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Sirsa News: खेतों में भरा पानी, काले पड़ गए किसानों के अरमान
Mon, 22 Sep 2025 11:11 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Mon, 22 Sep 2025 11:11 PM IST
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सिरसा। घग्गर के पानी में डूबे खेतों को देखता हुआ बुजुर्ग किसान। संवाद
सिरसा। घग्गर नदी से निकला पानी किसानों के अरमानों को साथ बहा ले गया। गांव अहमदपुर से ओटू हेड तक हजारों एकड़ फसल जलमग्न हो गई। आठ किलोमीटर के दायरे में काला पानी और सूखी हुई धान व कपास की फसल नजर आती है। धान की फसल ऊपर से हरी नजर आती है लेकिन अंदर डेढ़ फीट पानी भरा हुआ है। फसल धीरे धीरे वह गल रही और मुर्झाती जा रही है।
धान और कपास के गलने के कारण पानी दूषित होकर काला पड़ चुका है और चारों तरफ बदबू फैल गई है। आसपास के गांवों के ग्रामीण सुबह व शाम बदबू भरी हवा चलने से परेशान हैं। हालांकि किसान अपने खेतों में जाना नहीं छोड़ रहे है क्याेंकि कई दिनों से वह अपने यहां कदम नहीं रख पाए थे।
किसानों के अनुसार अभी भी खेतों में एक से डेढ़ फीट पानी भरा हुआ है। जहां पर गहराई जाती है वहां पर दो से तीन फीट पानी है। दिन के समय पानी गर्म होकर उबलने लगता है और बदबू का आलम हो जाता है। सबसे ज्यादा प्रभाव 5 एकड़ व उसे नीचे के किसान व ठेके पर जमीन पर काश्त करने वाले किसानों पर पड़ा है।
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छोटे किसानों के सिर कर्ज चढ़ गया है क्योंकि फसलें खत्म हो चुकी हैं। ऐसा ही हाला महंगे दामों पर जमीन ठेके लेने वाले किसानों का है। जो लाखों रुपये कर्जें के नीचे आ गए हैं। सरकार से किसानों को अभी तक कोई मदद मिलने की घोषणा नहीं हुई है। किसानों का कहना है जलभराव ने उनकी सारी उम्मीदों को डूबो दिया है।
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धान और कपास के गलने के कारण पानी दूषित होकर काला पड़ चुका है और चारों तरफ बदबू फैल गई है। आसपास के गांवों के ग्रामीण सुबह व शाम बदबू भरी हवा चलने से परेशान हैं। हालांकि किसान अपने खेतों में जाना नहीं छोड़ रहे है क्याेंकि कई दिनों से वह अपने यहां कदम नहीं रख पाए थे।
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किसानों के अनुसार अभी भी खेतों में एक से डेढ़ फीट पानी भरा हुआ है। जहां पर गहराई जाती है वहां पर दो से तीन फीट पानी है। दिन के समय पानी गर्म होकर उबलने लगता है और बदबू का आलम हो जाता है। सबसे ज्यादा प्रभाव 5 एकड़ व उसे नीचे के किसान व ठेके पर जमीन पर काश्त करने वाले किसानों पर पड़ा है।
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छोटे किसानों के सिर कर्ज चढ़ गया है क्योंकि फसलें खत्म हो चुकी हैं। ऐसा ही हाला महंगे दामों पर जमीन ठेके लेने वाले किसानों का है। जो लाखों रुपये कर्जें के नीचे आ गए हैं। सरकार से किसानों को अभी तक कोई मदद मिलने की घोषणा नहीं हुई है। किसानों का कहना है जलभराव ने उनकी सारी उम्मीदों को डूबो दिया है।