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Sirsa News: भाखड़ा नहर की मरम्मत के चलते जल आपूर्ति बंद, खारे पानी से बुझ रही प्यास, बीमार हो रहे लोग

Sun, 20 Apr 2025 10:24 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा Updated Sun, 20 Apr 2025 10:24 PM IST
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Water supply stopped due to repair of Bhakra canal, thirst is being quenched with salty water, people are falling ill
रानियां में जलघर की तलहटी में पहुंचा पानी। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
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रानियां। क्षेत्र के ग्रामीण पेयजल संकट की गंभीर स्थिति से जूझ रहे हैं। पिछले करीब डेढ़ महीने से भाखड़ा नहर की मरम्मत के चलते नहरी जल आपूर्ति पूरी तरह बंद है, जिससे इलाके की सभी शाखा नहरें सूखी पड़ी हैं। इसका सीधा असर ग्रामीण जलघरों, जोहड़ों व तालाबों पर पड़ा है, जो अब पूरी तरह खाली हो चुके हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, अब उन्हें मजबूरन भूमिगत बोरवेल के खारे और लवणीय पानी का सेवन करना पड़ रहा है, जिससे पेट दर्द, दस्त, हड्डियों में दर्द, और अन्य गैस्ट्रिक समस्याएं फैल रही हैं। चक्कां, भून्ना, घोड़ांवाली, खारियांं, गिंदड़ा, कुस्सर, मैहना खेड़ा, मम्मड़ खेड़ा, नथोर, सादेवाला, मतुवाला और सेनपाल जैसे गांवों में जलघरों में पानी पूरी तरह खत्म हो गया है।
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स्थानीय निवासी राजेश कुमार, मुकेश कुमार और राजेंद्र आदि ने बताया कि बच्चों और बुजुर्गों की तबीयत लगातार बिगड़ रही है। बोरवेल का खारा पानी पीना उनकी मजबूरी बन गई है, क्योंकि न तो जलघरों में पानी है और न ही जोहड़ों में।
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नहरी बंदी का समय गलत चुना, सरकार ने नहीं की ज़मीनी हकीकत की पड़ताल
ग्रामीणों ने सरकार और सिंचाई विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि नहरी मरम्मत कार्य के लिए समय का चुनाव बिना सोच-विचार के किया गया। इस समय खेती का फसली सीजन चल रहा है, वहीं गर्मी भी चरम पर है, ऐसे में जल की मांग कई गुना बढ़ जाती है। लोगों ने बताया कि एक ओर उनके गांवों में जलघर खाली हो गए हैं तो वहीं दूसरी ओर गांव के जोहड़ व तालाब सुख चुके हैं। जलघर से पानी की उपलब्धता सप्ताह भर में एक बार हो रही है वो भी 10 मिनट के लिए। ग्रामीणों ने बताया कि पहले हर दूसरे दिन पानी मिलता था, जो अब चार-पांच दिनों में मुश्किल से एक बार आता है। जलघरों पर ताले तक लग जाते हैं ताकि लोग अधिक पानी न भर सकें।

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टैंकर भी बना ‘लक्ज़री’, हजार रुपये में भी नहीं मिल रहा साफ पानी
ग्रामीणों ने बताया कि लोग पीने के पानी के लिए एक से दूसरे के घरों में घड़े, बाल्टी, ड्रम लेकर घूम रहे हैं ताकि उन्हें पीने के लिए कुछ पानी मिल जाए। अगर इस समय किसी को पानी का टैंकर मंगवाना पड़ जाए तो 250 रुपये वाले टैंकर का रेट 1000 रुपये तक पहुंच गया है और वो भी मिले या न मिले निश्चित नहीं है। क्षेत्रवासियों ने प्रदेश सरकार व नहरी विभाग से अपील की है कि वो जल्द से जल्द पीने के पानी की व्यवस्था करवाए ताकि वो अपनी दैनिक जरूरतों को पूरा कर सके।



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ग्रामीणों की मांग : जल्द शुरू हो नहरी आपूर्ति, वैकल्पिक पेयजल योजना हो लागू
ग्रामीणों ने प्रदेश सरकार व नहरी विभाग से मांग की है कि नहरी मरम्मत कार्य को शीघ्र पूरा कर जल आपूर्ति पुनः शुरू की जाए। साथ ही, जब तक नहरों में पानी नहीं आता, तब तक वैकल्पिक पेयजल योजना के तहत गांवों में साफ पानी की व्यवस्था की जाए, ताकि लोग अपनी बुनियादी जरूरतें पूरी कर सकें।

रानियां में जलघर की तलहटी में पहुंचा पानी। संवाद

रानियां में जलघर की तलहटी में पहुंचा पानी। संवाद

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