कि वह कभी गुरु गोविंद सिंह के दरबार में माथा टेक सकेंगे।