जन स्वास्थ्य विभाग ने 15 प्रतिशत कम की पेयजल की सप्लाई
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गर्मी के साथ-साथ सिरसा में पेयजल संकट ने भी दस्तक दी है। लोगों में पानी के लिए हाहाकार मचने लगा है। अगर इसी प्रकार से गर्मी बढ़ती गई और भाखड़ा में पर्याप्त पानी नहीं आया तो कुछ दिनों बाद दिन में एक टाइम ही पानी की सप्लाई जन स्वास्थ्य विभाग द्वारा की जाएगी। अभी विभाग ने 15 प्रतिशत पानी की सप्लाई घटा दी है। शहर में आलम यह है कि पानी की सप्लाई के इंतजार में महिलाएं गैलेन, बाल्टी व मटका लेकर लाइन में खड़ी होने को मजबूर हैं। हालात ऐसे पैदा होने लगे है कि रात हो या दिन, हमेशा पानी की चिंता सता रही है। कुछ क्षेत्रों में तो ट्यूबवेल का पानी खारा होने के कारण लोग रुपये देकर पानी का टैंकर मंगवाने लगे हैं। सिरसा शहर में 60 प्रतिशत हिस्से में नहरी पानी की सप्लाई होती है, जबकि अन्य 40 प्रतिशत आबादी के लिए पेयजल का साहरा ट्यूबवेल हैं। बढ़ती गर्मी के चलते नहरों में पानी की सप्लाई काफी कम हो गई है जिसका असल जलघरों में दिखाई देने लगा है। जन स्वास्थ्य विभाग ने नहर पानी की सप्लाई 15 प्रतिशत कम करके लोगों को पानी की बर्बादी न करने की सलाह दी है। शहर के वार्ड नंबर दो से लेकर आठ तक घरों में नहरी पानी आता है। थेहड़, कीर्ति नगर, बेगू रोड, नोहरिया बाजार, भादरा बाजार, रानियां रोड, गौशाला रोड, कंगनपुर रोड, आईटीआई रोड और डबवाली रोड के कुछ हिस्से में ट्यूबवेल से घरों में पानी भेजा जाता है।
विभाग की तरफ से शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है कि लोगों पानी बचाने के प्रति जागरूक किया जाए। पानी का नल खुला न छोड़े, अगर जागरूक करने के बावजूद जहां कहीं भी पानी का नल खुल्ला छोड़ा मिला उसे उपभोक्ता को नोटिस दिया जाएगा। शहरवासियों को आगाह किया जा रहा है कि जरूरत के हिसाब से पानी बरतें नहीं तो एक टाइम भी पेयजल की सप्लाई आना मुश्किल हो जाएगा। नहर में पानी के आधार पर ही जन स्वास्थ्य विभाग घरों में पानी की सप्लाई जारी करता है। जल घरों में पानी कम हुआ तो एक दिन छोड़कर एक दिन पानी की सप्लाई दी जाएगी।
तेजी लग रहे अवैध कनेक्शन
शहर में हजारों की संख्या में अवैध पेयजल कनेक्शन हैं। अवैध कनेक्शनों की भरमार के कारण वैध कनेक्शन वालों को पानी की किल्लत का सामना करना पड़ता है। प्रशासन के पास अवैध कनेक्शन का लगभग आंकड़ा मौजूद होने के बावजूद विडंबना है कि अब तक शहर के सभी वार्डों में छापेमारी अभियान नहीं चलाया जा सका है। सिरसा शहर की आबादी करीब दो लाख है और 38 हजार घरों में वैध पेयजल कनेक्शन लगे हुए हैं।
पानी की बर्बादी न करें
गर्मी के हिसाब से नहरों में पानी की कमी है, इसलिए नहरी पानी की सप्लाई में 15 प्रतिशत कटौती की गई है। जिस प्रकार से गर्मी बढ़ रही है उसे देखते हुए लगता है कि पानी में कटौती बढ़ानी पड़ेगी, क्योंकि नहरों में पानी कम आएगा तो इसका असर सप्लाई पर पड़ेगा जरूर। शहरवासी व्यर्थ में पानी की बर्बादी न करें। अभी तो हालात इतने खराब नहीं, लेकिन गर्मी के कारण कब विकट हो जाएं, इसके बारे में कुछ कहा नहीं जा सकता। जलघर मेें पानी कम हुआ तो दिन में एक टाइम ही पानी सप्लाई दी जाएगी। अभी ट्यूबवेल के जरिए इस कमी की भरपाई की जा रही है।
-प्रकाश वीर, कार्यकारी अभियंता, जन स्वास्थ्य विभाग, सिरसा।