{"_id":"5963d31e4f1c1bf15a8b476a","slug":"121499714334-sonipat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नंदीशालाओं व पशुबाड़ों का निर्माण प्रबंध अंतिम चरण में : एसडीएम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नंदीशालाओं व पशुबाड़ों का निर्माण प्रबंध अंतिम चरण में : एसडीएम
Updated Tue, 11 Jul 2017 01:19 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सोनीपत। एसडीएम निशांत यादव ने कहा कि सड़कों पर घूमने वाले पशुओं को पशु बाड़ों, नंदीशालाओं और गौशालाओं में पुर्नवास करने के लिए कार्य अंतिम चरण में है। कई नंदीशालाओं का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है और कई गांवों में पशु बाड़ों का निर्माण किया जा रहा है। एसडीएम सोमवार को लघु सचिवालय परिसर में जिला को स्टे कैटल मुक्त करने के लिए प्रगति की समीक्षा कर रहे थे।
एसडीएम यादव ने कहा कि जिले में सड़कों पर घूमने वाली गाय और नंदी कई बार बड़े हादसों का कारण बनते हैं। ऐसे में इनका पुर्नवास कर इन्हें नंदीशालाओं और गोशालाओं में शिफ्ट किया जा रहा है। इसके लिए गांवों में पशु बाड़ों का निर्माण किया जा रहा है। शहर में नंदीशालाओं के निर्माण को लेकर उन्होंने कहा कि हरसाना कलां गांव में नंदीशाला में नंदी शिफ्ट हो चुके हैं और कुमासपुर में नंदीशाला का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। गोहाना में नंदीशाला के निर्माण और संचालन को लेकर भी उन्होंने कहा कि यहां नंदीशाला में 300 से अधिक बैल स्थानांतरित हो चुके हैं। गन्नौर को लेकर उन्होंने कहा कि गन्नौर को सबसे पहला स्टे कैटल फ्री उपमंडल बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि गन्नौर में मौजूदा समय में मात्र 20 या 30 नंदी ही सड़कों पर हैं। इस दौरान डीडीपीओ नरेंद्र धनखड़, डॉ. ऋतु, बीडीपीओ गन्नौर पूनम चंदी, सभी नगर पालिकाओं के सचिव सहित कई गौशालाओं के संचालक मौजूद रहे।
विज्ञापन
एसडीएम यादव ने कहा कि जिले में सड़कों पर घूमने वाली गाय और नंदी कई बार बड़े हादसों का कारण बनते हैं। ऐसे में इनका पुर्नवास कर इन्हें नंदीशालाओं और गोशालाओं में शिफ्ट किया जा रहा है। इसके लिए गांवों में पशु बाड़ों का निर्माण किया जा रहा है। शहर में नंदीशालाओं के निर्माण को लेकर उन्होंने कहा कि हरसाना कलां गांव में नंदीशाला में नंदी शिफ्ट हो चुके हैं और कुमासपुर में नंदीशाला का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। गोहाना में नंदीशाला के निर्माण और संचालन को लेकर भी उन्होंने कहा कि यहां नंदीशाला में 300 से अधिक बैल स्थानांतरित हो चुके हैं। गन्नौर को लेकर उन्होंने कहा कि गन्नौर को सबसे पहला स्टे कैटल फ्री उपमंडल बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि गन्नौर में मौजूदा समय में मात्र 20 या 30 नंदी ही सड़कों पर हैं। इस दौरान डीडीपीओ नरेंद्र धनखड़, डॉ. ऋतु, बीडीपीओ गन्नौर पूनम चंदी, सभी नगर पालिकाओं के सचिव सहित कई गौशालाओं के संचालक मौजूद रहे।
विज्ञापन