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4 वर्षों के बाद पहुंचा नुहियांवाली के खेतों में पानी, अंतिम छोर पर अभी भी इंतजार
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नुहियांवाली में पंखा लगाकर पानी उठाते कनिसान।
- फोटो : Sirsa
ओढां। पिछले लंबे समय से रत्ताखेड़ा खरीफ चैनल के पानी के इंतजार में बैठे नुहियांवाली के किसानों का इंतजार आखिर खत्म हो गया। 4 वर्षों के बाद खेतों में पानी पहुंचने के बाद किसानों में खुशी देखी जा रही है। वहीं अंतिम छोर पर पड़ने वाले गांव रत्ताखेड़ा, राजपुरा सहित साथ लगते अन्य गांवों के किसान अभी भी सिंचाई पानी के इंतजार में हैं।
दरअसल बरसात के बाद घग्गर में जलस्तर बढ़ने के चलते रत्ताखेड़ा खरीफ चैनल में पानी छोड़ा गया है। ये पानी घुंकावाली के आधे रकबे तक पहुंच गया था, लेकिन आगे खरीफ चैनल पर लोगों ने खेतों में आवागमन के लिए अस्थायी बांध बना रखे थे। चामल के पास से घग्गर से निकाली गई ये खरीफ चैनल शेखूपुरिया, भागसर, पन्नीवाला मोटा सहित करीब 13 गांवों के किसानों के लिए वरदान बन रही है। लेकिन नुहियांवाली, रत्ताखेड़ा व राजपुरा सहित 4 गांव इसके पानी से वंचित चल रहे थे। नुहियांवाली के किसानों द्वारा कुछ बांध हटाए जाने के बाद किसानों को इसका पानी मिलना शुरू हो गया है, लेकिन रत्ताखेड़ा, राजपुरा व साथ लगते अन्य गांवों के किसान अभी भी इंतजार में है। बांध हटाए जाने के बाद घुंकावाली रकबा से करीब 3 किलोमीटर दूर तक खेतों में पानी पहुंच गया है। घुंकावाली रोड के निकट बांध हटने के बाद दूसरे छोर पर पड़ने वाली करीब 200 एकड़ भूमि से किसानों का संपर्क टूट गया है।
अंतिम छोर पर पड़ने वाले गांवों के लोगों ने की बैठक
नुहियांवाली रकबा में पानी पहुंचने की सूचना के बाद अंतिम छोर पर पड़ने वाले गांव राजपुरा, रत्ताखेड़ा, बनवाला व रामगढ़ सहित 4 गांवों के किसान रत्ताखेड़ा गोशाला में एकत्र हुए। सभी किसानों ने बैठक कर ये मंत्रणा की कि वे भी नुहियांवाली की तर्ज पर अपने खेतों तक पानी लेकर आएंगे। नुहियांवाली के बाद रत्ताखेड़ा तक करीब 6 अस्थाई बांध और मौजूद हैं।
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हमें खरीफ चैनल के पानी का पिछले कई वर्षों से इंतजार था। बहुत खुशी हुई है कि हमारे खेतों में पानी पहुंच गया। खरीफ चैनल का पानी खेतों के लिए वरदान साबित होगा। हम तो यहीं कहते हैं कि अंतिम छोर पर पड़ने वाले सभी किसानों को इसका पानी मिले।
विनोद कुमार, किसान।
किसान को सिंचाई पानी मिल जाए तो और क्या चाहिए। करीब 4 वर्षों बाद आज हमारे खेतों में पानी पहुंचा है। हम पंखे से पानी उठाकर सिंचाई कर रहे हैं। खरीफ चैनल किसानों के लिए वरदान है। सभी किसानों को इसका पानी मिलना चाहिए।
अभय कुमार, किसान।
मेरा खेत घुंकावाली रोड से करीब 3 किलोमीटर दूर पड़ता है। मेरे खेत में पानी पहुंचने के बीच में 4 अस्थाई बांध पड़ते थे। 2 बांध हटा दिए गए हैं। आगे पंखे लगाकर पानी खेतों में ले जाया गया है। ये 2 बांध और निकलते हैं तो हमारे खेतों में सीधा पानी पहुंच जाएगा। हमारी तो यही मांग है कि प्रशासन समस्या का समाधान करे।
- हनुमान नेहरा, किसान।
