{"_id":"649097d168b8fa5b450cd348","slug":"will-die-only-by-bowing-down-dictatorial-government-with-public-cooperation-santosh-bainiwal-sirsa-news-c-128-1-sir1001-1472-2023-06-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"जनसहयोग से तानाशाही सरकार को झुकाकर ही दम लेंगे : संतोष बैनीवाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जनसहयोग से तानाशाही सरकार को झुकाकर ही दम लेंगे : संतोष बैनीवाल
Mon, 19 Jun 2023 11:30 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Mon, 19 Jun 2023 11:30 PM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। जनसहयोग से तानाशाही सरकार को झुकाकर ही दम लेंगे। यह बात सरपंच एसोसिएशन की प्रदेश उपाध्यक्ष व गांव दड़बा कलां की सरपंच संतोष बैनीवाल ने पुलिस द्वारा रिहा करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में कही।
उन्होंने कहा कि सरकार ने हमें पहले भी गुमराह किया था और अब भी सिर्फ गुमराह ही करने का काम किया है। प्रशासनिक तंत्र की ओर से उन्हें आश्वस्त किया गया था कि रैली से पूर्व सरकार से वार्ता होगी। उसके बाद ही रैली होगी, लेकिन सरकार ने अपनी तानाशाही नीति से रैली के दिन सुबह ही उन्हें जबरन गिरफ्तार करने का काम किया। उन्होंने कहा अभी तो वे शांतिपूर्वक तरीके से सरकार से बातचीत कर समस्या का हल निकालने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उन्हें लगता नहीं कि घी सीधी अंगुली से निकलेगा। अब तो अंगुली टेढ़ी करने का समय आ गया है और वे इस सरकार को अपनी एकता व जनसहयोग से झुकाकर ही दम लेंगे।
बैनीवाल ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों ने झांसे में लेकर उन्हें आश्वस्त किया था कि रैली से पूर्व वे सरकार से वार्ता करवाएंगे, लेकिन उन्हें क्या पता था कि यहां सभी एक ही थैली के चट्टे-बट्टे हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की रैली हो और वो भी अनाज मंडी में शेड के नीचे जहां 5 हजार से अधिक लोगों के बैठने की भी जगह नहीं थी। इससे एक बात तो साफ हो गई है कि सरकार को अपनी हार नजर आने लगी है। सरकार जो मर्जी हथकंडे अपना ले, लेकिन जब तक हमें हमारे हक नहीं मिल जाते, वे पीछे नहीं हटने वाले।
विज्ञापन
विज्ञापन
सिरसा। जनसहयोग से तानाशाही सरकार को झुकाकर ही दम लेंगे। यह बात सरपंच एसोसिएशन की प्रदेश उपाध्यक्ष व गांव दड़बा कलां की सरपंच संतोष बैनीवाल ने पुलिस द्वारा रिहा करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में कही।
उन्होंने कहा कि सरकार ने हमें पहले भी गुमराह किया था और अब भी सिर्फ गुमराह ही करने का काम किया है। प्रशासनिक तंत्र की ओर से उन्हें आश्वस्त किया गया था कि रैली से पूर्व सरकार से वार्ता होगी। उसके बाद ही रैली होगी, लेकिन सरकार ने अपनी तानाशाही नीति से रैली के दिन सुबह ही उन्हें जबरन गिरफ्तार करने का काम किया। उन्होंने कहा अभी तो वे शांतिपूर्वक तरीके से सरकार से बातचीत कर समस्या का हल निकालने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उन्हें लगता नहीं कि घी सीधी अंगुली से निकलेगा। अब तो अंगुली टेढ़ी करने का समय आ गया है और वे इस सरकार को अपनी एकता व जनसहयोग से झुकाकर ही दम लेंगे।
विज्ञापन
बैनीवाल ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों ने झांसे में लेकर उन्हें आश्वस्त किया था कि रैली से पूर्व वे सरकार से वार्ता करवाएंगे, लेकिन उन्हें क्या पता था कि यहां सभी एक ही थैली के चट्टे-बट्टे हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की रैली हो और वो भी अनाज मंडी में शेड के नीचे जहां 5 हजार से अधिक लोगों के बैठने की भी जगह नहीं थी। इससे एक बात तो साफ हो गई है कि सरकार को अपनी हार नजर आने लगी है। सरकार जो मर्जी हथकंडे अपना ले, लेकिन जब तक हमें हमारे हक नहीं मिल जाते, वे पीछे नहीं हटने वाले।
विज्ञापन