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कुंडली को नगर पालिका बनाने के बाद थमा विकास, लोग परेशान होकर विरोध में पहुंच गए कोर्ट

Wed, 06 Feb 2019 12:20 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 06 Feb 2019 12:20 AM IST
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कुंडली को नगर पालिका बनाने के बाद थमा विकास, लोग परेशान होकर विरोध में पहुंच गए कोर्ट
कुंडली गांव को दिया था नगर पालिका का दर्जा, वहां चल रहे विकास के काम भी रोक दिए गए
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अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। कुंडली गांव को सरकार ने नगर पालिका बनाते हुए विकास के सपने जरूर दिखाए, लेकिन अब वहां हालात ज्यादा बदतर हो गए हैं। कुंडली को नगर पालिका बने हुए तीन माह से ज्यादा का समय बीत चुका है और वहां पहले से चल रहे विकास कार्य भी थम गए हैं। इसके अलावा सफाई व्यवस्था पूरी तरह से ठप हो गई तो गलियों में पानी भरा रहता है। इस तरह परेशानी बढ़ने पर कई लोग हाईकोर्ट में पहुंच गए हैं और याचिका डालकर कहा है कि हमें नगर पालिका नहीं चाहिए पंचायत ही रहने दें।
कुंडली को नगर पालिका बनाए जाने की घोषणा सीएम मनोहर लाल काफी पहले कर चुके थे। लेकिन सीएम मनोहर लाल ने 2017 में कुंडली को नगर पालिका बनाने के लिए कार्रवाई शुरू कराने की बात कही थी और इसका सर्वे करने के लिए अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई थी। डीसी विनय सिंह की अध्यक्षता में कुंडली का पूरा सर्वे किया गया था, जहां आबादी, जमीन, आय के साधन, लोगों की सुविधाएं आदि कई बिंदुओं पर रिपोर्ट तैयार की गई थी। यह रिपोर्ट तैयार करके शासन को लगभग पांच महीने पहले भेजी गई थी, लेकिन उसके बाद से सरकार को आगे फैसला लेना था। जिसपर शहरी स्थानीय निकाय के प्रधान सचिव ने कुंडली को नगर पालिका बनाने की अधिसूचना जारी कर आपत्ति मांगी थी। जिसमें पांच आपत्तियां आने पर सुनवाई के बाद कुंडली पंचायत को अक्टूबर 18 में खत्म कर दिया गया था और नगर पालिका का दर्जा दिया गया था। लेकिन कुंडली को नगर पालिका बनाए जाने के बाद के वहां के लोगों के लिए परेशानी खड़ी हो गई। वहां पहले से जितने विकास कार्य चल रहे थे, वह सभी कार्य बंद करा दिए गए। वहां सफाई व्यवस्था तक ठप हो गई तो हर जगह गंदगी का अंबार लगा हुआ है। वहां बदबू के कारण लोगों को रहना मुश्किल हो गया है। इसके अलावा गलियों में दूषित पानी भरा रहता है, जिसकी निकासी के कोई प्रबंध तक नहीं हैं। इन सभी समस्याओं को देखते हुए छह लोग कोर्ट में चले गए हैं, जहां उन्होंने कुंडली को नगर पालिका बनाए जाने के बाद हालात बदतर होने की बात कहते हुए दोबारा से पंचायत बनाने के लिए याचिका डाली है। इस तरह कुंडली को पंचायत बनाने का मामला भी कोर्ट तक पहुंचने से नया विवाद शुरू हो गया है और इसका निपटारा कोर्ट के सहारे ही किया जाएगा।
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नगर पालिका बनाने पर सरपंच समेत तमाम लोगों ने जताई थी आपत्ति
कुंडली को नगर पालिका बनाए जाने को लेकर जब आपत्तियां मांगी गई थी तो पंचायत, पंच पिंकी व रामबिहारी के अलावा दीपक व विकास खत्री ने आपत्ति दर्ज कराई थी। सरपंच मनीष ने कहा था कि गांव में 25 से ज्यादा विकास कार्य चल रहे हैं और इन सभी कार्यों को पंचायत करा रही है। नगर पालिका बनने के बाद शुरूआत में कोई कार्य नहीं होगा, जिससे यह कार्य भी रुक सकते हैं। इस कारण पहले इन सभी विकास कार्यों को पूरा होने देने की बाद ही कुंडली को नगर पालिका बनाने की बात कही गई थी। लेकिन उसके बावजूद कुंडली को नगर पालिका घोषित कर दिया गया था।
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