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फ्री के सफर के चक्कर में कोरोना को भूल गईं महिलाएं
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बस में सवारियां अधिक होने के कारण बाहर लटके यात्री
- फोटो : Sirsa
सिरसा। हरियाणा सरकार की ओर से रक्षाबंधन पर्व पर महिलाओं और बच्चों को 36 घंटे फ्री में यात्रा करवाने के निर्देश दिए गए थे। फ्री में यात्रा करने के चक्कर में महिलाएं कोरोना संक्रमण को ही भूल गई। वहीं बस में 50 फीसदी सवारियों को सवार करने का नियम था लेकिन महिलाओं की संख्या अधिक होने के कारण बस में यात्री खड़े होकर भी सफर करते हुए नजर आए। महिलाओं की ओर से न तो मास्क लगाया गया और न ही सामाजिक दूरी का पालन किया गया।
रविवार को दिनभर बस स्टैंड पर महिलाओं और बच्चों की भीड़ लगी रही। 36 घंटे में करीब 60 हजार महिलाओं और बच्चों ने रोडवेज बसों में फ्री में यात्रा की सुविधा ली है। जबकि इससे पहले रोडवेज में हर रोज 15 हजार के करीब यात्री सफर करते थे। बसों की कमी होने और जल्दी के चक्कर में महिलाएं खड़ी होकर भी सफर करती हुई दिखाई दीं। हालांकि रोडवेज का स्टाफ दिनभर बस स्टैंड पर तैनात रहा और समय अनुसार बसों को रवाना करता हुआ नजर आया। दूसरे दिन महिलाओं की संख्या अधिक होने के कारण रोडवेज बसों के विभिन्न रूटों पर 15 अतिरिक्त चक्कर लगाए गए।
सहकारी समिति की बसों की बसों के 15 समय मिस
सरकार की ओर से सहकारी समिति की बसों में भी महिलाओं और 15 वर्ष से कम आयु वाले बच्चों को फ्री में सुविधा देने के निर्देश दिए गए थे। लेकिन रविवार को सहकारी समिति की बसों के करीब 15 फेरे मिस रहे। जिसको लेकर रोडवेज की ओर से लिस्ट तैयार कर आरटीओ कार्यालय में भेजी गई है। हालांकि बीते दिन निजी बस संचालकों की ओर से कई महिलाओं और बच्चों की टिकट काटी गई थी। जिसके बाद रोडवेज अधिकारियों के पास मामले की सूचना पहुंचने पर निजी बस परिचालकों से किराया वापस दिलवाया गया। जिसके बाद रोडवेज की ओर से आरटीओ की टिकट अटैच कर पत्र लिखा गया है।
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करीब 60 हजार महिलाओं ने उठाया लाभ
रक्षाबंधन पर्व पर रोडवेज की ओर से महिलाओं और बच्चों को फ्री में यात्रा करवाने की सुविधा दी गई थी। रविवार रात 12 बजे के बाद से महिलाओं से किराया लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इस दौरान करीब 60 हजार महिलाओं और बच्चों ने फ्री में यात्रा का लाभ उठाया है।
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रविवार को दिनभर बस स्टैंड पर महिलाओं और बच्चों की भीड़ लगी रही। 36 घंटे में करीब 60 हजार महिलाओं और बच्चों ने रोडवेज बसों में फ्री में यात्रा की सुविधा ली है। जबकि इससे पहले रोडवेज में हर रोज 15 हजार के करीब यात्री सफर करते थे। बसों की कमी होने और जल्दी के चक्कर में महिलाएं खड़ी होकर भी सफर करती हुई दिखाई दीं। हालांकि रोडवेज का स्टाफ दिनभर बस स्टैंड पर तैनात रहा और समय अनुसार बसों को रवाना करता हुआ नजर आया। दूसरे दिन महिलाओं की संख्या अधिक होने के कारण रोडवेज बसों के विभिन्न रूटों पर 15 अतिरिक्त चक्कर लगाए गए।
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सहकारी समिति की बसों की बसों के 15 समय मिस
सरकार की ओर से सहकारी समिति की बसों में भी महिलाओं और 15 वर्ष से कम आयु वाले बच्चों को फ्री में सुविधा देने के निर्देश दिए गए थे। लेकिन रविवार को सहकारी समिति की बसों के करीब 15 फेरे मिस रहे। जिसको लेकर रोडवेज की ओर से लिस्ट तैयार कर आरटीओ कार्यालय में भेजी गई है। हालांकि बीते दिन निजी बस संचालकों की ओर से कई महिलाओं और बच्चों की टिकट काटी गई थी। जिसके बाद रोडवेज अधिकारियों के पास मामले की सूचना पहुंचने पर निजी बस परिचालकों से किराया वापस दिलवाया गया। जिसके बाद रोडवेज की ओर से आरटीओ की टिकट अटैच कर पत्र लिखा गया है।
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करीब 60 हजार महिलाओं ने उठाया लाभ
रक्षाबंधन पर्व पर रोडवेज की ओर से महिलाओं और बच्चों को फ्री में यात्रा करवाने की सुविधा दी गई थी। रविवार रात 12 बजे के बाद से महिलाओं से किराया लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इस दौरान करीब 60 हजार महिलाओं और बच्चों ने फ्री में यात्रा का लाभ उठाया है।

बस स्टैंड पर लगी महिलाओं की भीड़- फोटो : Sirsa