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300 ट्रैक्टरों के साथ किसानों ने निकाला जुलूस, सीएम के नाम डीसी को ज्ञापन सौंपा
Updated Thu, 17 Aug 2017 12:19 AM IST
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सोनीपत। शुगर मिल की पेराई क्षमता बढ़ाने व समय पर मिल चालू करने की मांग मनवाने के लिए बुधवार को किसान सड़क पर उतर आए। किसानों ने लगभग 300 ट्रैक्टर लेकर शुगर मिल से जुलूस निकालना शुरू किया तो शहर में पैदल मार्च भी किया। उसके बाद लघु सचिवालय में जाकर धरने पर बैठ गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। वहां डीसी को सीएम के नाम ज्ञापन सौंपा गया, जिसपर डीसी ने जल्द ही किसानों की मांग पूरी कराने का आश्वासन दिया। वहीं किसानों ने साफ कर दिया है कि उनकी मांगे पूरी नहीं होती है तो यह आंदोलन बड़ा हो सकता है।
शुगर मिल के गेट पर बुधवार को करीब 40 गांवों के किसान इकट्ठा हुए जो अपने साथ लगभग 300 ट्रैक्टर लेकर पहुंचे थे। वहां से सभी किसान अपने ट्रैक्टर लेकर जुलूस निकालते हुए लघु सचिवालय जाने लगे तो छोटूराम चौक पर रुककर सर छोटूराम की मूर्ति पर माल्यार्पण किया और वहां से किसानों ने पैदल मार्च शुरू कर दिया। वह सभी लघु सचिवालय में पहुंचे और वहां धरना शुरू कर दिया। वहां किसानों का कहना है कि नवंबर 2016 में सीएम मनोहरलाल ने शुगर मिल की पेराई क्षमता बढ़ाने की घोषणा की थी। साथ ही उसके लिए 11 करोड़ रुपये का बजट जारी करने की घोषणा की। वहीं शुगर मिल में पेराई सत्र के दौरान 3 अप्रैल को टरबाइन फट गई थी। उसके बाद मिल पूरी तरह से बंद हो गई थी। इसके लिए किसानों को अपने गन्ने को नारायणगढ़, रोहतक, यूपी, उत्तराखंड की मिलों में डालने के लिए मजबूर होना पड़ा था। मिल में टरबाइन फटने के बाद जांच के लिए पहुंचे डीसी व एमडी शुगर मिल ने किसानों को पेनाल्टी न लगाने की बात कही थी। अगले सत्र में मिल की पेराई क्षमता बढ़ाने के साथ ही समय पर मिल चालू करने का आश्वासन दिया गया था। किसानों का आरोप है कि मिल में कैपेसिटी बढ़ाने के लिए सरकार की तरफ से अभी तक कोई बजट नहीं पहुंचा है। मिल में नई टरबाइन भी नहीं पहुंच पाई है। जिससे किसानों में मिल प्रशासन व सरकार के प्रति रोष बना हुआ है। उन्हें आशंका है कि मिल को शुरू करने में तीन माह बचे हुए है और इस समय में मिल चालू नहीं हो सकती है। सरकार की ओर से मिल की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। वहां धरने पर बैठे किसानों के बीच डीसी केएम पांडुरंग पहुंचे तो किसानों ने सीएम के नाम उनको ज्ञापन सौंपा। डीसी ने किसानों को आश्वासन दिया कि उनकी सभी मांगों को जल्द से जल्द पूरा कराया जाएगा और इसके लिए वह प्रयासरत है। इस दौरान भारतीय किसान संघ के प्रदेश महामंत्री वीरेंद्र बढख़ालसा, नाहर सिंह, अनुराग मलिक, मुकेश दहिया, भारतभूषण, वीरेंद्र खत्री, रामवीर खत्री आदि मौजूद रहे।
किसानों की समस्या का जल्द हो समाधान
इनेलो नेता व किसान रमेश बड़ौली ने कहा कि सोनीपत शुगर मिल से जुड़े किसानों की परेशानी दूर नहीं हो रही है। इस गन्ना सत्र में सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ी है, जबकि मिल में मशीनें काफी पुरानी हो चुकी है जो पेराई सत्र के बीच में खराब हो जाती है। सरकार को इन मशीनों को पेराई सत्र शुरू होने से पहले ही ठीक कराना चाहिए, जिससे सत्र के बीच में परेशानी नहीं हो सके। सरकार ने किसानों की बात नहीं सुनी तो एक बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा।
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शुगर मिल के गेट पर बुधवार को करीब 40 गांवों के किसान इकट्ठा हुए जो अपने साथ लगभग 300 ट्रैक्टर लेकर पहुंचे थे। वहां से सभी किसान अपने ट्रैक्टर लेकर जुलूस निकालते हुए लघु सचिवालय जाने लगे तो छोटूराम चौक पर रुककर सर छोटूराम की मूर्ति पर माल्यार्पण किया और वहां से किसानों ने पैदल मार्च शुरू कर दिया। वह सभी लघु सचिवालय में पहुंचे और वहां धरना शुरू कर दिया। वहां किसानों का कहना है कि नवंबर 2016 में सीएम मनोहरलाल ने शुगर मिल की पेराई क्षमता बढ़ाने की घोषणा की थी। साथ ही उसके लिए 11 करोड़ रुपये का बजट जारी करने की घोषणा की। वहीं शुगर मिल में पेराई सत्र के दौरान 3 अप्रैल को टरबाइन फट गई थी। उसके बाद मिल पूरी तरह से बंद हो गई थी। इसके लिए किसानों को अपने गन्ने को नारायणगढ़, रोहतक, यूपी, उत्तराखंड की मिलों में डालने के लिए मजबूर होना पड़ा था। मिल में टरबाइन फटने के बाद जांच के लिए पहुंचे डीसी व एमडी शुगर मिल ने किसानों को पेनाल्टी न लगाने की बात कही थी। अगले सत्र में मिल की पेराई क्षमता बढ़ाने के साथ ही समय पर मिल चालू करने का आश्वासन दिया गया था। किसानों का आरोप है कि मिल में कैपेसिटी बढ़ाने के लिए सरकार की तरफ से अभी तक कोई बजट नहीं पहुंचा है। मिल में नई टरबाइन भी नहीं पहुंच पाई है। जिससे किसानों में मिल प्रशासन व सरकार के प्रति रोष बना हुआ है। उन्हें आशंका है कि मिल को शुरू करने में तीन माह बचे हुए है और इस समय में मिल चालू नहीं हो सकती है। सरकार की ओर से मिल की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। वहां धरने पर बैठे किसानों के बीच डीसी केएम पांडुरंग पहुंचे तो किसानों ने सीएम के नाम उनको ज्ञापन सौंपा। डीसी ने किसानों को आश्वासन दिया कि उनकी सभी मांगों को जल्द से जल्द पूरा कराया जाएगा और इसके लिए वह प्रयासरत है। इस दौरान भारतीय किसान संघ के प्रदेश महामंत्री वीरेंद्र बढख़ालसा, नाहर सिंह, अनुराग मलिक, मुकेश दहिया, भारतभूषण, वीरेंद्र खत्री, रामवीर खत्री आदि मौजूद रहे।
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किसानों की समस्या का जल्द हो समाधान
इनेलो नेता व किसान रमेश बड़ौली ने कहा कि सोनीपत शुगर मिल से जुड़े किसानों की परेशानी दूर नहीं हो रही है। इस गन्ना सत्र में सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ी है, जबकि मिल में मशीनें काफी पुरानी हो चुकी है जो पेराई सत्र के बीच में खराब हो जाती है। सरकार को इन मशीनों को पेराई सत्र शुरू होने से पहले ही ठीक कराना चाहिए, जिससे सत्र के बीच में परेशानी नहीं हो सके। सरकार ने किसानों की बात नहीं सुनी तो एक बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा।
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