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किलोहड़द आईआईआईटी मामला : महापंचायत कर ग्रामीणों ने रखी पांच मांग
Updated Sun, 16 Jul 2017 12:23 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। गांव किलोहड़द में आईआईआईटी निर्माण को लेकर गतिरोध खत्म होने की उम्मीद के बीच आसपास के दर्जनों गांवों के प्रतिनिधियों ने महापंचायत की है। महापंचायत में प्रतिनिधियों के मांग ड्राफ्ट बनाकर शनिवार को गांव में पहुंचे सांसद रमेश कौशिक को सौंपा। किलोहड़द पंचायत पहले तीन मांग कर रही थी, अब महापंचायत ने पांच मांगों का मसौदा तैयार कर लिया है। ग्रामीणों ने आईआईआईटी में प्रस्तावित बूथ व कैंटीन ग्रामीणों को ही अलॉट करने की मांग की है। इसके अलावा इसमें बैंक, डिस्पेंसरी व बिजली-पानी जैसी सेवाओं का फायदा ग्रामीणों को भी मिले। इन दो मांगों को भी पुराने ड्राफ्ट में ग्रामीणों ने शामिल किया है। सांसद ने ग्राम पंचायत को इन सभी मांगों पर सरकार की ओर से सहमति बनाने के प्रयास का आश्वासन दिया गया है। कार्यक्रम में हरियाणा पिछड़ा वर्ग आयोग के चेयरमैन रामचंद्र जांगड़ा भी मौजूद रहे।
विदित रहे कि किलोहड़द में आईआईआईटी (इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इंफॉर्मेशन एंड टेक्नोलॉजी) का निर्माण शुरू किया गया था। दो माह पहले मंत्री कविता जैन ने इसका उद्घाटन किया था, लेकिन बाद में लीज डीड दोबारा कराने की मांग को लेकर ग्राम पंचायत ने आईआईआईटी का निर्माण रुकवा दिया था। वहीं, प्रशासन ने प्रोजेक्ट में रोड़ा अटकता देख निर्णय लिया था कि आईआईआईटी को किलोहड़द से स्थानांतरित कर खरखौदा में ले जाया जाएगा। ऐसे में किलोहड़द के ग्रामीणों, पूर्व सरपंच व आसपास के दर्जनों गांवों की ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधि आईआईआईटी के पक्ष में आए और इसे यहां से नहीं ले जाने देने का निर्णय लिया। नौ जुलाई को गांव में महापंचायत कर एक ड्राफ्ट तैयार किया गया, जिसमें तीन मांगें शामिल की गईं। अब इन मांगों को लेकर लगभग सहमति बनने के आसार दिखे तो गांव के सरपंच ने गांव में शनिवार को कार्यक्रम का आयोजन कर सांसद रमेश कौशिक और हरियाणा पिछड़ा आयोग के चेयरमैन रामचंद्र जांगड़ा को आमंत्रित किया गया। इसके अलावा क्षेत्र जिला पार्षद व ब्लाक समिति सदस्यों के अलावा किलोहड़द सरपंच के साथ-साथ सिटावली, जाजी, रत्तनगढ़, लोहारी टिब्बा, ठरू, जाहरी, सांदल खुर्द, शहजादपुर, चिटाना, हुल्लाहेड़ी सहित 15 गांवों के पंचायत प्रमुख मौजूद रहे।
इन मांगों का सौंपा गया ड्राफ्ट
प्रोजेक्ट में चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों में ग्रामीण युवाओं को तवज्जो व लिपिक वर्ग में योग्यतानुसार ग्रामीणों को मिले नौकरी
आईआईआईटी में बनने वाले बूथ व कैंटीन ग्रामीणों को अलॉट किए जाएं।
यहां पर लगने वाले बैंक व डिस्पैंसरी की सेवाएं ग्रामीणों को भी मिले।
परिसर में मिलने वाली बिजली व पानी की सुविधा गांव को भी बराबर मिले।
दाखिले में 5 प्रतिशत कोटा गांव का हो।
भ्रष्टाचार के आरोप में कार्रवाई की मांग
किलोहड़द के एक ग्रामीण ने सरपंच पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। आरटीआई से मांगी गई सूचनाओं के आधार कई घपले होने के अंदेशे के चलते जांच एसडीएम को सौंपी गई थी। हालांकि, एसडीएम का यहां से तबादला हो गया, लेकिन सरपंच के खिलाफ जांच अभी भी लंबित है। ग्रामीण राधेश्याम ने जांच की मांग की है।
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वहीं सरपंच अजीत कौर ने बताया कि आईआईआईटी का विरोध करने के कारण प्रशासन उन पर दबाव बना रहा था। यही कारण था कई प्रकार के आरोप लगाए गए। जांच एसडीएम कर रहे हैं। सभी आरोप निराधार हैं और जिन लोगों ने आरोप लगाए हैं वे विपक्षी दल से हैं।
किलोहड़द आईआईआईटी मामला : महापंचायत कर ग्रामीणों ने रखी पांच मांगें
गतिरोध खत्म होने की उम्मीद के बाद महापंचायत में जुटे प्रतिनिधि
महापंचायत में पहुंचे सांसद रमेश कौशिक को सौंपा ड्राफ्ट
