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24 करोड़ के आरओबी निर्माण की समय सीमा समाप्त, आधा ही बन पाया पुल
Updated Thu, 23 Aug 2018 01:04 AM IST
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निर्माण कार्य की समय सीमा समाप्त होने के बाद भी आधा ही बन पाया आरओबी
अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। गोहाना रोड बाईपास स्थित सोनीपत-जींद रेलवे लाइन पर ओवरब्रिज के निर्माण करने का समय पूरा हो चुका है लेकिन पुल अभी तक आधा ही बन पाया है। ओवरब्रिज के निर्माण में पीडब्ल्यूडी की ओर से 24 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इस ओवरब्रिज को दो साल में छह अगस्त तक निर्माण कार्य किया जाना था। लेकिन ओवरब्रिज के निर्माण कार्य धीमी गति से होने से वाहन चालकों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
लोक निर्माण विभाग की ओर से आरओबी का निर्माण कार्य अगस्त 2016 में शुरू किया गया था। जो 6 अगस्त 2018 तक पूरा होना था, लेकिन पीडब्ल्यूडी दो साल में 700 मीटर लंबे आरओबी का आधा निर्माण ही कर पाया है। ओवरब्रिज का निर्माण पूरा नहीं होने से मुरथल हाईवे से गोहाना की तरफ जाने वाले वाहन चालकों को सोनीपत शहर के अंदर से निकलना पड़ रहा है।
दर्जनभर गांव के लोग हो रहे परेशान
गोहाना रोड बाईपास स्थित रेलवे लाइन पर ओवरब्रिज का निर्माण कार्य पूरा नहीं होने से जाहरी, ठरू, उल्देपुर, शहजादपुर, सांदल कलां, सांदल खुर्द, पुरखास, पांची गांवों के लोगों को सचिावलय की ओर आने के लिए निर्माणाधीन पुल के पास से निकलना पड़ता है। या फिर उन्हें पुरखास रोड आरओबी से होकर शहर की ओर जाना पड़ रहा है।
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ओवरब्रिज के निर्माण में कई बार आई अड़चनें
अधिकारियों का कहना है कि ओवरब्रिज के निर्माण मेें कई बार अड़चनें आई। नवंबर 2016 में नोटबंदी के दौरान दो माह तक ओवरब्रिज का निर्माण कार्य रुका था। इसके बाद कई बार हुए एनजीटी के आदेशों की पालना करते हुए विभाग की ओर से निर्माण कार्य को रोकना पड़ा। इस तरह की रुकावटें आरओबी का निर्माण कार्य समय पर पूरा नहीं करा सकी।
शहर में जाम से मिलेगी मुक्ति
बाईपास पर स्थित दिल्ली-अंबाला रेलवे लाइन पर अंडरब्रिज का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। वहीं सोनीपत-जींद रेलवे लाइन आरओबी का निर्माण पूरा होने से वाहन चालक सीधे मुरथल नेशनल हाइवे से बाईपास से होते हुए गोहाना की तरफ जा सकेंगे। इसके बाद शहर में जाम की गुंजाइश नहीं रहेगी। दो पुलों के चालू होने से लोगों को भी काफी सुविधा होगी।
बाईपास पर आरओबी का निर्माण नहीं होने से पुरखास रोड आरओबी से होकर शहर की ओर आना पड़ता है। जिससे मेरा काफी समय बर्बाद हो रहा है। अधिकारी लोगों की समस्याओं की तरफ कोई ध्यान नहीं दे रहे।
- सतीश शर्मा, गांव शहजादपुर
निर्माणाधीन आरओबी पर अंधेरे में लाइट की व्यवस्था तक नहीं है। जिससे एक्सीडेंट होने का खतरा बना रहता है। बिजली की व्यवस्था नहीं होने से आरओबी पर कई बार हादसे हो चुके हैं, उसके बाद भी कोई कदम नहीं उठाया जा रहा।
- अनिल, शास्त्री कालोनी
आरओबी के निर्माण में लेबर समय पर नहीं मिलने के कारण निर्माण कार्य रुका रहता है। पीडब्ल्यूडी के अधिकारी पुल के निर्माण कार्य को जल्दी से पूरा करने में कोई रुचि नहीं ले रहे। जिससे यहां से गुजरने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
- दीपक, शास्त्री कालोनी
निर्माणाधीन आरओबी पर लाइट का प्रबंध किया जाना है। पीडब्ल्यूडी की ओर से जल्द से जल्द आरओबी का निर्माण किया जाना चाहिए, ताकि यहां से गुजरने वाले लोगों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।
- नसीर, इंडियन कालोनी
वर्जन
आरओबी का निर्माण कार्य नवंबर तक पूरा कर लिया जाएगा। दो माह तक नोटबंदी के दौरान तो कभी एनजीटी के आदेशों के चलते निर्माण कार्य रोका गया। जिसके चलते निर्धारित समय तक निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका।
- विकास कुमार, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी
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अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। गोहाना रोड बाईपास स्थित सोनीपत-जींद रेलवे लाइन पर ओवरब्रिज के निर्माण करने का समय पूरा हो चुका है लेकिन पुल अभी तक आधा ही बन पाया है। ओवरब्रिज के निर्माण में पीडब्ल्यूडी की ओर से 24 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इस ओवरब्रिज को दो साल में छह अगस्त तक निर्माण कार्य किया जाना था। लेकिन ओवरब्रिज के निर्माण कार्य धीमी गति से होने से वाहन चालकों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
लोक निर्माण विभाग की ओर से आरओबी का निर्माण कार्य अगस्त 2016 में शुरू किया गया था। जो 6 अगस्त 2018 तक पूरा होना था, लेकिन पीडब्ल्यूडी दो साल में 700 मीटर लंबे आरओबी का आधा निर्माण ही कर पाया है। ओवरब्रिज का निर्माण पूरा नहीं होने से मुरथल हाईवे से गोहाना की तरफ जाने वाले वाहन चालकों को सोनीपत शहर के अंदर से निकलना पड़ रहा है।
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दर्जनभर गांव के लोग हो रहे परेशान
गोहाना रोड बाईपास स्थित रेलवे लाइन पर ओवरब्रिज का निर्माण कार्य पूरा नहीं होने से जाहरी, ठरू, उल्देपुर, शहजादपुर, सांदल कलां, सांदल खुर्द, पुरखास, पांची गांवों के लोगों को सचिावलय की ओर आने के लिए निर्माणाधीन पुल के पास से निकलना पड़ता है। या फिर उन्हें पुरखास रोड आरओबी से होकर शहर की ओर जाना पड़ रहा है।
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ओवरब्रिज के निर्माण में कई बार आई अड़चनें
अधिकारियों का कहना है कि ओवरब्रिज के निर्माण मेें कई बार अड़चनें आई। नवंबर 2016 में नोटबंदी के दौरान दो माह तक ओवरब्रिज का निर्माण कार्य रुका था। इसके बाद कई बार हुए एनजीटी के आदेशों की पालना करते हुए विभाग की ओर से निर्माण कार्य को रोकना पड़ा। इस तरह की रुकावटें आरओबी का निर्माण कार्य समय पर पूरा नहीं करा सकी।
शहर में जाम से मिलेगी मुक्ति
बाईपास पर स्थित दिल्ली-अंबाला रेलवे लाइन पर अंडरब्रिज का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। वहीं सोनीपत-जींद रेलवे लाइन आरओबी का निर्माण पूरा होने से वाहन चालक सीधे मुरथल नेशनल हाइवे से बाईपास से होते हुए गोहाना की तरफ जा सकेंगे। इसके बाद शहर में जाम की गुंजाइश नहीं रहेगी। दो पुलों के चालू होने से लोगों को भी काफी सुविधा होगी।
बाईपास पर आरओबी का निर्माण नहीं होने से पुरखास रोड आरओबी से होकर शहर की ओर आना पड़ता है। जिससे मेरा काफी समय बर्बाद हो रहा है। अधिकारी लोगों की समस्याओं की तरफ कोई ध्यान नहीं दे रहे।
- सतीश शर्मा, गांव शहजादपुर
निर्माणाधीन आरओबी पर अंधेरे में लाइट की व्यवस्था तक नहीं है। जिससे एक्सीडेंट होने का खतरा बना रहता है। बिजली की व्यवस्था नहीं होने से आरओबी पर कई बार हादसे हो चुके हैं, उसके बाद भी कोई कदम नहीं उठाया जा रहा।
- अनिल, शास्त्री कालोनी
आरओबी के निर्माण में लेबर समय पर नहीं मिलने के कारण निर्माण कार्य रुका रहता है। पीडब्ल्यूडी के अधिकारी पुल के निर्माण कार्य को जल्दी से पूरा करने में कोई रुचि नहीं ले रहे। जिससे यहां से गुजरने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
- दीपक, शास्त्री कालोनी
निर्माणाधीन आरओबी पर लाइट का प्रबंध किया जाना है। पीडब्ल्यूडी की ओर से जल्द से जल्द आरओबी का निर्माण किया जाना चाहिए, ताकि यहां से गुजरने वाले लोगों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।
- नसीर, इंडियन कालोनी
वर्जन
आरओबी का निर्माण कार्य नवंबर तक पूरा कर लिया जाएगा। दो माह तक नोटबंदी के दौरान तो कभी एनजीटी के आदेशों के चलते निर्माण कार्य रोका गया। जिसके चलते निर्धारित समय तक निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका।
- विकास कुमार, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी