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बीवी, दो बेटियों और पड़ोसी युवती के साथ पाोस्टटमैन लापता

Mon, 15 Feb 2016 01:05 AM IST
ब््यूराो/अमर उजाला /सिरसा
ब््यूराो/अमर उजाला /सिरसा Updated Mon, 15 Feb 2016 01:05 AM IST
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 एक पोस्टमैन अपनी गर्भवती बीवी, दो बेटियों तथा पड़ोसी युवती  के साथ घर से गायब हो गया है। उसकी बाइक, मोबाइल तथा कपड़े राजस्थान कैनाल के किनारे मिले हैं। संदेह जताया जा रहा है कि पांचों नहर में कूद गए हैं। इस बात की भी आशंका जताई जा रही है कि बीवी, बच्चों को नहर में फेंकने के बाद वह पड़ोसी युवती के साथ फरार हो गया है।  चूंकि पिछले बीस दिनों से वह ग्रामीणों से बीमार बीवी के इलाज के नाम पर उगाही कर रहा था।

 मामला डबवाली के गांव आसाखेड़ा का है। डबवाली डाकघर में पोस्टमैन के पद पर तैनात हनुमान की पत्नी बाला देवी तीन माह से गर्भवती है। उसका उपचार करवाने का बहाना करके वह पड़ोसी युवती प्रियंका को बाइक पर अपने साथ ले गया। गांव से करीब पांच किलोमीटर दूर स्थित गांव भारूखेड़ा के आदर्श विद्या निकेतन मिडिल स्कूल से अपनी दो बेटियों शिक्षा उर्फ महक (5) तथा पलक (4) को भी अपने साथ ले लिया। देर शाम तक जब प्रियंका घर नहीं लौटी तो उसके पिता बृजलाल ने हनुमान को कॉल की। काफी देर तक घंटी बजती रही। किसी ने फोन नहीं उठाया। देर शाम को एक युकवक ने फोन उठाया। संबंधित मोबाइल जंडवाला बिश्नोईयां-कालूआना मार्ग पर राजस्थान कैनाल की पटरी पर मिलना बताया। कुछ ग्रामीण मौका पर पहुंचे। उन्होंने मोबाइल के साथ हनुमान का बाइक तथा कपड़े भी बरामद किए। सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने उपरोक्त सामान अपने कब्जे में कर लिया। संदेह जताया जा रहा है कि उपरोक्त ने नहर में कूदकर अपनी जान दे दी है। सवाल उठ रहा है कि आत्महत्या की क्या वजह है? ग्रामीण इसे ड्रामा भी बता रहे हैं। चूंकि पिछले बीस दिनों से हनुमान बीवी के उपचार के लिए पैसों की उगाही कर रहा था। उसने करीब ढाई लाख रुपये  इक्ट्ठे कर लिए थे। कहा जा रहा है कि वह बच्चों तथा बीवी को नहर में फेंकने के बाद युवती को लेकर फरार हो गया। फिलहाल ग्रामीण राजस्थान कैनाल में शवों की तालाश कर रहे हैं। झूठ का पुजारी हनुमान गांव भारूखेड़ा स्थित स्कूल संचालक रजनीश कुमार ने बताया कि शिक्षा उर्फ महक एलकेजी तथा पलक नर्सरी में पढ़ती हैं। शनिवार को दोपहर बाद करीब 12.30 बजे हनुमान ने कॉल की कि उसकी पत्नी बाला देवी गर्भवती है। तीन-चार दिन पहले वह सीढिय़ों से गिर गई थी। उसे छोडने के लिए ससुराल जाना है। वह बच्चों को लेने के लिए आ रहा है। करीब पौने दो बजे वह बाईक पर स्कूल में आया। पलक तथा महक के बैग स्कूल में रखवा दिए और बोला कि दो बच्चों समेत बाइक पर वे पांच लोग हो जाएंगे। हनुमान ने यह भी कहा कि उसकी परमोशन हो गई है। वह जल्द उनको पार्टी भी देगा। यह कहते हुए वह चला गया।