खरीफ चैनल का पानी फसलों के लिए संजीवनी है। इस समय खरीफ चैनल में पानी आ गया है। हम खेतों में सिंचाई कर रहे हैं। नुहियांवाली के अलावा बनवाला, रत्ताखेड़ा, राजपुरा व रामगढ़ सहित अन्य गांवों के किसानों को भी पानी मिले ताकि किसान खुशहाल हो।
सुनील नेहरा, किसान।
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दरअसल बरसात के बाद घग्गर में जलस्तर बढ़ने के चलते रत्ताखेड़ा खरीफ चैनल में पानी छोड़ा गया है। ये पानी घुंकावाली के आधे रकबे तक पहुंच गया था, लेकिन आगे खरीफ चैनल पर लोगों ने खेतों में आवागमन के लिए अस्थायी बांध बना रखे थे। चामल के पास से घग्गर से निकाली गई ये खरीफ चैनल शेखूपुरिया, भागसर, पन्नीवाला मोटा सहित करीब 13 गांवों के किसानों के लिए वरदान बन रही है। लेकिन नुहियांवाली, रत्ताखेड़ा व राजपुरा सहित 4 गांव इसके पानी से वंचित चल रहे थे। नुहियांवाली के किसानों द्वारा कुछ बांध हटाए जाने के बाद किसानों को इसका पानी मिलना शुरू हो गया है, लेकिन रत्ताखेड़ा, राजपुरा व साथ लगते अन्य गांवों के किसान अभी भी इंतजार में है। बांध हटाए जाने के बाद घुंकावाली रकबा से करीब 3 किलोमीटर दूर तक खेतों में पानी पहुंच गया है। घुंकावाली रोड के निकट बांध हटने के बाद दूसरे छोर पर पड़ने वाली करीब 200 एकड़ भूमि से किसानों का संपर्क टूट गया है।
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अंतिम छोर पर पड़ने वाले गांवों के लोगों ने की बैठक
नुहियांवाली रकबा में पानी पहुंचने की सूचना के बाद अंतिम छोर पर पड़ने वाले गांव राजपुरा, रत्ताखेड़ा, बनवाला व रामगढ़ सहित 4 गांवों के किसान रत्ताखेड़ा गोशाला में एकत्र हुए। सभी किसानों ने बैठक कर ये मंत्रणा की कि वे भी नुहियांवाली की तर्ज पर अपने खेतों तक पानी लेकर आएंगे। नुहियांवाली के बाद रत्ताखेड़ा तक करीब 6 अस्थाई बांध और मौजूद हैं।
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हमें खरीफ चैनल के पानी का पिछले कई वर्षों से इंतजार था। बहुत खुशी हुई है कि हमारे खेतों में पानी पहुंच गया। खरीफ चैनल का पानी खेतों के लिए वरदान साबित होगा। हम तो यहीं कहते हैं कि अंतिम छोर पर पड़ने वाले सभी किसानों को इसका पानी मिले।
विनोद कुमार, किसान।
किसान को सिंचाई पानी मिल जाए तो और क्या चाहिए। करीब 4 वर्षों बाद आज हमारे खेतों में पानी पहुंचा है। हम पंखे से पानी उठाकर सिंचाई कर रहे हैं। खरीफ चैनल किसानों के लिए वरदान है। सभी किसानों को इसका पानी मिलना चाहिए।
अभय कुमार, किसान।
मेरा खेत घुंकावाली रोड से करीब 3 किलोमीटर दूर पड़ता है। मेरे खेत में पानी पहुंचने के बीच में 4 अस्थाई बांध पड़ते थे। 2 बांध हटा दिए गए हैं। आगे पंखे लगाकर पानी खेतों में ले जाया गया है। ये 2 बांध और निकलते हैं तो हमारे खेतों में सीधा पानी पहुंच जाएगा। हमारी तो यही मांग है कि प्रशासन समस्या का समाधान करे।
- हनुमान नेहरा, किसान।
खरीफ चैनल का पानी फसलों के लिए संजीवनी है। इस समय खरीफ चैनल में पानी आ गया है। हम खेतों में सिंचाई कर रहे हैं। नुहियांवाली के अलावा बनवाला, रत्ताखेड़ा, राजपुरा व रामगढ़ सहित अन्य गांवों के किसानों को भी पानी मिले ताकि किसान खुशहाल हो।
सुनील नेहरा, किसान।