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Sonipat News: 3966 सीटों पर आए 2224 आवेदन, 10 अभिभावक सत्यापन से वंचित
Mon, 27 Apr 2026 01:54 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Mon, 27 Apr 2026 01:54 AM IST
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फोटो :23 : सोनीपत के मॉडल टाउन स्थित शिक्षा विभाग का कार्यालय। संवाद
सोनीपत। आरटीई के तहत निजी स्कूलों में दाखिले की प्रक्रिया जिले में अंतिम चरण में पहुंच गई है। इस वर्ष 3966 सीटों के लिए 2224 अभिभावकों ने आवेदन किया जिनमें से 2214 बच्चों के दस्तावेजों का सत्यापन पूरा कर लिया गया है।
विद्यालय शिक्षा निदेशालय की तरफ से जारी संशोधित शेड्यूल के अनुसार रविवार को दस्तावेज सत्यापन का अंतिम दिन था। अंतिम दिन अभिभावक सत्यापन के लिए पहुंचे जबकि खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालयों में बनाए गए हेल्प डेस्क पर कर्मचारी अभिभावकों का इंतजार करते रह गए।
आरटीई अधिनियम 2009 के तहत निजी स्कूलों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए नर्सरी, एलकेजी, यूकेजी और पहली कक्षा में 25 फीसदी सीटें आरक्षित होती हैं। इस वर्ष 16 अप्रैल तक ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन आमंत्रित किए गए थे। अब दस्तावेज सत्यापन के बाद ही बच्चों को स्कूल आवंटित किए जाएंगे। जिन अभिभावकों ने सत्यापन नहीं कराया, उनके आवेदन रद्द माने जाएंगे।
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शिक्षा विभाग के अनुसार 1 से 5 मई तक वेटिंग लिस्ट के आधार पर दाखिले की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इस वर्ष सीटों की संख्या भी बढ़कर 3966 हो गई है जिसमें पहली कक्षा में सबसे अधिक 2022 सीटें हैं। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी रचना बाना ने बताया कि निदेशालय के निर्देशानुसार सत्यापन का कार्य पूरा किया जा रहा है और फिलहाल तिथि बढ़ाने को लेकर कोई सूचना नहीं है। इसके बाद चयनित विद्यार्थियों को स्कूल आवंटित कर दाखिले की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष आरटीई के तहत सीटों का ब्यौरा न देने वाले 84 निजी स्कूलों पर करीब 17 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था, जिससे विभाग इस बार प्रक्रिया को लेकर और अधिक सख्ती बरत रहा है।
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विद्यालय शिक्षा निदेशालय की तरफ से जारी संशोधित शेड्यूल के अनुसार रविवार को दस्तावेज सत्यापन का अंतिम दिन था। अंतिम दिन अभिभावक सत्यापन के लिए पहुंचे जबकि खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालयों में बनाए गए हेल्प डेस्क पर कर्मचारी अभिभावकों का इंतजार करते रह गए।
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आरटीई अधिनियम 2009 के तहत निजी स्कूलों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए नर्सरी, एलकेजी, यूकेजी और पहली कक्षा में 25 फीसदी सीटें आरक्षित होती हैं। इस वर्ष 16 अप्रैल तक ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन आमंत्रित किए गए थे। अब दस्तावेज सत्यापन के बाद ही बच्चों को स्कूल आवंटित किए जाएंगे। जिन अभिभावकों ने सत्यापन नहीं कराया, उनके आवेदन रद्द माने जाएंगे।
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शिक्षा विभाग के अनुसार 1 से 5 मई तक वेटिंग लिस्ट के आधार पर दाखिले की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इस वर्ष सीटों की संख्या भी बढ़कर 3966 हो गई है जिसमें पहली कक्षा में सबसे अधिक 2022 सीटें हैं। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी रचना बाना ने बताया कि निदेशालय के निर्देशानुसार सत्यापन का कार्य पूरा किया जा रहा है और फिलहाल तिथि बढ़ाने को लेकर कोई सूचना नहीं है। इसके बाद चयनित विद्यार्थियों को स्कूल आवंटित कर दाखिले की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष आरटीई के तहत सीटों का ब्यौरा न देने वाले 84 निजी स्कूलों पर करीब 17 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था, जिससे विभाग इस बार प्रक्रिया को लेकर और अधिक सख्ती बरत रहा है।