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Sirsa News: जलभराव से 10 से अधिक गांवों में फसलों को नुकसान, पोर्टल मात्र दो गांवों के लिए खुला

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 23 Aug 2025 12:14 AM IST
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Waterlogging damages crops in more than 10 villages, portal is open for only two villages
लां, गुड़िया खेड़ा, चाहरवाला आदि प्रमुख हैं।चोपटा। गांव गांजा रुपाणा में फसलों में भरा हुआ पानी
चोपटा। नाथूसरी चोपटा खंड में बारिश के कारण हुए जलभराव के कारण 10 से अधिक गांवों की फसलों को नुकसान पहुंचा था। कृषि विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, 2608 एकड़ फसल इस ब्लॉक की खराब हुई थी। वहीं, हरियाणा सरकार ने जलभराव के कारण खराब हुई फसलों के नुकसान के आकलन के लिए क्षतिपूर्ति पोर्टल खोला है। पोर्टल में शकरमंदोरी और शाहपुरिया गावों के नाम ही दर्शाएं गए हैं।
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अन्य गांवों के नाम पोर्टल की सूची में नहीं है। इस कारण ग्रामीण एरिया में किसानों में रोष व्याप्त है। इसी कड़ी में शुक्रवार को गांव रुपाणा गंजा के किसानों ने इस बाबत सिरसा जिला उपयुक्त को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने मांग की कि गांव में जलभराव से फसलों को बड़े स्तर पर नुकसान पहुंचा है। ऐसे में उनके गांव के लिए भी क्षतिपूर्ति पोर्टल खोला जाए।
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गांव गांजा रुपाणा की सरपंच मंजू रानी, किसान राम सिंह, भगत सिंह, रतिराम, संदीप कुमार, अजय कुमार, शेर सिंह ने बताया कि उनके गांव में मानसून के दौरान हुई भारी बारिश से फसलों को नुकसान पहुंचा था। जलभराव के कारण सैकड़ों एकड़ फसल नष्ट हो गई। कृषि विभाग की ओर से आकलन किया गया तो उनके गांव में करीब 500 एकड़ से अधिक जमीन में जलभराव दर्शाया गया था।
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अब राजस्व विभाग की ओर से क्षतिपूर्ति पोर्टल खोला गया है, जिसमें उनके गांव का नाम नहीं है। चोपटा खंड के मात्र दो गांव शाहपुरिया और शक्करमंदोरी के किसानों के लिए क्षतिपूर्ति पोर्टल खोला गया है। उन्होंने कहा कि कृषि विभाग के आकलन और राजस्व विभाग के आकलन में कितना फर्क कैसे हो सकता है। इन्होंने उपायुक्त से मांग किया कि उनके गांव में जलभराव वाली फसलों का सही आकलन करवा कर क्षतिपूर्ति पोर्टल खोला जाए।


इन गांवों में फसलें हुईं जलमग्न

बारिश के कारण नाथूसरी चोपटा खंड के करीब 10 गांवों में 2608 एकड़ से अधिक कृषि भूमि जलभराव की चपेट में आ चुकी है। कृषि विभाग के अनुसार, इनमें से 1110 एकड़ में 50 से 75 प्रतिशत तक फसल खराब हो चुकी हैं, जबकि 1500 एकड़ भूमि पर 100 प्रतिशत फसल नष्ट हो गई हैं। प्रभावित गांवों में तरकांवाली, शाहपुरिया, शक्करमंदोरी, गंजा रुपाणा, रुपाणा बिश्नोईयां, माखोसरानी, नाथूसरी कलां, दड़बा कलां आदि शामिल हैं।
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