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अंतरराष्ट्रीय बागवानी मार्केट को रेललाइन से जोड़ने के लिए खर्च होंगे 300 करोड़

Fri, 07 Jan 2022 01:18 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 07 Jan 2022 01:18 AM IST
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300 crores will be spent to connect the international horticulture market with the rail line
गन्नौर स्थित अंतरराष्ट्रीय फल, फूल एवं बागवानी मार्केट। संवाद - फोटो : Sonipat
प्रदीप कौशिक
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सोनीपत। गन्नौर में बनने वाली अंतरराष्ट्रीय फल, फूल एवं बागवानी मार्केट को रेललाइन से जोड़ने के लिए करीब 300 करोड़ रुपये खर्च होंगे। रेललाइन बिछने के बाद ट्रेन के माध्यम से बागवानी मार्केट तक माल लेकर आने व ले जाने में आसानी होगी। इसके लिए दिल्ली में वित्त सचिव संग भारतीय रेल वित्त निगम व इंटरनेशनल हॉर्टिकल्चर मार्केटिंग कार्पोरेशन लिमिटेड के अधिकारियों की बैठक हुई है। इसमें इंटरनेशनल हॉर्टिकल्चर मार्केटिंग कार्पोरेशन लिमिटेड के अधिकारियों ने प्रदेश सरकार के पास बजट नहीं होने की बात कही और वित्त सचिव के सामने केंद्र सरकार से बजट दिलाने का प्रस्ताव रखा।
गन्नौर में जीटी रोड के साथ 537 एकड़ में एशिया की सबसे बड़ी अंतरराष्ट्रीय फल, फूल एवं बागवानी मार्केट का निर्माण होगा। मार्केट को विकसित करने के लिए कृषि मंत्रालय की ओर से हरियाणा इंटरनेशनल हॉर्टिकल्चर मार्केटिंग कार्पोरेशन लिमिटेड के प्रस्ताव को 15 माह पहले मंजूरी मिल चुकी है। इसे विकसित करने के लिए तीन हजार करोड़ रुपये खर्च होने हैं। अंतरराष्ट्रीय बागवानी मार्केट के विकसित होने के बाद देश के विभिन्न राज्यों से यहां तक किसान रेल चलाने की योजना है। बागवानी मार्केट को दिल्ली-अंबाला रेलवे लाइन से जोड़ा जाएगा। बागवानी मार्केट तक रेलवे लाइन बिछाने की संभावनाएं तलाशने को एक साल पहले ही रेलवे की टीम निरीक्षण कर चुकी है। रेलवे की टीम ने रिपोर्ट तैयार करके सरकार को सौंपी थी।
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हरियाणा निवास पर हुई बैठक में बजट पर अटका पेच
दिल्ली-अंबाला रेल लाइन से अंतरराष्ट्रीय फल, फूल एवं बागवानी मार्केट तक रेलवे लाइन बिछाने को दिल्ली के हरियाणा निवास पर बुधवार को बैठक हुई है। इसमें वित्त सचिव संग भारतीय रेल वित्त निगम व इंटरनेशनल हॉर्टिकल्चर मार्केटिंग कार्पोरेशन लिमिटेड के अधिकारी शामिल हुए। इसमें हरियाणा इंटरनेशनल हॉर्टिकल्चर मार्केटिंग कार्पोरेशन लिमिटेड के अधिकारियों ने प्रदेश सरकार के पास रेल लाइन के लिए बजट नहीं होने की बात कही। रेल लाइन बिछाने के लिए वित्त मंत्रालय से बजट लिया जा सकता है या भारतीय रेल वित्त निगम अपने बजट से रेल लाइन बिछा सकता है। इस पर अधिकारियों ने केंद्र सरकार से बजट दिलाने का प्रस्ताव रखा।
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इन 14 राज्यों से मार्केट में आएगा माल
अंतरराष्ट्रीय फल, फूल एवं बागवानी मार्केट में 14 राज्यों से माल मंगाया जाएगा। मार्केट में महाराष्ट्र से प्याज, अंगूर, अनार, केला, गुजरात से चीकू व केला, कर्नाटक से अदरक, अंगूर, आलू, अनार, मध्यप्रदेश से बेर, राजस्थान से किन्नू, संतरा व सब्जियां, छत्तीसगढ़ से सब्जियां, असम से अनानास, नींबू व अदरक, आंध्र प्रदेश से मौसमी, उत्तर प्रदेश से आम, अमरूद, लीची व सब्जियां, हिमाचल प्रदेश व जम्मू-कश्मीर से सेब, अनासपत्ती, आलूबुखारा, बिहार से लीची, अंगूर मखाना, उत्तराखंड से आम, लीची, पंजाब के अलावा हरियाणा व दिल्ली से भी सब्जियां आएंगी।

वर्जन
अंतरराष्ट्रीय फल, फूल एवं बागवानी मार्केट को रेलवे लाइन से जोड़ने की योजना है। इसके लिए हरियाणा निवास पर वित्त सचिव व भारतीय रेल वित्त निगम के अधिकारियों संग बैठक हुई। रेल लाइन से मार्केट को जोड़ने के लिए केंद्र सरकार से बजट का प्रस्ताव रखा गया है। रेललाइन बिछाने के लिए 300 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च होनेे हैं। रेललाइन बिछने के बाद देशभर से मार्केट में माल आसानी से पहुंच जाएगा।
- जेएस यादव, सलाहकार, हरियाणा इंटरनेशनल हॉर्टिकल्चर मार्केटिंग कार्पोरेशन लिमिटेड
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