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सिंचाई विभाग ने उखाड़ा यमुना का बांध, पानी आने पर फसल डूबने का खतरा
Updated Tue, 16 Jan 2018 01:18 AM IST
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सिंचाई विभाग ने उखाड़ा यमुना का बांध, पानी आने पर फसल डूबने का खतरा
अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। गांव नांदनौर के पास यमुना के बांध पर पीला पंजा चलाकर से आधा उखाड़ दिया है। सिंचाई विभाग इसके पीछे खनन के ट्रकों को बांध से गुजरने से रोकने की बात कह रहा है। हालांकि अगर यमुना में पानी छोड़ा गया तो आसपास के गांवों के लिए खतरा बन सकता है। साथ ही खादर में फसल भी बर्बाद हो सकती है।
गांव नांदनौर के ग्रामीण जब सोमवार को यमुना के जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए बनाए गए बांध की तरफ गए तो बांध का आधा हिस्सा टूटा हुआ मिला। इस पर उन्हें अनहोनी की आशंका सताने लगी। उन्होंने पता किया तो जानकारी मिली कि सिंचाई विभाग की तरफ से ही बांध को काटा गया है। यमुना से खनन कर बांध के रास्ते निकालने वाले डंपरों को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है। इस पर लोगों ने रोष जताया अगर अब यमुना में अचानक पानी छोडना पड़ा तो टूटे बांध के चलते पानी उनके खेतों में घुस सकता है। साथ ही गांवों तक पानी आने की संभावना बन गई है।
वहीं सिंचाई विभाग के एक्सईएन अश्विन फौगाट ने बताया कि खनन कर निकलने वाले वाहनों को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है। उन्होंने बताया बांध से वाहन ले जाने की अनुमति नहीं है। जिसे देखकर ही यह कदम उठाया गया है।
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अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। गांव नांदनौर के पास यमुना के बांध पर पीला पंजा चलाकर से आधा उखाड़ दिया है। सिंचाई विभाग इसके पीछे खनन के ट्रकों को बांध से गुजरने से रोकने की बात कह रहा है। हालांकि अगर यमुना में पानी छोड़ा गया तो आसपास के गांवों के लिए खतरा बन सकता है। साथ ही खादर में फसल भी बर्बाद हो सकती है।
गांव नांदनौर के ग्रामीण जब सोमवार को यमुना के जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए बनाए गए बांध की तरफ गए तो बांध का आधा हिस्सा टूटा हुआ मिला। इस पर उन्हें अनहोनी की आशंका सताने लगी। उन्होंने पता किया तो जानकारी मिली कि सिंचाई विभाग की तरफ से ही बांध को काटा गया है। यमुना से खनन कर बांध के रास्ते निकालने वाले डंपरों को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है। इस पर लोगों ने रोष जताया अगर अब यमुना में अचानक पानी छोडना पड़ा तो टूटे बांध के चलते पानी उनके खेतों में घुस सकता है। साथ ही गांवों तक पानी आने की संभावना बन गई है।
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वहीं सिंचाई विभाग के एक्सईएन अश्विन फौगाट ने बताया कि खनन कर निकलने वाले वाहनों को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है। उन्होंने बताया बांध से वाहन ले जाने की अनुमति नहीं है। जिसे देखकर ही यह कदम उठाया गया है।
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