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आसाखेड़ा निवासी बृजलाल के अनुसार हनुमान उसे बाऊजी पुकारता था। उसके बेटा नहीं था, इसलिए वह हनुमान को ही बेटा मानता था। दोपहर बाद करीब 12.30 बजे वह बाला देवी को संगरिया में दिखाने का बहाना करके उनके घर आया था। उसकी बेटी प्रियंका को धर्म बहन मनाने वाला हनुमान अपनी बीवी के साथ उसे साथ ले गया। उसे कहकर गया था कि स्कूल पढ़कर बेटियां वापस आ जाएं तो उनकी देखभाल करना। लेकिन उसे ही दगा दे गया। करीब बीस दिन पहले उसने बताया था कि उसको टेंशन रहती है। किस बात की टेंशन है, यह नहीं बताया। तीन दिन पहले वह कहने लगा कि अब उसकी टेंशन दूर हो गई है। वह उसकी बेटियों को धर्म बहनें मानता था, मैं उसके चरित्र पर शक नहीं कर सकता। आत्महत्या क्यों की, उसकी बेटी ने उसके साथ यह कदम क्यों उठाया? इसका जवाब भी मेरे पास नहीं।

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ग्रामीण बहादर सिंह ने बताया कि शुक्रवार को हनुमान उसके पास आया था। उससे बोला कि उसकी पत्नी बहुत ज्यादा बीमार है। उसके इलाज के लिए पैसे चाहिए। वह दस हजार रुपये मांगकर ले गया। रविवार तक लौटाने की बात की थी। ग्रामीण धनपत राम ने बताया कि पत्नी के उपचार के नाम पर हनुमान ने उसके भतीजे सतपाल से पांच हजार रुपये की मांग की थी। उन्होंने उसे दो हजार रुपये  दिए थे। ग्रामीणों के अनुसार हनुमान पिछले बीस दिनों से उगाही कर रहा था। उसने पूरे गांव से करीब ढाई लाख रुपये  जुटाए हैं।

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मूल रूप से फतेहाबाद के गांव सिडाना निवासी हनुमान पिछले करीब आठ सालों से गांव आसाखेड़ा के पटवार भवन में रह रहा था। उसकी पहली ज्वाईनिंग गांव चौटाला में थी। उस समय वह कुंवारा था। कुछ समय पश्चात वह बीपीएम के तौर पर गांव आसाखेड़ा में तैनात हो गया। शादी के बाद वह अपनी पत्नी को भी गांव आसाखेड़ा में ले आया। कुछ समय पश्चात उसकी परमोशन पोस्टमैन के तौर पर डबवाली डाकघर में हुई थी।

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दिसंबर माह में हनुमान ने डबवाली डाकघर में पोस्टमैन के तौर पर ज्वाईनिंग की थी। उसका कहना था कि उसकी पत्नी बीमार रहती है।

-बीएस यादव, पोस्टमास्टर, डबवाली

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अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। क्या पांचों ने नहर में छलांग लगाई है या फिर कुछ ओर माजरा है। अभी तक किसी ने शिकायत तक दर्ज नहीं करवाई है।-बलवीर सिंह, प्रभारी पुलिस चौकी, चौटाला


उठ रहे सवाल

1. हनुमान ने विद्यालय संचालक तथा पिता तुल्य बुजुर्ग को झूठ क्यों बोला?

2. हनुमान की परेशानी क्या थी? उसे क्या जरूरत थी कि उसने गांव से उगाही की?

3. अगर उसने आत्महत्या करनी थी तो परिवार के साथ-साथ धर्म बहन मानने वाली प्रियंका को साथ क्यों लिया?

4. राजस्थान नहर की पटरी पर उसकी जैकेट मिली है, लेकिन उसमें कुछ नहीं? फिर उगाही किए हुए लाखों रुपये कहां गए?

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