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डिप्टी रजिस्ट्रार के रिटायरमेंट की फाइल दबाई, यूनिवर्सिटी को भेजा लीगल नोटिस
Updated Tue, 04 Jul 2017 01:23 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत।
दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी यूनिवर्सिटी मुरथल के डिप्टी रजिस्ट्रार को जबरन रिटायर्ड करने की फाइल दबा दी गई है। इससे यूनिवर्सिटी प्रशासन की मुश्किल बढ़ती नजर आ रही है, क्योंकि डिप्टी रजिस्ट्रार को रिटायर्ड नहीं करने पर यूनिवर्सिटी को लीगल नोटिस भेजा गया है। डिप्टी रजिस्ट्रार यूनिवर्सिटी की एक महिला कर्मी के साथ छेड़छाड़ के मामले में फंसे थे और उन पर मुकदमा दर्ज कराया गया था। इस कारण ईसी की मीटिंग में उनको जबरन रिटायर्ड करने का फैसला लिया गया था, लेकिन उनको नोटिस जारी करने के बाद यूनिवर्सिटी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने फाइल को दबा दिया है। अब इस मामले में फाइल को दबाने वाले जिम्मेदार लोग भी कोर्ट तक जा सकते हैं कि आखिर अभी तक ईसी के फैसले पर अमल क्यों नहीं किया गया।
मुरथल यूनिवर्सिटी में पिछले साल एक महिला कर्मी ने डिप्टी रजिस्ट्रार आरके वर्मा पर छेड़छाड़ का आरोप लगाया था और उसमें मुकदमा भी दर्ज करा दिया गया था। उस समय डिप्टी रजिस्ट्रार को सस्पेंड कर दिया गया था और उसके बाद बहाल किया गया, लेकिन जनवरी 2017 की ईसी (एग्जीक्यूटिव काउंसिल) की मीटिंग में उनको समय से पहले ही रिटायर्ड करने का फैसला लिया गया था। वीसी प्रो. टंकेश्वर कुमार की अध्यक्षता में हुई मीटिंग में फैसला हुआ था कि डिप्टी रजिस्ट्रार की नौकरी के अभी लगभग चार साल बचे हुए है, लेकिन जिस तरह के आरोप उनपर लगे हुए है उनको देखते हुए जबरन रिटायरमेंट दिया जाए। इसके लिए डिप्टी रजिस्ट्रार को शो-कॉज नोटिस भी जारी किया गया था। ईसी की मीटिंग के उस फैसले को पांच महीने से ज्यादा का समय बीत चुका है, लेकिन अभी तक उस मामले में आगे कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इसका सबसे बड़ा कारण यूनिवर्सिटी के एक वरिष्ठ अधिकारी के उस फाइल को दबाकर रखना है, जिससे पूरी कार्रवाई को अटका दिया गया है। आरोप है कि वह वरिष्ठ अधिकारी कई महीने से उस फाइल को अपने पास दबाकर बैठा हुआ है। इस कारण ही महिला कर्मी के वकील नसीब सिंह दलाल की ओर से यूनिवर्सिटी को लीगल नोटिस जारी कर दिया गया है। उस नोटिस में कहा गया है कि छेड़छाड़ के मामले में यूनिवर्सिटी के वूमेन सेल की ओर से जांच की गई और उसके बाद ही डिप्टी रजिस्ट्रार को रिटायरमेंट देने का फैसला लिया गया था। उसके बावजूद अभी तक इस मामले में कार्रवाई नहीं की जा रही है। इस तरह महिला कर्मी का मानसिक उत्पीड़न किया जा रहा है जो पूरी तरह से गलत है। इस तरह का नोटिस भेजे जाने से यूनिवर्सिटी में हड़कंप मचा हुआ है।
महिला कर्मी को धमकी देकर बनाया जा रहा दबाव
