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Sirsa News: भाई कन्हैया आश्रम के प्रयास से नशा छोड़कर परिवार से मिला विष्णु
Sat, 08 Apr 2023 11:08 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Sat, 08 Apr 2023 11:08 PM IST
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सिरसा में विष्णु को परिजनों से मिलवाते आश्रम सदस्य। विज्ञप्ति
सिरसा। लत किसी भी चीज की हो, बुरी है। खासकर नशे की लत। यह घर बार व समाज से नाता तोड़कर सिर्फ बर्बादी की रास्ते से जोड़ देती है। लेकिन इस लत से आजाद होना मुश्किल तो है, लेकिन नामुमकिन नहीं। भाई कन्हैया आश्रम के प्रयासों से युवक विष्णु ने यह साबित कर दिया है।
विष्णु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के लखनऊ के गांव बगहा का रहना वाला है। युवक को नशे की लत थी और नशा न मिलने के कारण करीब 10 महीने पहले घर से भाग गया था। कन्हैया आश्रम में सेवादारों की सेवा और इलाज के बाद युवक ने नशे से छुटकारा भी पाया और परिवारजनों से मिला।
आश्रम के सेवादारों को विष्णु लावारिस हालत में शहर में घूमता हुआ मिला था। इसकी मानसिक हालत ठीक नहीं लग रही थी और कुछ भी बताने में असमर्थ था। सेवादार उसे आश्रम में ले आए। आश्रम में ही विष्णु की देखभाल की गई। जैसे ही उसका इलाज शुरू हुआ तो पता लगा कि उसको नशे की लत लगी हुई है। इस कारण उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। आश्रम में दी जाने वाली इलाज व सुविधा से उसके स्वास्थ्य में सुधार हुआ और धीरे-धीरे उसकी नशे की लत भी छूट गई। एक दिन विष्णु ने सेवादारों को अपने घर का पता बताया। सेवादारों ने जगजीत सिंह ( इंचार्ज अहतु, यमुनानगर ) से उसके परिजनों को ढूढ़ने के बारे में बात की। इसके बाद जल्दी ही उसके परिजनों का पता मिल गया। शनिवार को विष्णु को लेने उसके परिजन भाई कन्हैया आश्रम में पहुंचे। विष्णु के चचेरे भाई रजनेश ने बताया कि विष्णु को नशे करने की बहुत बुरी लत थी। घर में नशा न मिलने के कारण वह भाग गया। हमने उसको काफी ढूंढा, लेकिन हमें नहीं मिल पाया। कुछ दिन पहले उन्हें पुलिस के द्वारा सूचना मिली कि विष्णु भाई कन्हैया आश्रम में हैं। इसके बाद वे उसे लेने के लिए भाई कन्हैया आश्रम पहुंचे हैं।
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विष्णु को लावारिस हालत में आश्रम में लाया गया था। इलाज करवाया और जब हालत सुधरी तो परिजनों से संपर्क करने का प्रयास किया। अब उक्त व्यक्ति नशा से मुक्त हो चुका है और उसे परिजनों से मिलवा दिया गया है।-- गुरविंद्र सिंह, मुख्य सेवादार, भाई कन्हैया आश्रम, सिरसा।
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विष्णु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के लखनऊ के गांव बगहा का रहना वाला है। युवक को नशे की लत थी और नशा न मिलने के कारण करीब 10 महीने पहले घर से भाग गया था। कन्हैया आश्रम में सेवादारों की सेवा और इलाज के बाद युवक ने नशे से छुटकारा भी पाया और परिवारजनों से मिला।
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आश्रम के सेवादारों को विष्णु लावारिस हालत में शहर में घूमता हुआ मिला था। इसकी मानसिक हालत ठीक नहीं लग रही थी और कुछ भी बताने में असमर्थ था। सेवादार उसे आश्रम में ले आए। आश्रम में ही विष्णु की देखभाल की गई। जैसे ही उसका इलाज शुरू हुआ तो पता लगा कि उसको नशे की लत लगी हुई है। इस कारण उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। आश्रम में दी जाने वाली इलाज व सुविधा से उसके स्वास्थ्य में सुधार हुआ और धीरे-धीरे उसकी नशे की लत भी छूट गई। एक दिन विष्णु ने सेवादारों को अपने घर का पता बताया। सेवादारों ने जगजीत सिंह ( इंचार्ज अहतु, यमुनानगर ) से उसके परिजनों को ढूढ़ने के बारे में बात की। इसके बाद जल्दी ही उसके परिजनों का पता मिल गया। शनिवार को विष्णु को लेने उसके परिजन भाई कन्हैया आश्रम में पहुंचे। विष्णु के चचेरे भाई रजनेश ने बताया कि विष्णु को नशे करने की बहुत बुरी लत थी। घर में नशा न मिलने के कारण वह भाग गया। हमने उसको काफी ढूंढा, लेकिन हमें नहीं मिल पाया। कुछ दिन पहले उन्हें पुलिस के द्वारा सूचना मिली कि विष्णु भाई कन्हैया आश्रम में हैं। इसके बाद वे उसे लेने के लिए भाई कन्हैया आश्रम पहुंचे हैं।
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विष्णु को लावारिस हालत में आश्रम में लाया गया था। इलाज करवाया और जब हालत सुधरी तो परिजनों से संपर्क करने का प्रयास किया। अब उक्त व्यक्ति नशा से मुक्त हो चुका है और उसे परिजनों से मिलवा दिया गया है।