सांसद ने कहा, ग्रामीणों की सभी मांगों को पूरा कराने का करेंगे प्रयास
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सोनीपत। गांव किलोहड़द में आईआईआईटी निर्माण को लेकर गतिरोध खत्म होने की उम्मीद के बीच आसपास के दर्जनों गांवों के प्रतिनिधियों ने महापंचायत की है। महापंचायत में प्रतिनिधियों के मांग ड्राफ्ट बनाकर शनिवार को गांव में पहुंचे सांसद रमेश कौशिक को सौंपा। किलोहड़द पंचायत पहले तीन मांग कर रही थी, अब महापंचायत ने पांच मांगों का मसौदा तैयार कर लिया है। ग्रामीणों ने आईआईआईटी में प्रस्तावित बूथ व कैंटीन ग्रामीणों को ही अलॉट करने की मांग की है। इसके अलावा इसमें बैंक, डिस्पेंसरी व बिजली-पानी जैसी सेवाओं का फायदा ग्रामीणों को भी मिले। इन दो मांगों को भी पुराने ड्राफ्ट में ग्रामीणों ने शामिल किया है। सांसद ने ग्राम पंचायत को इन सभी मांगों पर सरकार की ओर से सहमति बनाने के प्रयास का आश्वासन दिया गया है। कार्यक्रम में हरियाणा पिछड़ा वर्ग आयोग के चेयरमैन रामचंद्र जांगड़ा भी मौजूद रहे।
विदित रहे कि किलोहड़द में आईआईआईटी (इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इंफॉर्मेशन एंड टेक्नोलॉजी) का निर्माण शुरू किया गया था। दो माह पहले मंत्री कविता जैन ने इसका उद्घाटन किया था, लेकिन बाद में लीज डीड दोबारा कराने की मांग को लेकर ग्राम पंचायत ने आईआईआईटी का निर्माण रुकवा दिया था। वहीं, प्रशासन ने प्रोजेक्ट में रोड़ा अटकता देख निर्णय लिया था कि आईआईआईटी को किलोहड़द से स्थानांतरित कर खरखौदा में ले जाया जाएगा। ऐसे में किलोहड़द के ग्रामीणों, पूर्व सरपंच व आसपास के दर्जनों गांवों की ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधि आईआईआईटी के पक्ष में आए और इसे यहां से नहीं ले जाने देने का निर्णय लिया। नौ जुलाई को गांव में महापंचायत कर एक ड्राफ्ट तैयार किया गया, जिसमें तीन मांगें शामिल की गईं। अब इन मांगों को लेकर लगभग सहमति बनने के आसार दिखे तो गांव के सरपंच ने गांव में शनिवार को कार्यक्रम का आयोजन कर सांसद रमेश कौशिक और हरियाणा पिछड़ा आयोग के चेयरमैन रामचंद्र जांगड़ा को आमंत्रित किया गया। इसके अलावा क्षेत्र जिला पार्षद व ब्लाक समिति सदस्यों के अलावा किलोहड़द सरपंच के साथ-साथ सिटावली, जाजी, रत्तनगढ़, लोहारी टिब्बा, ठरू, जाहरी, सांदल खुर्द, शहजादपुर, चिटाना, हुल्लाहेड़ी सहित 15 गांवों के पंचायत प्रमुख मौजूद रहे।
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इन मांगों का सौंपा गया ड्राफ्ट
प्रोजेक्ट में चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों में ग्रामीण युवाओं को तवज्जो व लिपिक वर्ग में योग्यतानुसार ग्रामीणों को मिले नौकरी
आईआईआईटी में बनने वाले बूथ व कैंटीन ग्रामीणों को अलॉट किए जाएं।
यहां पर लगने वाले बैंक व डिस्पैंसरी की सेवाएं ग्रामीणों को भी मिले।
परिसर में मिलने वाली बिजली व पानी की सुविधा गांव को भी बराबर मिले।
दाखिले में 5 प्रतिशत कोटा गांव का हो।
भ्रष्टाचार के आरोप में कार्रवाई की मांग
किलोहड़द के एक ग्रामीण ने सरपंच पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। आरटीआई से मांगी गई सूचनाओं के आधार कई घपले होने के अंदेशे के चलते जांच एसडीएम को सौंपी गई थी। हालांकि, एसडीएम का यहां से तबादला हो गया, लेकिन सरपंच के खिलाफ जांच अभी भी लंबित है। ग्रामीण राधेश्याम ने जांच की मांग की है।
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वहीं सरपंच अजीत कौर ने बताया कि आईआईआईटी का विरोध करने के कारण प्रशासन उन पर दबाव बना रहा था। यही कारण था कई प्रकार के आरोप लगाए गए। जांच एसडीएम कर रहे हैं। सभी आरोप निराधार हैं और जिन लोगों ने आरोप लगाए हैं वे विपक्षी दल से हैं।
किलोहड़द आईआईआईटी मामला : महापंचायत कर ग्रामीणों ने रखी पांच मांगें
गतिरोध खत्म होने की उम्मीद के बाद महापंचायत में जुटे प्रतिनिधि
महापंचायत में पहुंचे सांसद रमेश कौशिक को सौंपा ड्राफ्ट
सांसद ने कहा, ग्रामीणों की सभी मांगों को पूरा कराने का करेंगे प्रयास