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जसराना माइनर टूटने से गुमाणा में 150 एकड़ फसल जलमग्न
Updated Mon, 23 Jul 2018 12:53 AM IST
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जसराना माइनर टूटने से गुमाणा में 150 एकड़ फसल जलमग्न
अमर उजाला ब्यूरो
गोहाना। गांव गुमाणा के खेतों के पास से गुजर रही जसराना माइनर रविवार सुबह टूट गई। जिससे गांव गुमाणा की करीब 150 एकड़ में खड़ी फसल जलमग्न हो गई। किसानों ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों पर माइनर की सफाई नहीं कराने का आरोप लगाते हुए रोष जताया और खराब फसल का मुआवजा दिए जाने की मांग की। किसानों ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों का घेराव करने की चेतावनी दी।
गांव गुमाणा निवासी किसान बिजेंद्र, करतार सिंह, रामकरण, रामकंवार, ब्रह्मजीत, ओमपाल आदि ने बताया कि सिंचाई विभाग ने जसराना माइनर की सफाई नहीं कराई। जिससे माइनर में झाड़ियां व घास उगी हुई है। उन्होंने कहा कि बारिश होने पर सिंचाई विभाग ने माइनर में क्षमता से अधिक पानी छोड़ दिया जाता, जिससे माइनर टूट जाती है और खेतों में खड़ी फसल पानी भरने से बर्बाद हो जाती है। किसानों ने कहा कि रविवार सुबह क्षमता से अधिक पानी छोड़े जाने से माइनर उसी जगह से टूटी, जहां से एक साल पहले टूटी थी। माइनर टूटने से 150 एकड़ में खड़ी धान, ज्वार, गन्ने आदि की फसल जलमग्न हो गई। उन्होंने कहा कि एक साल पहले माइनर टूटने के बाद सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने पक्का करने के बजाय कच्चा ही छोड़ दिया था। यहां लगातार पानी चलने से मिट्टी का कटाव हो गया और माइनर की पटरी टूट गई। किसानों ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों के प्रति रोष जताया। किसानों ने बर्बाद फसल का मुआवजा व माइनर को पक्का कराने की मांग की। किसानों ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों का घेराव करने की चेतावनी दी।
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अमर उजाला ब्यूरो
गोहाना। गांव गुमाणा के खेतों के पास से गुजर रही जसराना माइनर रविवार सुबह टूट गई। जिससे गांव गुमाणा की करीब 150 एकड़ में खड़ी फसल जलमग्न हो गई। किसानों ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों पर माइनर की सफाई नहीं कराने का आरोप लगाते हुए रोष जताया और खराब फसल का मुआवजा दिए जाने की मांग की। किसानों ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों का घेराव करने की चेतावनी दी।
गांव गुमाणा निवासी किसान बिजेंद्र, करतार सिंह, रामकरण, रामकंवार, ब्रह्मजीत, ओमपाल आदि ने बताया कि सिंचाई विभाग ने जसराना माइनर की सफाई नहीं कराई। जिससे माइनर में झाड़ियां व घास उगी हुई है। उन्होंने कहा कि बारिश होने पर सिंचाई विभाग ने माइनर में क्षमता से अधिक पानी छोड़ दिया जाता, जिससे माइनर टूट जाती है और खेतों में खड़ी फसल पानी भरने से बर्बाद हो जाती है। किसानों ने कहा कि रविवार सुबह क्षमता से अधिक पानी छोड़े जाने से माइनर उसी जगह से टूटी, जहां से एक साल पहले टूटी थी। माइनर टूटने से 150 एकड़ में खड़ी धान, ज्वार, गन्ने आदि की फसल जलमग्न हो गई। उन्होंने कहा कि एक साल पहले माइनर टूटने के बाद सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने पक्का करने के बजाय कच्चा ही छोड़ दिया था। यहां लगातार पानी चलने से मिट्टी का कटाव हो गया और माइनर की पटरी टूट गई। किसानों ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों के प्रति रोष जताया। किसानों ने बर्बाद फसल का मुआवजा व माइनर को पक्का कराने की मांग की। किसानों ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों का घेराव करने की चेतावनी दी।
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