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Sonipat News: 11 निजी खेल नर्सरी को मिली मंजूरी, संख्या 102 हुई
Sat, 02 May 2026 11:12 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Sat, 02 May 2026 11:12 PM IST
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सोनीपत। खेलों को बढ़ावा देने के लिए खेल विभाग ने 11 नई प्राइवेट खेल नर्सरियों को मंजूरी प्रदान की है। अब सरकारी और गैर-सरकारी खेल नर्सरियों की संख्या 102 हो गई है।
इससे पहले जिले में 91 खेल नर्सरियां संचालित हो रही थीं। नई नर्सरियों के शुरू होने से खिलाडिय़ों को न केवल आधुनिक और बेहतर प्रशिक्षण सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों के युवाओं को अपनी प्रतिभा निखारने के लिए अधिक अवसर भी उपलब्ध होंगे। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल भविष्य में जिले के खिलाडिय़ों को राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने के लिए मजबूत आधार प्रदान करेगी।
खेल विभाग के अनुसार जिन निजी संस्थाओं को नर्सरी संचालन की अनुमति दी गई है उन्हें खेल निदेशालय के निर्धारित सभी नियमों और मानकों का कड़ाई से पालन करना अनिवार्य होगा। किसी भी प्रकार की लापरवाही या नियमों के उल्लंघन पर संबंधित नर्सरी की मान्यता रद्द की जा सकती है।
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जिले में पहले 23 सरकारी खेल नर्सरियां थीं, जबकि मार्च माह के अंत तक 68 प्राइवेट नर्सरियों को मंजूरी दी गई थी। अब 11 और नई प्राइवेट नर्सरियों के जुडऩे से यह संख्या बढकऱ 102 के करीब पहुंच गई है।
नई स्वीकृत नर्सरियों में कबड्डी (कोहला व पुरखास राठी) कुश्ती व एथलेटिक्स (आहुलाना), हैंडबाल (गढ़ी हकीकत), बास्केटबॉल (खेवड़ा), बॉक्सिंग (नगरपालिका खरखौदा), फुटबॉल (गंगाना), कराटे (नगर परिषद गोहाना) तथा कुश्ती (रेवली व जुंआ) शामिल हैं।
जिला खेल अधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि खिलाडिय़ों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है। सभी नर्सरियों को निर्देश दिए गए हैं कि वह निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करें।
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इससे पहले जिले में 91 खेल नर्सरियां संचालित हो रही थीं। नई नर्सरियों के शुरू होने से खिलाडिय़ों को न केवल आधुनिक और बेहतर प्रशिक्षण सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों के युवाओं को अपनी प्रतिभा निखारने के लिए अधिक अवसर भी उपलब्ध होंगे। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल भविष्य में जिले के खिलाडिय़ों को राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने के लिए मजबूत आधार प्रदान करेगी।
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खेल विभाग के अनुसार जिन निजी संस्थाओं को नर्सरी संचालन की अनुमति दी गई है उन्हें खेल निदेशालय के निर्धारित सभी नियमों और मानकों का कड़ाई से पालन करना अनिवार्य होगा। किसी भी प्रकार की लापरवाही या नियमों के उल्लंघन पर संबंधित नर्सरी की मान्यता रद्द की जा सकती है।
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जिले में पहले 23 सरकारी खेल नर्सरियां थीं, जबकि मार्च माह के अंत तक 68 प्राइवेट नर्सरियों को मंजूरी दी गई थी। अब 11 और नई प्राइवेट नर्सरियों के जुडऩे से यह संख्या बढकऱ 102 के करीब पहुंच गई है।
नई स्वीकृत नर्सरियों में कबड्डी (कोहला व पुरखास राठी) कुश्ती व एथलेटिक्स (आहुलाना), हैंडबाल (गढ़ी हकीकत), बास्केटबॉल (खेवड़ा), बॉक्सिंग (नगरपालिका खरखौदा), फुटबॉल (गंगाना), कराटे (नगर परिषद गोहाना) तथा कुश्ती (रेवली व जुंआ) शामिल हैं।
जिला खेल अधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि खिलाडिय़ों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है। सभी नर्सरियों को निर्देश दिए गए हैं कि वह निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करें।