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किसानों के धरने से परेशान 135 परिवारों ने किया सिंघु बॉर्डर से पलायन

Mon, 09 Aug 2021 12:03 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 09 Aug 2021 12:03 AM IST
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135 families troubled by farmers' Dharana
टीडीआई किंग्सबरी में हाथों में बैनर लेकर पलायन करने की घोषणा करते परिवारों के सदस्य। - फोटो : Sonipat
सोनीपत। राष्ट्रवादी परिवर्तन मंच के अध्यक्ष हेमंत नांदल का कहना है कि सिंघु बॉर्डर पर आठ माह से ज्यादा समय से चल रहे किसान आंदोलन के चलते स्थानीय लोगों की मुसीबत बढ़ गई है। व्यापार पर संकट के चलते बहुत से परिवार पलायन करने लगे हैं। बॉर्डर पर रास्ता बंद होने से कॉलोनी, फैक्टरी व रेजिडेंसियल टावर के अलावा स्थानीय लोग लगातार परेशानियों से जूझ रहे हैं।
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रविवार को मंच के बैनर तले दर्जनों लोगों ने टीडीआई कुंडली में रोष प्रदर्शन करते हुए ढोल बजाकर पलायन करने की घोषणा की। मंच के अध्यक्ष हेमंत नांदल ने बताया कि सिंघु बॉर्डर बंद होने की मार अब लोगों के जीवन पर स्पष्ट दिखने लगी है। जिससे लोगों को अब मजबूरी में अपने घर, फैक्टरी व दुकान कम दाम में बेचकर पलायन करने की नौबत आ गई है। करीब 15 परिवारों ने बताया कि अब उनको सरकार एवं आंदोलनकारियों से किसी तरह की कोई भी उम्मीद नहीं रह गई है। वह आर्थिक संकट में हैं। लोगों ने बताया कि धीरे-धीरे यहां से करीब 135 परिवार जा चुके हैं। पलायन करने वालों की संख्या आगे बढ़ेगी। इन परिवारों में कर्मचारी, व्यापारी, उद्योगपति व अन्य क्षेत्रों में काम करने वाले शामिल हैं। जिनका सामूहिक रूप से कहना है कि सोनीपत में अब किसी तरह का कोई भविष्य उनके लिए नहीं रह गया है।
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सरकार से उठ चुका भरोसा, अब पलायन ही एकमात्र उपाय
15 अगस्त के बाद पलायन करने का निर्णय लेने वाले महेश अनेजा व रवि अग्रवाल ने संयुक्त रूप से कहा कि उनकी सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं, वह पलायन करने को मजबूर हैं। वह 7 साल पहले दिल्ली से सोनीपत में शांति से अपना जीवन यापन करने आए थे, परंतु अब उनका सपना टूट चुका है। सरकार ने भी स्थानीय लोगों को लावारिस की तरह छोड़ दिया है। दूसरी तरफ आंदोलनकारियों से भी उनको भाईचारे के नाते एक तरफ का रास्ता खोलने की कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही है। टीडीआई के पूर्व आरडब्ल्यूए अध्यक्ष रामफल शर्मा ने बताया कि टीडीआई, अंसल, जिंदल और पारकर जैसे टावरों से बहुत से लोग जाने को मजबूर हैं।
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किसान आंदोलन का विरोध नहीं, लेकिन उनकी समस्या समझे सरकार
राष्ट्रवादी परिवर्तन मंच के अध्यक्ष हेमंत नांदल ने कहा कि उनका प्रयास लगातार जारी है और रोड खुलने तक यह लोग एक तरफ का रास्ता खुलवाने की मांग करते रहेंगे। मंच किसान आंदोलन का किसी भी तरह विरोध नहीं करता और केवल अपने क्षेत्र की समस्या उठा रहा है और चाहता है कि सरकार और किसान दोनों ही क्षेत्र को बर्बाद होने से बचाए और इसका समाधान निकाला जाए।
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