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ओलावृष्टि के साथ हुई बारिश, गेहूं के लिए फायदेमंद, सरसो व आलू में नुकसान
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बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि ने बढ़ाई ठंड
अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। जिलेभर में दिनभर रुक-रुककर हुई बारिश के साथ ओलावृष्टि भी हुई। जिससे ठंड में इजाफा हो गया। ठंड बढ़ने से गेहूं की फसल को फायदा होगा। हालांकि एक-दो गांवों में जहां ओलावृष्टि हुई है वहां नुकसान की संभावना है। बारिश से सरसों व आलू की फसल में नुकसान हो सकता है। बारिश के कारण वाहन चालकों व राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। ओलावृष्टि और तेज हवा के साथ हुई बारिश से एक बार फिर ठंड बढ़ गई है। न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विशेषज्ञों की मानें तो अगले 24 घंटों के दौरान आसमान बादलों से घिरा रहेगा और बारिश होने के आसार हैं।
वीरवार सुबह से बूंदाबांदी शुरू हो गई। दिनभर रुक-रुककर बूंदाबांदी व बारिश होती रही। साथ ही करीब 17 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलती रही। दोपहर को मौसम कुछ देर साफ हुआ, लेकिन शाम चार बजे फिर से बूंदाबांदी शुरू हो गई। बारोटा व आसपास के क्षेत्र में ओलावृष्टि भी हुई। करीब 5 मिनट तक ओलावृष्टि होती रही। बाद में तेज हवाओं के साथ बारिश का दौर जारी रहा। मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार बरसात का दौर शुक्रवार को भी जारी रह सकता है। इसके साथ ही 23 फरवरी को एक बार फिर से थंडरस्टॉर्म की वजह से बरसात हो सकती है।
ओलावृष्टि ने बढ़ाई किसानों की चिंता
कृषि विशेषज्ञों की माने तो मौसम में अचानक से आए परिवर्तन और होने वाली बारिश से जहां गेहूं की फसल को फायदा पहुंचेगा, वहीं सरसों व सब्जियों की फसल को नुकसान होने का अंदेशा है। हालांकि बारोटा व आसपास ओलावृष्टि ने गेहूं उत्पादक किसानों की चिंता भी बढ़ा दी है। गनीमत रही कि ज्यादा स्थानों पर ओलावृष्टि नहीं हुई। वहीं सरसों व सब्जी उत्पादक किसानों को चिंता सताने लगी है। बारिश, तेज हवा व ओलावृष्टि से जहां सरसों का फूल झड़ जाएगा और उसमें नुकसान होगा, वहीं सब्जी की फसल भी इससे प्रभावित हो सकती है। खासकर आलू में काफी नुकसान होगा। कृषि उपनिदेशक डा.अनिल सहरावत ने बताया कि ठंड में इजाफा होने से गेहूं को फायदा होगा। सरसों व सब्जी की फसल में बारिश, ओलावृष्टि व तेज हवा से नुकसान की संभावना है।
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सोनीपत। जिलेभर में दिनभर रुक-रुककर हुई बारिश के साथ ओलावृष्टि भी हुई। जिससे ठंड में इजाफा हो गया। ठंड बढ़ने से गेहूं की फसल को फायदा होगा। हालांकि एक-दो गांवों में जहां ओलावृष्टि हुई है वहां नुकसान की संभावना है। बारिश से सरसों व आलू की फसल में नुकसान हो सकता है। बारिश के कारण वाहन चालकों व राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। ओलावृष्टि और तेज हवा के साथ हुई बारिश से एक बार फिर ठंड बढ़ गई है। न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विशेषज्ञों की मानें तो अगले 24 घंटों के दौरान आसमान बादलों से घिरा रहेगा और बारिश होने के आसार हैं।
वीरवार सुबह से बूंदाबांदी शुरू हो गई। दिनभर रुक-रुककर बूंदाबांदी व बारिश होती रही। साथ ही करीब 17 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलती रही। दोपहर को मौसम कुछ देर साफ हुआ, लेकिन शाम चार बजे फिर से बूंदाबांदी शुरू हो गई। बारोटा व आसपास के क्षेत्र में ओलावृष्टि भी हुई। करीब 5 मिनट तक ओलावृष्टि होती रही। बाद में तेज हवाओं के साथ बारिश का दौर जारी रहा। मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार बरसात का दौर शुक्रवार को भी जारी रह सकता है। इसके साथ ही 23 फरवरी को एक बार फिर से थंडरस्टॉर्म की वजह से बरसात हो सकती है।
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ओलावृष्टि ने बढ़ाई किसानों की चिंता
कृषि विशेषज्ञों की माने तो मौसम में अचानक से आए परिवर्तन और होने वाली बारिश से जहां गेहूं की फसल को फायदा पहुंचेगा, वहीं सरसों व सब्जियों की फसल को नुकसान होने का अंदेशा है। हालांकि बारोटा व आसपास ओलावृष्टि ने गेहूं उत्पादक किसानों की चिंता भी बढ़ा दी है। गनीमत रही कि ज्यादा स्थानों पर ओलावृष्टि नहीं हुई। वहीं सरसों व सब्जी उत्पादक किसानों को चिंता सताने लगी है। बारिश, तेज हवा व ओलावृष्टि से जहां सरसों का फूल झड़ जाएगा और उसमें नुकसान होगा, वहीं सब्जी की फसल भी इससे प्रभावित हो सकती है। खासकर आलू में काफी नुकसान होगा। कृषि उपनिदेशक डा.अनिल सहरावत ने बताया कि ठंड में इजाफा होने से गेहूं को फायदा होगा। सरसों व सब्जी की फसल में बारिश, ओलावृष्टि व तेज हवा से नुकसान की संभावना है।
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