{"_id":"5c06d48ebdec2241427bbe8c","slug":"101543951502-sonipat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मनुष्य को हमेशा भगवान का स्मरण करना चाहिए: श्यामजी महाराज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मनुष्य को हमेशा भगवान का स्मरण करना चाहिए: श्यामजी महाराज
Updated Wed, 05 Dec 2018 12:55 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मनुष्य को हमेशा भगवान का स्मरण करना चाहिए: श्यामजी महाराज
अमर उजाला ब्यूरो
गन्नौर। श्री शिव मंदिर सनातन धर्म सभा गन्नौर की ओर से श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। तीसरे दिन मंगलवार को कथावाचक श्याम जी महाराज ने सती चरित्र व ध्रुव भक्त की कथा का वर्णन किया।
श्याम जी महाराज ने कहा कि भगवान को पाने के लिए अधिक उम्र का होना या धन का होना आवश्यक नहीं है। भक्त ध्रुव ने साढ़े पांच वर्ष की उम्र में ही भगवान को तपस्या कर के प्राप्त कर लिया था। भागवत में लिखा है कि भगवान धु्रव को दर्शन देने नहीं, बल्कि ध्रुव का दर्शन करने के लिए आए। उन्होंने बताया कि बुरे संग में होने के बाद भी अजामिल जैसे डाकू भी भगवान के नाम और संतों की कृपा से परम पद को प्राप्त कर गया। इसलिए मनुष्य को जीवन में हमेशा भगवान का स्मरण करते रहना चाहिए। इस दौरान अरूण त्यागी, जयपाल शर्मा, सतीश त्यागी, राजेंद्र त्यागी, जयभगवान शर्मा, धर्मबीर कौशिक, सुशील त्यागी, विनोद शर्मा, राजनीश त्यागी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
गन्नौर। श्री शिव मंदिर सनातन धर्म सभा गन्नौर की ओर से श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। तीसरे दिन मंगलवार को कथावाचक श्याम जी महाराज ने सती चरित्र व ध्रुव भक्त की कथा का वर्णन किया।
श्याम जी महाराज ने कहा कि भगवान को पाने के लिए अधिक उम्र का होना या धन का होना आवश्यक नहीं है। भक्त ध्रुव ने साढ़े पांच वर्ष की उम्र में ही भगवान को तपस्या कर के प्राप्त कर लिया था। भागवत में लिखा है कि भगवान धु्रव को दर्शन देने नहीं, बल्कि ध्रुव का दर्शन करने के लिए आए। उन्होंने बताया कि बुरे संग में होने के बाद भी अजामिल जैसे डाकू भी भगवान के नाम और संतों की कृपा से परम पद को प्राप्त कर गया। इसलिए मनुष्य को जीवन में हमेशा भगवान का स्मरण करते रहना चाहिए। इस दौरान अरूण त्यागी, जयपाल शर्मा, सतीश त्यागी, राजेंद्र त्यागी, जयभगवान शर्मा, धर्मबीर कौशिक, सुशील त्यागी, विनोद शर्मा, राजनीश त्यागी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन