{"_id":"62ab6d9e0d49005c5a244b7c","slug":"youth-protested-against-agneepath-scheme-burnt-effigy-of-central-government-sirsa-news-hsr6344455100","type":"story","status":"publish","title_hn":"युवाओं ने अग्निपथ योजना का किया विरोध, फूंका केंद्र सरकार का पुतला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
युवाओं ने अग्निपथ योजना का किया विरोध, फूंका केंद्र सरकार का पुतला
विज्ञापन
प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार का पुतला फूंकते युवा। संवाद
- फोटो : Sirsa
गोरीवाला। अग्निपथ योजना के विरोध में वीरवार को युवाओं ने विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान मुख्य चौक पर केंद्र सरकार का पुतला फूंका। युवाओं ने सरकार विरोधी नारे लगाते हुए एडमिट कार्ड भी आग के हवाले किए। युवाओं ने इस योजना को वापस लेने की मांग की। इसके साथ ही चेतावनी दी कि अगर योजना को वापस न लिया तो पूरे युवा जंतर मंतर पर रोष प्रदर्शन करने के लिए विवश होगे।
सेना की भर्ती की तैयारी कर रहे युवा सुरेश कुमार, सुशील कुमार, संजय कुमार, राकेश कुमार, राधेश्याम ने बताया कि चार वर्षों से निरंतर सेना में भर्ती होने के लिए मेहनत कर रहे हैं। इसके लिए अपने घर बार को त्याग कर रुपये खर्च कर चुके हैं। परंतु सुरक्षा मामलों की समिति ने अग्निपथ योजना के तहत अग्निवीरों की भर्ती की प्रक्रिया को लागू कर युवाओं के साथ खिलवाड़ किया है। जहां साढ़े 17 वर्ष से लेकर 21 वर्ष तक की आयु के युवाओं की ही भर्ती की जाएगी, जोकि एक भद्दा मजाक है। पहले कोरोना के चले सेना में भर्ती नहीं हो पाई, जबकि सेना में नौकरी करने वाले युवा अपनी शारीरिक दक्षता टेस्ट को पास करने के लिए निरंतर अभ्यास कर रहे हैं। आज जैसे ही एक दम नई योजना के आ जाने से ओर आयु सीमा के मापदंड़ों से क्षुब्ध होकर युवा मानसिक तौर से ग्रसित हो गए हैं। युवा निर्धारित की गई आयु सीमा के पड़ाव को पार कर गए हैं, जोकि इस भर्ती प्रक्रिया में सम्मिलित नहीं हो सकते। चार वर्ष सेना में व्यतीत करने के बाद जब यह युवा बाहर आएंगे तो उनके पास किसी भी प्रकार का कोई विकल्प नहीं होगा।
संदीप कोच ने बताया सेना की भर्ती के लिए युवा मेहनत कर रहे हैं। परंतु केंद्र सरकार द्वारा थोपी गई अग्निपथ योजना की प्रक्रिया युवाओं के रास नहीं आ रही। अगर सरकार ने भर्ती प्रक्रिया को वापस नहीं लिया तो पता नहीं कितने युवा बिना देश की सेवा किए अपने आप को खो बैठेंगे। इसलिए हमारी केंद्रीय मंत्रिमंडल की सुरक्षा मामलों की समिति से आग्रह है कि लिए गए निर्णय को शीघ्र वापस लिया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
सेना की भर्ती की तैयारी कर रहे युवा सुरेश कुमार, सुशील कुमार, संजय कुमार, राकेश कुमार, राधेश्याम ने बताया कि चार वर्षों से निरंतर सेना में भर्ती होने के लिए मेहनत कर रहे हैं। इसके लिए अपने घर बार को त्याग कर रुपये खर्च कर चुके हैं। परंतु सुरक्षा मामलों की समिति ने अग्निपथ योजना के तहत अग्निवीरों की भर्ती की प्रक्रिया को लागू कर युवाओं के साथ खिलवाड़ किया है। जहां साढ़े 17 वर्ष से लेकर 21 वर्ष तक की आयु के युवाओं की ही भर्ती की जाएगी, जोकि एक भद्दा मजाक है। पहले कोरोना के चले सेना में भर्ती नहीं हो पाई, जबकि सेना में नौकरी करने वाले युवा अपनी शारीरिक दक्षता टेस्ट को पास करने के लिए निरंतर अभ्यास कर रहे हैं। आज जैसे ही एक दम नई योजना के आ जाने से ओर आयु सीमा के मापदंड़ों से क्षुब्ध होकर युवा मानसिक तौर से ग्रसित हो गए हैं। युवा निर्धारित की गई आयु सीमा के पड़ाव को पार कर गए हैं, जोकि इस भर्ती प्रक्रिया में सम्मिलित नहीं हो सकते। चार वर्ष सेना में व्यतीत करने के बाद जब यह युवा बाहर आएंगे तो उनके पास किसी भी प्रकार का कोई विकल्प नहीं होगा।
विज्ञापन
संदीप कोच ने बताया सेना की भर्ती के लिए युवा मेहनत कर रहे हैं। परंतु केंद्र सरकार द्वारा थोपी गई अग्निपथ योजना की प्रक्रिया युवाओं के रास नहीं आ रही। अगर सरकार ने भर्ती प्रक्रिया को वापस नहीं लिया तो पता नहीं कितने युवा बिना देश की सेवा किए अपने आप को खो बैठेंगे। इसलिए हमारी केंद्रीय मंत्रिमंडल की सुरक्षा मामलों की समिति से आग्रह है कि लिए गए निर्णय को शीघ्र वापस लिया जाए।
विज्ञापन