{"_id":"5b3fc15f4f1c1bba248b4e0b","slug":"201530904927-sonipat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"टीडीआई बिल्डर संग डीटीपी का खेल, फ्लैट मालिकों से 75-75 हजार हड़पकर नक्शा बदला, मेन गेट तक गायब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
टीडीआई बिल्डर संग डीटीपी का खेल, फ्लैट मालिकों से 75-75 हजार हड़पकर नक्शा बदला, मेन गेट तक गायब
Updated Sat, 07 Jul 2018 01:04 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
टीडीआई बिल्डर संग डीटीपी का खेल, फ्लैट मालिकों से 75-75 हजार हड़पकर नक्शा बदला, मेन गेट तक गायब
अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। टीडीआई बिल्डर का फ्लैट मालिकों से धोखाधड़ी करने का मामला थम नहीं रहा है। जबकि इस खेल में अब डीटीपी कार्यालय तक शामिल दिख रहा है, क्योंकि डीटीपी कार्यालय से टीडीआई माई फ्लोर-2 का नक्शा कई बार बदला गया। जिसका नक्शा बदलकर कई चीजें गायब कर दी गई, जबकि फ्लैट बेचते समय उन चीजों के नाम पर ही लोगों से 75-75 हजार रुपये ज्यादा लिए गए। इस मामले में टीडीआई के फ्लैट मालिकों ने बिल्डर के खिलाफ अपने बयान भी दर्ज कराए है। वहीं एसपी से मिलकर फिर से शिकायत दी गई है, जिसमें टीडीआई के मालिकों पर जल्द मुकदमा दर्ज करने की मांग की गई है।
टीडीआई बिल्डर ने कुंडली में अपनी टाउनशिप में माई फ्लोर-2 बनाया था, जहां 2013 में फ्लैट बेचते समय नक्शे में क्लब, मेन गेट, बाउंड्री सब कुछ दिखाई गई थी। उस समय क्लब के नाम पर सभी फ्लैट लेने वालों से 75-75 हजार रुपये ज्यादा लिए गए थे जो क्लब की मेंबरशिप के नाम पर लिए गए। लेकिन फ्लैट के पूरे पैसे आने के बाद टीडीआई बिल्डर ने डीटीपी कार्यालय में नक्शा रिवाइज करने की कार्रवाई शुरू कर दी। जिसमें डीटीपी कार्यालय ने बिना जांच किए ही दूसरा नक्शा जारी कर दिया और वहां फ्लैट लेने वालों को इस बारे में बताया तक नहीं गया। उस दूसरे नक्शे में क्लब, एक गेट व चहारदीवारी सब कुछ गायब कर दिया गया और इस तरह से क्लब के नाम पर बताकर 75-75 हजार रुपये हड़प लिए गए। इसके अलावा फ्लैट धारकों ने जब 2013 में 90 प्रतिशत पेमेंट पहले जमा करा दी और उनको पजेशन लेटर दिया गया तो उनकी लगभग 2 लाख रुपये की राशि बाकी थी। लेकिन टीडीआई बिल्डर ने बिना बताए फ्लैट का एरिया बढ़ा दिया और उसे 900 स्कवायर फुट से 1138 स्कवायर फुट कर दिया गया। जिसके बदले उनसे 10 लाख रुपये जबरन ले लिए गए, क्योंकि उन्होंने अपने पुराने रुपये वापस मांगे तो वह वापस देने से इंकार कर दिया गया। टीडीआई में रहने वाले मोहिनी सिंह, किरण कुमार, ओम प्रकाश, संजय दुग्गल, रमेश कुमार गर्ग, आशीष बाल्याण, नारायण कुकरेजा, डीके पाठक ने अपने यह बयान सीएम विंडो पर दी शिकायत की जांच में डीटीपी को दर्ज कराए है। वहीं टीडीआई बिल्डर पर मुकदमा दर्ज कराने के लिए एडवोकेट सुशील सिंह फिर से एसपी से मिले और उनको शिकायत देकर बिल्डर पर जल्द से जल्द मुकदमा करने की मांग की गई। एसपी सतेंद्र गुप्ता ने उनसे कहा कि इस मामले में डीएसपी जांच कर रहे है और उस जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। टीडीआई बिल्डर का फ्लैट मालिकों से धोखाधड़ी करने का मामला थम नहीं रहा है। जबकि इस खेल में अब डीटीपी कार्यालय तक शामिल दिख रहा है, क्योंकि डीटीपी कार्यालय से टीडीआई माई फ्लोर-2 का नक्शा कई बार बदला गया। जिसका नक्शा बदलकर कई चीजें गायब कर दी गई, जबकि फ्लैट बेचते समय उन चीजों के नाम पर ही लोगों से 75-75 हजार रुपये ज्यादा लिए गए। इस मामले में टीडीआई के फ्लैट मालिकों ने बिल्डर के खिलाफ अपने बयान भी दर्ज कराए है। वहीं एसपी से मिलकर फिर से शिकायत दी गई है, जिसमें टीडीआई के मालिकों पर जल्द मुकदमा दर्ज करने की मांग की गई है।
टीडीआई बिल्डर ने कुंडली में अपनी टाउनशिप में माई फ्लोर-2 बनाया था, जहां 2013 में फ्लैट बेचते समय नक्शे में क्लब, मेन गेट, बाउंड्री सब कुछ दिखाई गई थी। उस समय क्लब के नाम पर सभी फ्लैट लेने वालों से 75-75 हजार रुपये ज्यादा लिए गए थे जो क्लब की मेंबरशिप के नाम पर लिए गए। लेकिन फ्लैट के पूरे पैसे आने के बाद टीडीआई बिल्डर ने डीटीपी कार्यालय में नक्शा रिवाइज करने की कार्रवाई शुरू कर दी। जिसमें डीटीपी कार्यालय ने बिना जांच किए ही दूसरा नक्शा जारी कर दिया और वहां फ्लैट लेने वालों को इस बारे में बताया तक नहीं गया। उस दूसरे नक्शे में क्लब, एक गेट व चहारदीवारी सब कुछ गायब कर दिया गया और इस तरह से क्लब के नाम पर बताकर 75-75 हजार रुपये हड़प लिए गए। इसके अलावा फ्लैट धारकों ने जब 2013 में 90 प्रतिशत पेमेंट पहले जमा करा दी और उनको पजेशन लेटर दिया गया तो उनकी लगभग 2 लाख रुपये की राशि बाकी थी। लेकिन टीडीआई बिल्डर ने बिना बताए फ्लैट का एरिया बढ़ा दिया और उसे 900 स्कवायर फुट से 1138 स्कवायर फुट कर दिया गया। जिसके बदले उनसे 10 लाख रुपये जबरन ले लिए गए, क्योंकि उन्होंने अपने पुराने रुपये वापस मांगे तो वह वापस देने से इंकार कर दिया गया। टीडीआई में रहने वाले मोहिनी सिंह, किरण कुमार, ओम प्रकाश, संजय दुग्गल, रमेश कुमार गर्ग, आशीष बाल्याण, नारायण कुकरेजा, डीके पाठक ने अपने यह बयान सीएम विंडो पर दी शिकायत की जांच में डीटीपी को दर्ज कराए है। वहीं टीडीआई बिल्डर पर मुकदमा दर्ज कराने के लिए एडवोकेट सुशील सिंह फिर से एसपी से मिले और उनको शिकायत देकर बिल्डर पर जल्द से जल्द मुकदमा करने की मांग की गई। एसपी सतेंद्र गुप्ता ने उनसे कहा कि इस मामले में डीएसपी जांच कर रहे है और उस जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन