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कुम्हारिया के ग्रामीण बोले : ग्राम पंचायत चुनाव जल्दी होने चाहिए
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गांव में खस्ताहालत पशु चिकित्सालय। संवाद
- फोटो : Sirsa
चोपटा। हरियाणा के ग्रामीण इलाकों में एक बार फिर लोगों में ग्राम पंचायत चुनाव होने की आस जगी है। पंचायत चुनाव को लेकर गांव में चर्चाएं जोर पकड़ रही हैं। ग्रामीण एक ही बात पर बल दे रहे हैं कि सवा साल से गांव को संभालने वाला कोई नहीं है। ऐसे में चुनाव जल्द होना चाहिए। चुनाव में धनबल का प्रयोग कम होना चाहिए। प्रदेश के अंतिम छोर पर पड़ने वाले गांव कुम्हारिया में ग्रामीण चुनाव जल्दी कराने की मांग को लेकर चर्चा करने में मशगूल हैं।
करीब 200 साल पुराने गांव की आबादी 3800 के करीब है। गांव का रकबा 3602 एकड़ है, जिसमें 2000 मतदाता गांव के सरपंच का चुनाव करेंगे। ग्रामीण गांव को विकास कार्यों में काफी पिछड़ा मानते हैं। ग्रामीणों की 70 सालों से एक ही मांग है कि गांव की फिरनी को पक्का किया जाए, वह पूरी नहीं हो पा रही है । इसके अलावा गांव की अधिकतर गलियां कच्ची और जोहड़ में पशुओं के पीने के पानी की कमी रहती है। संवाद
गांव का परिचय
राजस्थान की सीमा से सटे होने के कारण गांव कुम्हारिया में ग्रामीणों द्वारा राजस्थानी व बागड़ी भाषा बोली जाती है। ग्रामीणों ने बताया कि करीब 200 वर्ष पूर्व बैनीवाल गोत्र के लोगों द्वारा बसाए गए गांव में चार पटिया बनाई गई, जिनमें देबन पट्टी, बिश्ना पट्टी, रतिराम पट्टी, दाना माड़ू पट्टी। बाद में यहां पर अन्य गोत्र न्यौल, डारा, बनिया, बाना, सुंडा, सिहाग, बांदर, श्योराण आदि गोत्र के लोग आकर बस गए। गांव के बारे में ऐसी मान्यता है कि यहां पर सबसे पहले कोई कुंभ घड़ा मिला था, जिसे कुंभ रेहा (मिला) कहा गया। बाद में धीरे-धीरे गांव का नाम कुम्हारिया पड़ गया । ग्राम में प्राचीन जोहड़ व तीन कुएं बनाए हुए हैं। आस्था के प्रतीक गांव में सती दादी का मंदिर है। इस मंदिर की महिमा दूर - दूर तक फैली हुई है। यहां पर हर माह शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को मेला लगता है। इसके अलावा गांव में ठाकुर का मंदिर, जाहरवीर गोगा की गोगा म्हाड़ी, रामदेव का रामदेवरा, कुंड पर स्थित हनुमान मंदिर, नेत नाहर सिंह, मंदिर माता रानी का मंदिर पर गांव वासी प्रतिदिन शीश नवाते हैं।
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सरकार को ग्राम पंचायत चुनाव जल्दी करवाना चाहिए, ताकि गांव में विकास कार्य ठीक ढंग से हो सके। करीब सवा साल से गांव का कोई धणी धोरी नहीं है और विकास के मामले में गांव पर पिछड़ता जा रहा है। गांव में पढ़ा-लिखा सरपंच होना चाहिए, जो विकासकारी सोच के साथ कार्य कर सकें। महेंद्र सिंह बेनीवाल। फोटो- 15
हाईकोर्ट के फैसले के बाद चुनाव की एक बार फिर ग्राम पंचायत चुनाव की आस जगी है। सरकार को जल्द चुनाव करवाकर गांव के विकास कार्य की गति को तेज करना चाहिए। गांव कुम्हारिया में पशु चिकित्सालय की हालत खस्ता है। इसके साथ ही कच्ची गलियां गांव के पिछड़ेपन का एहसास करवा रही हैं। फिरनी को पका करवाया जाना चाहिए और गांव में बस सुविधा की कमी को दूर कर करना जरूरी है। बलवान सिंह।
ग्राम पंचायत चुनाव में विकासकारी सोच रखने वाले व्यक्ति को सरपंच बनाकर गांव में विकास की गति को तेज करना चाहतें हैं। ग्राम पंचायत चुनाव पूरी तरह से नशा मुक्त, दबाव मुक्त और पैसा मुक्त होना चाहिए। बंसीलाल।
गांव को करीब सवा 6 साल बाद एक नया प्रतिनिधि मिलेगा। जोकि गांव में विकास कार्यों को एक नई गति प्रदान करेगा। सरकार सवा साल से ग्राम पंचायत चुनाव को लेकर गंभीर नहीं दिखाई दे रही है । अब हाईकोर्ट के फैसले के बाद सरकार को जल्द चुनाव करवाकर ग्रामीण विकास को बढ़ावा देना चाहिए। - रामसिंह बगड़िया।
मैंने अपने कार्यकाल में गांव में कई विकास कार्य करवाए हैं। गांव की गलियों को पक्की करवाना मेरी प्राथमिकता रही है। गांव की फिरनी अभी तक कच्ची है व कई गलियां भी कच्ची पड़ी है इनको पक्का करवाने के लिए पंचायत द्वारा कई बार प्रस्ताव बनाकर विभाग के उच्च अधिकारियों को भेजे गए। अब नई ग्राम पंचायत के लिए जल्दी चुनाव होने चाहिए, ताकि रुके हुए विकास कार्य शुरू हो सके। -शकुंतला देवी, निवर्तमान सरपंच।
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करीब 200 साल पुराने गांव की आबादी 3800 के करीब है। गांव का रकबा 3602 एकड़ है, जिसमें 2000 मतदाता गांव के सरपंच का चुनाव करेंगे। ग्रामीण गांव को विकास कार्यों में काफी पिछड़ा मानते हैं। ग्रामीणों की 70 सालों से एक ही मांग है कि गांव की फिरनी को पक्का किया जाए, वह पूरी नहीं हो पा रही है । इसके अलावा गांव की अधिकतर गलियां कच्ची और जोहड़ में पशुओं के पीने के पानी की कमी रहती है। संवाद
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गांव का परिचय
राजस्थान की सीमा से सटे होने के कारण गांव कुम्हारिया में ग्रामीणों द्वारा राजस्थानी व बागड़ी भाषा बोली जाती है। ग्रामीणों ने बताया कि करीब 200 वर्ष पूर्व बैनीवाल गोत्र के लोगों द्वारा बसाए गए गांव में चार पटिया बनाई गई, जिनमें देबन पट्टी, बिश्ना पट्टी, रतिराम पट्टी, दाना माड़ू पट्टी। बाद में यहां पर अन्य गोत्र न्यौल, डारा, बनिया, बाना, सुंडा, सिहाग, बांदर, श्योराण आदि गोत्र के लोग आकर बस गए। गांव के बारे में ऐसी मान्यता है कि यहां पर सबसे पहले कोई कुंभ घड़ा मिला था, जिसे कुंभ रेहा (मिला) कहा गया। बाद में धीरे-धीरे गांव का नाम कुम्हारिया पड़ गया । ग्राम में प्राचीन जोहड़ व तीन कुएं बनाए हुए हैं। आस्था के प्रतीक गांव में सती दादी का मंदिर है। इस मंदिर की महिमा दूर - दूर तक फैली हुई है। यहां पर हर माह शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को मेला लगता है। इसके अलावा गांव में ठाकुर का मंदिर, जाहरवीर गोगा की गोगा म्हाड़ी, रामदेव का रामदेवरा, कुंड पर स्थित हनुमान मंदिर, नेत नाहर सिंह, मंदिर माता रानी का मंदिर पर गांव वासी प्रतिदिन शीश नवाते हैं।
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सरकार को ग्राम पंचायत चुनाव जल्दी करवाना चाहिए, ताकि गांव में विकास कार्य ठीक ढंग से हो सके। करीब सवा साल से गांव का कोई धणी धोरी नहीं है और विकास के मामले में गांव पर पिछड़ता जा रहा है। गांव में पढ़ा-लिखा सरपंच होना चाहिए, जो विकासकारी सोच के साथ कार्य कर सकें। महेंद्र सिंह बेनीवाल। फोटो- 15
हाईकोर्ट के फैसले के बाद चुनाव की एक बार फिर ग्राम पंचायत चुनाव की आस जगी है। सरकार को जल्द चुनाव करवाकर गांव के विकास कार्य की गति को तेज करना चाहिए। गांव कुम्हारिया में पशु चिकित्सालय की हालत खस्ता है। इसके साथ ही कच्ची गलियां गांव के पिछड़ेपन का एहसास करवा रही हैं। फिरनी को पका करवाया जाना चाहिए और गांव में बस सुविधा की कमी को दूर कर करना जरूरी है। बलवान सिंह।
ग्राम पंचायत चुनाव में विकासकारी सोच रखने वाले व्यक्ति को सरपंच बनाकर गांव में विकास की गति को तेज करना चाहतें हैं। ग्राम पंचायत चुनाव पूरी तरह से नशा मुक्त, दबाव मुक्त और पैसा मुक्त होना चाहिए। बंसीलाल।
गांव को करीब सवा 6 साल बाद एक नया प्रतिनिधि मिलेगा। जोकि गांव में विकास कार्यों को एक नई गति प्रदान करेगा। सरकार सवा साल से ग्राम पंचायत चुनाव को लेकर गंभीर नहीं दिखाई दे रही है । अब हाईकोर्ट के फैसले के बाद सरकार को जल्द चुनाव करवाकर ग्रामीण विकास को बढ़ावा देना चाहिए। - रामसिंह बगड़िया।
मैंने अपने कार्यकाल में गांव में कई विकास कार्य करवाए हैं। गांव की गलियों को पक्की करवाना मेरी प्राथमिकता रही है। गांव की फिरनी अभी तक कच्ची है व कई गलियां भी कच्ची पड़ी है इनको पक्का करवाने के लिए पंचायत द्वारा कई बार प्रस्ताव बनाकर विभाग के उच्च अधिकारियों को भेजे गए। अब नई ग्राम पंचायत के लिए जल्दी चुनाव होने चाहिए, ताकि रुके हुए विकास कार्य शुरू हो सके। -शकुंतला देवी, निवर्तमान सरपंच।