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Sirsa News: एक्सईएन बोले-नहीं जारी होगी पेमेंट, जेई और एमई आएंगे वेरीफिकेशन करने
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सिरसा। शहर में दस करोड़ के विकास कार्यों में घटिया निर्माण कार्य किए जाने के आरोप लगाए जा रहे हैं। इसी मामले में बुधवार को नगर परिषद एक्सईएन राकेश पूनिया ने ठेकेदार और एजेंसी को कार्यालय में बुलाया और उनके द्वारा किए गए विकास कार्यों की विस्तृत डिटेल रिपोर्ट मांगी व पूर्व में किए गए कार्यों से मिलान किया। इसके बाद एक्सईएन ने इस मामले में पांच करोड़ की राशि जारी करने से इनकार कर दिया। एक्सईएन ने कहा कि विकास कार्य का एस्टीमेट बनाने वाले और कार्य करवाने वाले जेई और एमई आकर सत्यापित नहीं करते हैं। उसके बाद ही पेमेंट पर आगामी एक्सईएन ही विचार करेंगे। उसे पूर्व कोई पेमेंट जारी नहीं होगी।
बता दें कि नगर परिषद की ओर से हिसार की मुकेश कुमार ठेकेदार की फर्म को 10 करोड़ के विकास कार्यों का टेंडर दिया है। इस टेंडर को फर्म की ओर से सिरसा के लोकल ठेकेदार को आगे दे दिया गया है। जिसके बाद से ही यह टेंडर विवादों में बना हुआ है। अधिकारियों की माने तो फर्म की ओर से टेंडर आगे सबलेट नहीं किया सकता है। ऐसे में सबलेट वाला ठेकेदार एजेंसी को खुद का पार्टनर बताकर कर काम करता है। सीधे तौर पर यदि एजेंसी टेंडर सबलेट करती है तो नगर परिषद के नियमानुसार तुरंत प्रभाव से टेंडर को रद्द कर दिया जाता है।
राजनीतिक दबाव में पेमेंट जारी करने से कतरा रहे अधिकारी
शहर के विकास कार्यों में राजनीतिक दबाव सबसे ज्यादा है। राजनीतिक दबाव के चलते 10 करोड़ के विकास कार्यों की सूची तीन बाद बदली जा चुकी है। एक साल पहले भी यही एस्टीमेंट बनाने के बाद कैंसिल कर दिए गए थे। वहीं कई ऐसी सड़कों का निर्माण कर दिया गया, जो पहली 42 सड़कों की सूची में नहीं है। यही कारण है कि पेमेंट जारी करने से अधिकारी कतरा रहे है, क्योंकि पेमेंट जारी करने के साथ इस मामले की जांच शुरू होने की उम्मीद है। क्योंकि मुख्यालय स्तर और मुख्यमंत्री को पहले ही शिकायत की जा चुकी है।
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जेई और एमई चल रहे अवकाश पर
10 करोड़ रुपये के टेंडर बनाने वाले और टेंडर ओपन करने वाले जेई प्रवीण शर्मा और एमई अनिल मोहिल दोनों अवकाश पर हैं। जेई दो महीने की छुट्टी पर है तो एमई 10 दिनों की मेडिकल छुट्टी पर है।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- सड़क निर्माण की जांच की है। इस मामले में जब तक एस्टीमेट बनाने वाले जेई, एमई दोनों आकर गलियां सत्यापित नहीं करते हैं तब तक पेमेंट जारी नहीं हो सकती है। पूर्व एक्सईएन ही आकर इस मामले में पेमेंट जारी करेंगे।
-राकेश पूनिया, एक्सईएन नगर परिषद
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बता दें कि नगर परिषद की ओर से हिसार की मुकेश कुमार ठेकेदार की फर्म को 10 करोड़ के विकास कार्यों का टेंडर दिया है। इस टेंडर को फर्म की ओर से सिरसा के लोकल ठेकेदार को आगे दे दिया गया है। जिसके बाद से ही यह टेंडर विवादों में बना हुआ है। अधिकारियों की माने तो फर्म की ओर से टेंडर आगे सबलेट नहीं किया सकता है। ऐसे में सबलेट वाला ठेकेदार एजेंसी को खुद का पार्टनर बताकर कर काम करता है। सीधे तौर पर यदि एजेंसी टेंडर सबलेट करती है तो नगर परिषद के नियमानुसार तुरंत प्रभाव से टेंडर को रद्द कर दिया जाता है।
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राजनीतिक दबाव में पेमेंट जारी करने से कतरा रहे अधिकारी
शहर के विकास कार्यों में राजनीतिक दबाव सबसे ज्यादा है। राजनीतिक दबाव के चलते 10 करोड़ के विकास कार्यों की सूची तीन बाद बदली जा चुकी है। एक साल पहले भी यही एस्टीमेंट बनाने के बाद कैंसिल कर दिए गए थे। वहीं कई ऐसी सड़कों का निर्माण कर दिया गया, जो पहली 42 सड़कों की सूची में नहीं है। यही कारण है कि पेमेंट जारी करने से अधिकारी कतरा रहे है, क्योंकि पेमेंट जारी करने के साथ इस मामले की जांच शुरू होने की उम्मीद है। क्योंकि मुख्यालय स्तर और मुख्यमंत्री को पहले ही शिकायत की जा चुकी है।
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जेई और एमई चल रहे अवकाश पर
10 करोड़ रुपये के टेंडर बनाने वाले और टेंडर ओपन करने वाले जेई प्रवीण शर्मा और एमई अनिल मोहिल दोनों अवकाश पर हैं। जेई दो महीने की छुट्टी पर है तो एमई 10 दिनों की मेडिकल छुट्टी पर है।
-राकेश पूनिया, एक्सईएन नगर परिषद