महिला कर्मी के वकील नसीब सिंह दलाल ने बताया कि डिप्टी रजिस्ट्रार को जबरन रिटायरमेंट देने की फाइल को केवल इसलिए दबाया जा रहा है, जिससे पीड़िता पर दबाव बनाया जा सके। उनके अनुसार यूनिवर्सिटी के कुछ अधिकारी लगातार पीड़िता को धमकी दे रहे हैं कि वह समझौता नहीं करती है तो उसको सस्पेंड कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि अगर फिर से धमकी दी गई तो ऐसा करने वालों के खिलाफ भी पुलिस में शिकायत दी जाएगी। वहीं, डिप्टी रजिस्ट्रार को रिटायरमेंट मामले में कार्रवाई नहीं की गई तो आगे कानूनी कदम उठाया जाएगा।
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एग्जीक्यूटिव काउंसिल की मीटिंग में डिप्टी रजिस्ट्रार आरके वर्मा को कंपलसरी रिटायरमेंट देने का फैसला लिया गया था और उसके लिए नोटिस भी जारी कर दिया गया था। एग्जीक्यूटिव काउंसिल की मीटिंग में लिए गए फैसले को अगली मीटिंग तक निपटाना होता है, लेकिन इस मामले में कुछ कागजात मांगे गए थे। इसलिए कुछ देरी हो रही है, लेकिन इतनी देरी किस लिए हुई है इसके बारे में यूनिवर्सिटी जाकर पता कराया जाएगा।
- प्रो. टंकेश्वर कुमार, वीसी मुरथल यूनिवर्सिटी
डिप्टी रजिस्ट्रार के रिटायरमेंट की फाइल दबाई, यूनिवर्सिटी को भेजा लीगल नोटिस
मुरथल यूनिवर्सिटी के डिप्टी रजिस्ट्रार को छेड़छाड़ मामले में दिया जाना है जबरन रिटायरमेंट
ईसी की मीटिंग में लिया गया था रिटायर्ड करने का फैसला, एक वरिष्ठ अधिकारी ने फाइल दबाई
जनवरी में फैसला होने के बावजूद अभी तक दबी है फाइल, वकील के नोटिस भेजने से हड़कंप
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सोनीपत।
दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी यूनिवर्सिटी मुरथल के डिप्टी रजिस्ट्रार को जबरन रिटायर्ड करने की फाइल दबा दी गई है। इससे यूनिवर्सिटी प्रशासन की मुश्किल बढ़ती नजर आ रही है, क्योंकि डिप्टी रजिस्ट्रार को रिटायर्ड नहीं करने पर यूनिवर्सिटी को लीगल नोटिस भेजा गया है। डिप्टी रजिस्ट्रार यूनिवर्सिटी की एक महिला कर्मी के साथ छेड़छाड़ के मामले में फंसे थे और उन पर मुकदमा दर्ज कराया गया था। इस कारण ईसी की मीटिंग में उनको जबरन रिटायर्ड करने का फैसला लिया गया था, लेकिन उनको नोटिस जारी करने के बाद यूनिवर्सिटी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने फाइल को दबा दिया है। अब इस मामले में फाइल को दबाने वाले जिम्मेदार लोग भी कोर्ट तक जा सकते हैं कि आखिर अभी तक ईसी के फैसले पर अमल क्यों नहीं किया गया।
मुरथल यूनिवर्सिटी में पिछले साल एक महिला कर्मी ने डिप्टी रजिस्ट्रार आरके वर्मा पर छेड़छाड़ का आरोप लगाया था और उसमें मुकदमा भी दर्ज करा दिया गया था। उस समय डिप्टी रजिस्ट्रार को सस्पेंड कर दिया गया था और उसके बाद बहाल किया गया, लेकिन जनवरी 2017 की ईसी (एग्जीक्यूटिव काउंसिल) की मीटिंग में उनको समय से पहले ही रिटायर्ड करने का फैसला लिया गया था। वीसी प्रो. टंकेश्वर कुमार की अध्यक्षता में हुई मीटिंग में फैसला हुआ था कि डिप्टी रजिस्ट्रार की नौकरी के अभी लगभग चार साल बचे हुए है, लेकिन जिस तरह के आरोप उनपर लगे हुए है उनको देखते हुए जबरन रिटायरमेंट दिया जाए। इसके लिए डिप्टी रजिस्ट्रार को शो-कॉज नोटिस भी जारी किया गया था। ईसी की मीटिंग के उस फैसले को पांच महीने से ज्यादा का समय बीत चुका है, लेकिन अभी तक उस मामले में आगे कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इसका सबसे बड़ा कारण यूनिवर्सिटी के एक वरिष्ठ अधिकारी के उस फाइल को दबाकर रखना है, जिससे पूरी कार्रवाई को अटका दिया गया है। आरोप है कि वह वरिष्ठ अधिकारी कई महीने से उस फाइल को अपने पास दबाकर बैठा हुआ है। इस कारण ही महिला कर्मी के वकील नसीब सिंह दलाल की ओर से यूनिवर्सिटी को लीगल नोटिस जारी कर दिया गया है। उस नोटिस में कहा गया है कि छेड़छाड़ के मामले में यूनिवर्सिटी के वूमेन सेल की ओर से जांच की गई और उसके बाद ही डिप्टी रजिस्ट्रार को रिटायरमेंट देने का फैसला लिया गया था। उसके बावजूद अभी तक इस मामले में कार्रवाई नहीं की जा रही है। इस तरह महिला कर्मी का मानसिक उत्पीड़न किया जा रहा है जो पूरी तरह से गलत है। इस तरह का नोटिस भेजे जाने से यूनिवर्सिटी में हड़कंप मचा हुआ है।
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महिला कर्मी को धमकी देकर बनाया जा रहा दबाव
महिला कर्मी के वकील नसीब सिंह दलाल ने बताया कि डिप्टी रजिस्ट्रार को जबरन रिटायरमेंट देने की फाइल को केवल इसलिए दबाया जा रहा है, जिससे पीड़िता पर दबाव बनाया जा सके। उनके अनुसार यूनिवर्सिटी के कुछ अधिकारी लगातार पीड़िता को धमकी दे रहे हैं कि वह समझौता नहीं करती है तो उसको सस्पेंड कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि अगर फिर से धमकी दी गई तो ऐसा करने वालों के खिलाफ भी पुलिस में शिकायत दी जाएगी। वहीं, डिप्टी रजिस्ट्रार को रिटायरमेंट मामले में कार्रवाई नहीं की गई तो आगे कानूनी कदम उठाया जाएगा।
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एग्जीक्यूटिव काउंसिल की मीटिंग में डिप्टी रजिस्ट्रार आरके वर्मा को कंपलसरी रिटायरमेंट देने का फैसला लिया गया था और उसके लिए नोटिस भी जारी कर दिया गया था। एग्जीक्यूटिव काउंसिल की मीटिंग में लिए गए फैसले को अगली मीटिंग तक निपटाना होता है, लेकिन इस मामले में कुछ कागजात मांगे गए थे। इसलिए कुछ देरी हो रही है, लेकिन इतनी देरी किस लिए हुई है इसके बारे में यूनिवर्सिटी जाकर पता कराया जाएगा।
- प्रो. टंकेश्वर कुमार, वीसी मुरथल यूनिवर्सिटी
डिप्टी रजिस्ट्रार के रिटायरमेंट की फाइल दबाई, यूनिवर्सिटी को भेजा लीगल नोटिस
मुरथल यूनिवर्सिटी के डिप्टी रजिस्ट्रार को छेड़छाड़ मामले में दिया जाना है जबरन रिटायरमेंट
ईसी की मीटिंग में लिया गया था रिटायर्ड करने का फैसला, एक वरिष्ठ अधिकारी ने फाइल दबाई
जनवरी में फैसला होने के बावजूद अभी तक दबी है फाइल, वकील के नोटिस भेजने से हड़कंप