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मेरा कसूर क्या था, क्या सियासत हुई है, यह वक्त बताएगा : आदित्य

Sun, 08 Sep 2024 12:40 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा Updated Sun, 08 Sep 2024 12:40 AM IST
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What was my fault, what politics has taken place, time will tell: Aditya
आदित्य देवीलाल चौटाला गांव पन्नीवाला रूलदू में ग्रामीणों को संबो​धित करते हुए। 
सिरसा। भाजपा के सीटों के बंटवारे के बाद विरोध के स्वर उठने लगे हैं। रानियां और डबवाली सीट पर चौटाला परिवार खुलकर विरोध में आ गया है। डबवाली से आदित्य देवीलाल चौटाला का टिकट न मिलने का दुख सामने आया। जब वह गांव पन्नीवाला रूलदू में ग्रामीणों को रविवार के कार्यकर्ता बैठक का निमंत्रण देने के लिए पहुंचे। यहां इन्होंने अपना दर्द जाहिर किया। उन्होंने कहा कि वह दिल्ली गए थे और कोई बताने वाला नहीं था कि उनका कसूर क्या था। क्या सियासत हुई है, यह वक्त बताएगा।
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आदित्य देवीलाल ने खुलकर भाजपा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने कहा कि वह निरंतर पार्टी को मजबूत करते रहे और डबवाली में विकास कार्य करवाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। आदित्य चौटाला ने कहा कि देश में अमीरों में 10वें नंबर पर आने वाले नवीन जिंदल अमेरिका रह रहे थे। कुरुक्षेत्र में कोई प्रत्याशी नहीं मिला तो किसी ने कहा कि नवीन जिंदल को टिकट दे दो। वह जीत जाएगा, पार्टी उसे अमेरिका से लेकर आई और टिकट दिया। इसी प्रकार हिसार में चौधरी रणजीत सिंह और सिरसा में अशोक तंवर को टिकट दिया गया।
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उन्होंने कहा कि हिसार से सावित्री जिंदल ने टिकट न मिलने पर कहा है कि वह चुनाव लड़ेगी और यह उनका आखिरी चुनाव है। वह जनता की सेवा करना चाहती हैं। इस पर नवीन जिंदल ने कहा है कि उनकी मां की इच्छा चुनाव लड़ने की है तो वह साथ जरूर देंगे। पार्टी और जनता के लिए कार्य करने वाले कार्यकर्ताओं और नेताओं को दरकिनार किया गया। जो सही नहीं है।
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बोले- हर आदमी के लिए खड़ा रहा हूं
आदित्य चौटाला ने कहा कि एक हजार करोड़ रुपये के कार्य सड़क, खाल आदि के करवाये हैं। आप लोगों के बिना कहे आप लोगों के बीच रहा हूं। लोग अपने सोचते हैं गांव उनके पास आएगा तो वह कुछ करेंगे। मैं गांव के पास आया और सभी की सुनी व समाधान करवाया। उन्होंने कहा कि आखिरी वक्त तक टिकट का इंतजार नहीं कर सकता हूं। जो फैसला है मुझे पता है। मेरे साथ इंसाफ नहीं हुआ है और आप सब की चाहत थी कि मुझे टिकट मिले। आप सबको भी विश्वास था कि मेरी टिकट पक्की है। उन्होंने कहा कि अब आप लोगों को ही निर्णय लेना है कि मुझे क्या करना चाहिए। आप लोग कहोगे कि घर बैठ जाए या लड़ाई लड़। आप रविवार को जो निर्णय लेंगे मुझे मंजूर है।
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