{"_id":"5ea1d0a98ebc3e90591e414e","slug":"wheat-drenched-by-rain-sirsa-news-rtk5520833182","type":"story","status":"publish","title_hn":"बारिश से भीगा गेहूं, नमी बढ़ने के कारण नहीं बिकी सरसों","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बारिश से भीगा गेहूं, नमी बढ़ने के कारण नहीं बिकी सरसों
विज्ञापन
बारिश के दौरान मंडी परिसर में पड़ी गेहूं की ढेरी।
- फोटो : Sirsa
वीरवार को सिरसा में बारिश बदलाव के चलते सुबह बारिश ने दस्तक दी। सुबह फसल लेकर पहुंचे किसानों को मंडी शेड के नीचे जगह न होने के कारण बाहर ढेरी लगानी पड़ी। बारिश के कारण किसानों की गेहूूं की फसल गिली हो गई। सिरसा मंडी में खरीद के लिए 200 किसानों को दो शिफ्टों में बुलाया जा रहा है। मंडी में गेहूूं लेकर पहुंचे किसानों को बारिश का सामना करना पड़ा। अधिकतर किसानों की ढेरी मंडी में बने शेड के बाहर ही लगाई गई।
वीरवार सुबह बारिश आने से किसानों को ढेरी पर डालने के लिए तिरपाल नहीं मिली, खरीद केंद्रों पर फसल लेकर पहुंचे किसान गेहूं को भीगने से नहीं बचा सके। किसान गेहूं भीगते देखने के अलावा कुछ नहीं कर सके। किसान आत्माराम ने बताया कि सुबह जब मंडी में फसल लेकर पहुंचा तो शेड के नीचे जगह न होने के कारण उसे गेहूं से भरी ट्राली को बाहर ही खाली करना पड़ा। बारिश आने पर तिरपाल नहीं मिली। जिसके कारण उसकी गेहूं गिली हो गई। वहीं किसान प्रदीप ने बताया कि उसको सरसों खरीद का मैसेज आया था। सुबह घर से आते समय बारिश शुरू हो गई, बारिश के पानी से सरसों में नमी की मात्रा बढ़ गई। जिसके कारण उसे सरसों को घर वापस लेकर जाना पड़ा।
जिले में अभी गेहूं की कटाई बाकी
जिले में करीब तीन लाख हेक्टेयर में गेहूं की बिजाई की गई है। लेकिन अभी भी गेहूं की कटाई बाकी है। क्योंकि 17 अप्रैल को हुई बारिश के कारण किसान फसल काट नहीं पाए। ऐसे में वीरवार को हुई दोबारा बारिश से खेतों में चल रही कंबाइनें रुक गई। नमी के कारण किसानों को अब धूप निकलने का इंतजार करना पड़ेगा।
विज्ञापन
बारिश से बचाव के लिए प्रशासन से भेजी केवल 26 तिरपालें
सुबह बारिश होने के चलते जिले की पांच खरीद केंद्रों पर मार्केट कमेटी की ओर से 26 तिरपालें भेजी गई। ताकि बारिश के समय किसानों द्वारा लगाई गई गेहूं की ढेरियों का बचाव किया जा सके। कवरपुरा, गड़िया खेड़ा, कुत्तियाना, जमाल बप्पा खरीद केंद्र पर यह तिरपालें भेजी गई हैं।
बारिश से बचाव के लिए आढ़ती ही अपने किसान को तिरपाल उपलब्ध करवाएगा। मार्केट कमेटी की ओर से 26 तिरपालें पांच खरीद केंद्रों को भिजवाई गई है।
-विकास सेतिया, मार्केट कमेटी सचिव।
विज्ञापन
वीरवार सुबह बारिश आने से किसानों को ढेरी पर डालने के लिए तिरपाल नहीं मिली, खरीद केंद्रों पर फसल लेकर पहुंचे किसान गेहूं को भीगने से नहीं बचा सके। किसान गेहूं भीगते देखने के अलावा कुछ नहीं कर सके। किसान आत्माराम ने बताया कि सुबह जब मंडी में फसल लेकर पहुंचा तो शेड के नीचे जगह न होने के कारण उसे गेहूं से भरी ट्राली को बाहर ही खाली करना पड़ा। बारिश आने पर तिरपाल नहीं मिली। जिसके कारण उसकी गेहूं गिली हो गई। वहीं किसान प्रदीप ने बताया कि उसको सरसों खरीद का मैसेज आया था। सुबह घर से आते समय बारिश शुरू हो गई, बारिश के पानी से सरसों में नमी की मात्रा बढ़ गई। जिसके कारण उसे सरसों को घर वापस लेकर जाना पड़ा।
विज्ञापन
जिले में अभी गेहूं की कटाई बाकी
जिले में करीब तीन लाख हेक्टेयर में गेहूं की बिजाई की गई है। लेकिन अभी भी गेहूं की कटाई बाकी है। क्योंकि 17 अप्रैल को हुई बारिश के कारण किसान फसल काट नहीं पाए। ऐसे में वीरवार को हुई दोबारा बारिश से खेतों में चल रही कंबाइनें रुक गई। नमी के कारण किसानों को अब धूप निकलने का इंतजार करना पड़ेगा।
विज्ञापन
बारिश से बचाव के लिए प्रशासन से भेजी केवल 26 तिरपालें
सुबह बारिश होने के चलते जिले की पांच खरीद केंद्रों पर मार्केट कमेटी की ओर से 26 तिरपालें भेजी गई। ताकि बारिश के समय किसानों द्वारा लगाई गई गेहूं की ढेरियों का बचाव किया जा सके। कवरपुरा, गड़िया खेड़ा, कुत्तियाना, जमाल बप्पा खरीद केंद्र पर यह तिरपालें भेजी गई हैं।
बारिश से बचाव के लिए आढ़ती ही अपने किसान को तिरपाल उपलब्ध करवाएगा। मार्केट कमेटी की ओर से 26 तिरपालें पांच खरीद केंद्रों को भिजवाई गई है।
-विकास सेतिया, मार्केट कमेटी सचिव।