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बढख़ालसा में नहीं बना अंडरपास तो केजीपी का उद्घाटन करने आने पर प्रधानमंत्री का करेंगे विरोध
Updated Fri, 09 Mar 2018 01:05 AM IST
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बढ़खालसा में नहीं बना अंडरपास तो केजीपी का उद्घाटन करने आने पर प्रधानमंत्री का करेंगे विरोध
अमर उजाला ब्यूरो
राई। निर्माणाधीन केजीपी एक्सप्रेस पर अंडरपास की मांग को लेकर चले रहे विरोध को लेकर एसडीएम जितेंद्र कुमार ने वीरवार को राई रेस्ट हाउस में बढ़खालसा गांव के किसानों की मीटिंग की। करीब एक घंटे तक चली मीटिंग में एसडीएम ने किसानों की समस्यासं सुनी और उनकी मांगों को लेकर विचार करने आश्वासन दिया।
ग्रामीण बलवान, महाबीर, पूर्व सरपंच विरेंद्र, प्रताप, ताराचंद, पालेराम, पंच राजपाल ने बताया कि बीसवां मील से जो रास्ता उनके गांव की तरफ आता है वह काफी लंबा और जंगल से होकर गुजरता है। अगर प्रशासन पुरानी सड़क के सामने से एक रास्ता निकालता है जो केजीपी के नीचे से होकर निकलेगा। इससे उनके गांव का संपर्क मार्ग छोटा और सुरक्षित होगा। इस पर एसडीएम ने लोगों को बताया कि वे उनकी मांग को प्रशासन से विचार विमर्श के बाद सरकार तक पहुंचाएंगे।
पुलिस चौकी के लिए ग्रामीणों ने किया मना
मीटिंग में जब ग्रामीणों ने जंगल से होकर जाने वाले मार्ग को असुरक्षित बताया तो एसडीएम ने वहां पर पुलिस चौकी बनाने का प्रस्ताव रखा। मगर इतना सुनते ही ग्रामीण बिफर गए। उन्होंने चौकी का विरोध किया और बताया कि वे चौकी बनवाने के पक्ष में नहीं हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस सिर्फ मोड़ पर ग्रामीणों के चालान काटने के अलावा कुछ नहीं करती।
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सड़क चौड़ी करने के प्रस्ताव को भी नकारा
मीटिंग में जब ग्रामीणों ने सड़क के छोटी होने का दुखड़ा सुनाया तो एसएसआईडीसी के सीनियर मैनेजर जगभूषण ने कहा कि नई सड़क पहले से चौड़ी है, जिस पर ग्रामीणों ने सड़क की चौड़ाई ज्यादा न होने की बाद कही। साथ ही एचएसआईआईडीसी की लापरवाही का परिणाम है कि एक फैक्ट्री के होद पर ही सड़क का निर्माण करवाया दिया, जिसका लैंटर तक नहीं तोड़ा गया जो लगभग चौबीस फुट गहरा है। इस पर काफी संख्या में विद्यालयों की बस जाती है अगर काई हादसा होता है तो इस का कौन जिम्मेदार होगा। एसडीएम ने तुरंत इसको दोबारा सड़क बनाने के निर्देश दिए।
इसके अलावा ग्रामीणों ने सिर्फ रास्ते की ही मांग रखते हुए कहा कि एक फैक्ट्री के साथ ही पुलिया का निर्माण करवाया जाए जिससे रास्ता छोटा होने के साथ-साथ सभी ग्रामीणों को फायदा होगा। साथ ग्रामीणों ने यह भी ऐलान किया कि अगर प्रशासन उनकी बात नहीं सुनता तो जब भी पीएम नरेंद्र मोदी केजीपी एक्सप्रेस वे का उदघाटन करने आएंगे तो उनका काले झंडे दिखाकर विरोध करेंगे। इस दौरान नायब तहसील दार कृष्ण कुमार, राकेश पटवारी, अमित राजपूत आदि मौजूद रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
राई। निर्माणाधीन केजीपी एक्सप्रेस पर अंडरपास की मांग को लेकर चले रहे विरोध को लेकर एसडीएम जितेंद्र कुमार ने वीरवार को राई रेस्ट हाउस में बढ़खालसा गांव के किसानों की मीटिंग की। करीब एक घंटे तक चली मीटिंग में एसडीएम ने किसानों की समस्यासं सुनी और उनकी मांगों को लेकर विचार करने आश्वासन दिया।
ग्रामीण बलवान, महाबीर, पूर्व सरपंच विरेंद्र, प्रताप, ताराचंद, पालेराम, पंच राजपाल ने बताया कि बीसवां मील से जो रास्ता उनके गांव की तरफ आता है वह काफी लंबा और जंगल से होकर गुजरता है। अगर प्रशासन पुरानी सड़क के सामने से एक रास्ता निकालता है जो केजीपी के नीचे से होकर निकलेगा। इससे उनके गांव का संपर्क मार्ग छोटा और सुरक्षित होगा। इस पर एसडीएम ने लोगों को बताया कि वे उनकी मांग को प्रशासन से विचार विमर्श के बाद सरकार तक पहुंचाएंगे।
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पुलिस चौकी के लिए ग्रामीणों ने किया मना
मीटिंग में जब ग्रामीणों ने जंगल से होकर जाने वाले मार्ग को असुरक्षित बताया तो एसडीएम ने वहां पर पुलिस चौकी बनाने का प्रस्ताव रखा। मगर इतना सुनते ही ग्रामीण बिफर गए। उन्होंने चौकी का विरोध किया और बताया कि वे चौकी बनवाने के पक्ष में नहीं हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस सिर्फ मोड़ पर ग्रामीणों के चालान काटने के अलावा कुछ नहीं करती।
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सड़क चौड़ी करने के प्रस्ताव को भी नकारा
मीटिंग में जब ग्रामीणों ने सड़क के छोटी होने का दुखड़ा सुनाया तो एसएसआईडीसी के सीनियर मैनेजर जगभूषण ने कहा कि नई सड़क पहले से चौड़ी है, जिस पर ग्रामीणों ने सड़क की चौड़ाई ज्यादा न होने की बाद कही। साथ ही एचएसआईआईडीसी की लापरवाही का परिणाम है कि एक फैक्ट्री के होद पर ही सड़क का निर्माण करवाया दिया, जिसका लैंटर तक नहीं तोड़ा गया जो लगभग चौबीस फुट गहरा है। इस पर काफी संख्या में विद्यालयों की बस जाती है अगर काई हादसा होता है तो इस का कौन जिम्मेदार होगा। एसडीएम ने तुरंत इसको दोबारा सड़क बनाने के निर्देश दिए।
इसके अलावा ग्रामीणों ने सिर्फ रास्ते की ही मांग रखते हुए कहा कि एक फैक्ट्री के साथ ही पुलिया का निर्माण करवाया जाए जिससे रास्ता छोटा होने के साथ-साथ सभी ग्रामीणों को फायदा होगा। साथ ग्रामीणों ने यह भी ऐलान किया कि अगर प्रशासन उनकी बात नहीं सुनता तो जब भी पीएम नरेंद्र मोदी केजीपी एक्सप्रेस वे का उदघाटन करने आएंगे तो उनका काले झंडे दिखाकर विरोध करेंगे। इस दौरान नायब तहसील दार कृष्ण कुमार, राकेश पटवारी, अमित राजपूत आदि मौजूद रहे।