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Sirsa News: महिला ने वीआईपी नंबरों को मनचाहे ढंग से आवंटन करने के लगाए आरोप, मुख्यमंत्री को भेजी शिकायत
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ऐलनाबाद। उपमंडल कार्यालय में 20 व 21 नवंबर को वाहनों के वीआईपी नंबरों की लाखों रुपये की बोली हुई थी। ऐसे में एक महिला ने मुख्यमंत्री को सीएम विंडो के माध्यम से शिकायत दी है कि अधिकारियों व उपमंडल कार्यालय में तैनात सुपरिटेंडेट ने मनमाने ढंग से वाहनों के वीआईपी नंबरों का आवंटन किया है।
शिकायतकर्ता सुमन ने बताया कि वह अपनी गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर लेने के लिए 21 नवंबर को उपमंडल कार्यालय में अपने पति के साथ सभी दस्तावेज लेकर गई थी। शिकायतकर्ता एचआर44एन-4500 नंबर लेना चाहती थी और उसके लिए उसने जब रजिस्ट्रेशन कार्यालय में आवेदन दिया तो उन्होंने आवेदन नहीं लिया। इस दौरान कहा कि उपरोक्त नंबर पहले से ही किसी को अलाॅट हो चुका है। शिकायतकर्ता ने बताया कि उपरोक्त नंबर के लिए वह दो दिनों से चक्कर लगा रही है। जान बूझकर उनके आवेदन को नहीं लिया गया जबकि वह सरकारी फीस भरने व बोली देने के लिए तैयार थी। उन्होंने अधिकारियों पर राजनैतिक दबाव के चलते उन्हें गुमराह करने व अपनी शक्तियों का गलत इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है।
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चार नंबरों की हुई बोली
चार वीआईपी नंबरों की नियमानुसार बोली हुई है। करीब 7 नंबर 20 हजार रुपये सरकारी फीस से अलाॅट किए गए हैं। जिनकी अभी तक उपमंडल कार्यालय में एसडीएम के ना होने के कारण मंजूरी नहीं हुई है। अब आगामी बोली का शेड्यूल भी तैयार किया जा रहा है।
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बोली में केवल चार नंबर एचआर44एन सीरिज के अलाॅट किए हैं। इसमें 4444, जिसकी बोली 4 लाख 15 हजार रूपये, 9999 जिसकी बोली 2 लाख 15 हजार रुपये, 7777 जो 77 हजार रुपये, 1111 जिसकी बोली 97 हजार रुपये में हुई है। जिस नंबर के आवेदन उनके पास डबल आए हैं, उन नंबरों की उन्होंने बोली करवाई है। इस विषय में उनके पास कोई आवेदन नहीं आया है और ना ही उन्हें जानकारी है।
-मोहमद इब्राहिम, तहसीलदार
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शिकायतकर्ता सुमन ने बताया कि वह अपनी गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर लेने के लिए 21 नवंबर को उपमंडल कार्यालय में अपने पति के साथ सभी दस्तावेज लेकर गई थी। शिकायतकर्ता एचआर44एन-4500 नंबर लेना चाहती थी और उसके लिए उसने जब रजिस्ट्रेशन कार्यालय में आवेदन दिया तो उन्होंने आवेदन नहीं लिया। इस दौरान कहा कि उपरोक्त नंबर पहले से ही किसी को अलाॅट हो चुका है। शिकायतकर्ता ने बताया कि उपरोक्त नंबर के लिए वह दो दिनों से चक्कर लगा रही है। जान बूझकर उनके आवेदन को नहीं लिया गया जबकि वह सरकारी फीस भरने व बोली देने के लिए तैयार थी। उन्होंने अधिकारियों पर राजनैतिक दबाव के चलते उन्हें गुमराह करने व अपनी शक्तियों का गलत इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है।
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चार नंबरों की हुई बोली
चार वीआईपी नंबरों की नियमानुसार बोली हुई है। करीब 7 नंबर 20 हजार रुपये सरकारी फीस से अलाॅट किए गए हैं। जिनकी अभी तक उपमंडल कार्यालय में एसडीएम के ना होने के कारण मंजूरी नहीं हुई है। अब आगामी बोली का शेड्यूल भी तैयार किया जा रहा है।
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बोली में केवल चार नंबर एचआर44एन सीरिज के अलाॅट किए हैं। इसमें 4444, जिसकी बोली 4 लाख 15 हजार रूपये, 9999 जिसकी बोली 2 लाख 15 हजार रुपये, 7777 जो 77 हजार रुपये, 1111 जिसकी बोली 97 हजार रुपये में हुई है। जिस नंबर के आवेदन उनके पास डबल आए हैं, उन नंबरों की उन्होंने बोली करवाई है। इस विषय में उनके पास कोई आवेदन नहीं आया है और ना ही उन्हें जानकारी है।
-मोहमद इब्राहिम, तहसीलदार