फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sirsa News ›   women burned, burned after delivery, civil hospital, Health, patient burn by medicine, sirsa

बच्चों को जन्म देने के बाद जल रही हैं महिलाएं, क्या है मामला, पढें...

Mon, 27 Jun 2016 01:57 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला सिरसा
ब्यूरो/अमर उजाला सिरसा Updated Mon, 27 Jun 2016 01:57 AM IST
विज्ञापन
women burned, burned after delivery, civil hospital, Health, patient burn by medicine, sirsa
जली महिला - फोटो : Bureau

सिविल अस्पताल में ऐसे दो मामले सामने आए हैं, जिसमें ऑपरेशन की सहायता से बच्चे को जन्म देने के बाद दो महिलाओं का शरीर जल गया। एक महिला की हालत काफी खराब है। उपचार के लिए अस्पताल में दवा तक नहीं मिली। परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन थियेटर में प्रयोग हुई दवा के चलते ऐसा हुआ है? वहीं एसएमओ का कहना है कि ऑपरेशन से पहले प्रयोग होने वाली कीटाणु नाशक दवा तथा अत्यधिक गर्मी के चलते ऐसा हुआ है।

विज्ञापन


नई अनाज मंडी के नजदीक स्थित बाबा रामदेव मंदिर वाली गली निवासी विक्रम कुमार की गर्भवती पत्नी सिमरन को 23 जून 2016 को अस्पताल में लाया गया था। उसी रात करीब 12 बजे ऑपरेशन की सहायता से बेटी को जन्म दिया। ऑपरेशन के कुछ देर बाद उसके शरीर पर जलन होने लगी। उसने चिकित्सक को पुकारा। लेकिन उसकी आवाज नहीं सुनी गई। जलन ओर बढ़ गई। उसकी पीठ लाल हो गई।
विज्ञापन


करीब 48 घंटे बाद रविवार को महिला की पीठ से चमड़ी उतरने लगी और खून रिसने लगा। कुछ देर बाद पूरे शरीर की हालत ऐसी हो गई। उसकी छाती तथा टांगों पर भी ऐसा हो गया। नवजात बेटी को मां से अलग कर दिया गया। उसे मां का दूध तक नहीं पिलाया जा रहा। मामला गंभीर होते देख एसएमओ एमके भादू ने उपचार शुरू किया।
विज्ञापन
विज्ञापन


अभी वह सिमरन का उपचार कर ही रहे थे। साथ वाले बेड पर लेटी डबवाली निवासी महिला ममता ने पीठ पर जलन होने की शिकायत की। एसएमओ ने जांच करके उसे फिट बताया। कुछ देर बाद ही ममता ने पुन: शिकायत की। उसकी पीठ लाल हो गई थी। ममता के पति उमेश कुमार ने बताया कि वे 25 जून को अस्पताल में आए थे।

शनिवार को दोपहर बाद करीब एक बजे ऑपरेशन से ममता ने बेटे को जन्म दिया है। 24 घंटे बाद जलन शुरू होने के साथ-साथ पीठ लाल हो गई है। घाव ऐसे हो गए हैं जैसे जलने के बाद होते हैं। यह क्या हो रहा है, समझ से परे है। दोनों मरीजों के परिजनों ने ऑपरेशन थियेटर में ही प्रयोग की दवा में ही गड़बड़ी के आरोप लगाते हुए मामले की जांच की मांग की।

अस्पताल में न दवा, न डॉक्टर
तीन राज्यों की सीमाओं पर स्थित डबवाली के सिविल अस्पताल में न तो स्किन रोग विशेषज्ञ हैं और न ही दवा। रविवार को जब सिमरन तथा ममता दर्द से कराह रही थीं तो एसएमओ ने निजी स्किन स्पेशलिस्ट की राय ली। जिसके बाद उपचार शुरू करते हुए दवा लिखी। जो अस्पताल में उपलब्ध नहीं थी। मरीजों को केमिस्ट शॉप से दवा लानी पड़ी।

आखिर क्या हुआ है?
दोनों महिलाओं के घाव देखें तो ऐसा प्रतीत होता है जैसे वे जली हुई हों। परिजन ऑपरेशन में प्रयोग होने वाली दवा की जांच करवाने की मांग कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग भी मामले देखकर हैरत में पड़ा है। यह सवाल बन गया है कि महिलाओं को आखिर क्या हुआ है?

दोनों मरीज अलग-अलग की
अस्पताल के एक वार्ड में सिमरन तथा ममता साथ-साथ लगे दो बेड पर लेटी थी। मामला सामने आने के बाद दोनों को एक-दूसरे से दूर कर दिया गया। अन्य मरीज को भी उपरोक्त वार्ड में नहीं रखा जा रहा।


सीजेरियन से पहले महिला को कीटाणुनाशक दवा से साफ किया जाता है। दोनों मामलों में ऐसा प्रतीत होता है कि दवा ने रिएक्शन किया है। अत्यधिक गर्मी की वजह से महिलाओं की हालत जली हुई प्रतीत होती है। उपचार दिया गया है। उम्मीद है कि 48 घंटों में सब ठीक हो जाएगा। ऐसा क्यों हुआ? यह जानने के लिए मामले की जांच की जाएगी।
-एमके भादू, एसमएओ, डबवाली

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed