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पार्षद का धरना तीसरे दिन भी जारी, जान को खतरा बताया
Updated Fri, 09 Jun 2017 08:43 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
गोहाना।
नगर परिषद में शुरू हुई पार्षद व चेयरपर्सन की जंग बढ़ती जा रही है। नप कार्यालय में तीसरे दिन धरने पर बैठे वार्ड 18 के पार्षद जगबीर पांचाल ने अब नगर परिषद के अधिकारियों व चेयरर्पसन से जान को खतरा बताया है। उनका कहना है कि वह जिस तरह से इन सभी के भ्रष्टाचार की पोल खोलने के लिए आंदोलन कर रहे हैं, उसको देखते हुए ये जान को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
नप कार्यालय में तीन दिन से धरने पर बैठे पार्षद जगबीर पांचाल के तेवर लगातार तलख होते जा रहे हैं। उनका कहना है कि चेयरपर्सन व नप के अधिकारी खुलेआम भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहे हैं और उनका धरने पर बैठना इस कारण काफी लोगों को रास नहीं आ रहा है। इस कारण ही उनकी जान को खतरा है। उनका कहना है कि धरने पर बैठने से पहले उन्होंने चेयरपर्सन के पति के खिलाफ शहर थाना पुलिस में लिखित शिकायत भी की थी, जिस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। उसका कहना है कि अब मामला गंभीर होता जा रहा है और उसके साथ कोई भी घटना घट सकती है।
नप में शुरू हुआ कुर्सी का खेल
पार्षद जगबीर के धरने पर बैठने के बाद कुर्सी का खेल भी शुरू हो गया है और चेयरपर्सन रजनी विरमानी का विरोधी गुट लगातार धरने पर बैठे पार्षद जगबीर पांचाल का समर्थन कर रहा है क्योंकि भ्रष्टाचार के मामले में जांच शुरू होती है और उसमें किसी को संलिप्त पाया जाता है तो उस पर गाज गिरनी तय है। वहीं, चेयरपर्सन पर भी उसको लेकर सवाल उठने लाजमी है। इसको देखते हुए ही विरोधी गुट पूरी तरह से सक्रिय हो गया है।
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हर बात का सामना करने के लिए तैयार
नगर परिषद की चेयरपर्सन रजनी विरमानी ने पार्षद जगबीर पांचाल के आरोपों को नकारते हुए कहा कि यह सब कुर्सी के लिए हो रहा है। पार्षद द्वारा जान का खतरा बताने के आरोपों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि उनके पति ने कोई धमकी नहीं दी। पार्षद कुछ नेताओं के हाथ की कठपुतली बना हुआ है। वह शहर में विकास में बाधा डाल रहा है, ताकि भाजपा को बदनाम किया जा सके। उन पर व उनके परिवार पर बेबुनियाद आरोप लगाए जा रहे हैं।
फोटो 05- नप कार्यालय में धरने पर बैठे पार्षद जगबीर पांचाल व अन्य।
गोहाना।
नगर परिषद में शुरू हुई पार्षद व चेयरपर्सन की जंग बढ़ती जा रही है। नप कार्यालय में तीसरे दिन धरने पर बैठे वार्ड 18 के पार्षद जगबीर पांचाल ने अब नगर परिषद के अधिकारियों व चेयरर्पसन से जान को खतरा बताया है। उनका कहना है कि वह जिस तरह से इन सभी के भ्रष्टाचार की पोल खोलने के लिए आंदोलन कर रहे हैं, उसको देखते हुए ये जान को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
नप कार्यालय में तीन दिन से धरने पर बैठे पार्षद जगबीर पांचाल के तेवर लगातार तलख होते जा रहे हैं। उनका कहना है कि चेयरपर्सन व नप के अधिकारी खुलेआम भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहे हैं और उनका धरने पर बैठना इस कारण काफी लोगों को रास नहीं आ रहा है। इस कारण ही उनकी जान को खतरा है। उनका कहना है कि धरने पर बैठने से पहले उन्होंने चेयरपर्सन के पति के खिलाफ शहर थाना पुलिस में लिखित शिकायत भी की थी, जिस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। उसका कहना है कि अब मामला गंभीर होता जा रहा है और उसके साथ कोई भी घटना घट सकती है।
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नप में शुरू हुआ कुर्सी का खेल
पार्षद जगबीर के धरने पर बैठने के बाद कुर्सी का खेल भी शुरू हो गया है और चेयरपर्सन रजनी विरमानी का विरोधी गुट लगातार धरने पर बैठे पार्षद जगबीर पांचाल का समर्थन कर रहा है क्योंकि भ्रष्टाचार के मामले में जांच शुरू होती है और उसमें किसी को संलिप्त पाया जाता है तो उस पर गाज गिरनी तय है। वहीं, चेयरपर्सन पर भी उसको लेकर सवाल उठने लाजमी है। इसको देखते हुए ही विरोधी गुट पूरी तरह से सक्रिय हो गया है।
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हर बात का सामना करने के लिए तैयार
नगर परिषद की चेयरपर्सन रजनी विरमानी ने पार्षद जगबीर पांचाल के आरोपों को नकारते हुए कहा कि यह सब कुर्सी के लिए हो रहा है। पार्षद द्वारा जान का खतरा बताने के आरोपों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि उनके पति ने कोई धमकी नहीं दी। पार्षद कुछ नेताओं के हाथ की कठपुतली बना हुआ है। वह शहर में विकास में बाधा डाल रहा है, ताकि भाजपा को बदनाम किया जा सके। उन पर व उनके परिवार पर बेबुनियाद आरोप लगाए जा रहे हैं।
फोटो 05- नप कार्यालय में धरने पर बैठे पार्षद जगबीर पांचाल व अन्य।