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Sirsa News: कुम्हारिया स्कूल में दो कर्मचारियों की दोबारा नियुक्ति पर ग्रामीणों ने जड़ा ताला
Thu, 06 Aug 2026 11:29 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Thu, 06 Aug 2026 11:29 PM IST
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गांव कुम्हारिया में स्कूल पर ताला जड़ने की सूचना पर पहुुंचे बीईओ ग्रामीणों से ज्ञापन लेते हुए।
बीईओ के स्थायी समाधान के आश्वासन के बाद खुला स्कूल, पढ़ाई हुई शुरू
फोटो-- 39,40,41
संवाद न्यूज एजेंसी
चोपटा। क्षेत्र के गांव कुम्हारिया स्थित राजकीय उच्च विद्यालय में दो कर्मचारियों को प्रतिनियुक्ति यानी डेप्यूटेशन खत्म होने के बाद दोबारा गांव में नियुक्ति मिलने के विरोध में ग्रामीणों ने वीरवार को स्कूल के मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया। गांव के लोगों ने जमकर शिक्षा विभाग के खिलाफ नारेबाजी।
ग्रामीणों ने चार घंटे तक दोनों कर्मचारियों की प्रतिनियुक्ति के विरोध में प्रदर्शन किया। सूचना मिलने के बाद खंड शिक्षा अधिकारी सतबीर ढिढारिया मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत की और उनका ज्ञापन लिया।
साथ ही आश्वासन दिया कि इस संबंध में उच्चाधिकारियों से चर्चा कर विकल्प निकाला जाएगा। बीईओ के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने अपना धरना प्रदर्शन खत्म किया और बच्चों की नियमित रूप से कक्षाएं शुरू हुईं।
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गांव के सरपंच रूपेश बेनीवाल, मदनलाल, पंच सुरेंद्र, प्रवीण धत्तरवाल, रवि सुंडा, छोटूराम, रामकुमार, दीपक, बिल्लू और धमनलाल ने बताया कि वर्ष 2021 में नशे को लेकर गांव में महापंचायत हुई थी। उसके बाद नशे की शिकायत मिलने पर एसडीएम से मांग की गई थी कि कंप्यूटर अध्यापक और लैब सहायक को स्कूल से हटाकर नाथूसरी चोपटा स्थित बीईओ कार्यालय में प्रतिनियुक्ति पर भेजा गया था।
उनका आरोप है कि दोनों कर्मचारी नशे के आदी हैं। इस कारण स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे भी नशे की जद में आ सकते हैं। इससे गांव का भविष्य देखते हुए इन्हें हटाया जाएगा। ग्रामीणों का आरोप है कि पांच साल बाद पुन: दोनों कर्मचारियों की स्कूल में प्रतिनियुक्ति एक अगस्त से कर दी गई है। इससे गांव व शैक्षणिक माहौल खराब होगा और ऐसा हम होने नहीं देंगे।
स्कूल बैग लेकर बाहर आ गए विद्यार्थी
ग्रामीणों के स्कूल के बाहर प्रदर्शन करने की सूचना विद्यार्थियों को जैसे ही मिली। वे अपने बैग लेकर स्कूल से बाहर आ गए और धरने में शामिल हो गए। विद्यार्थियों ने भी ग्रामीणों का समर्थन किया और नशा करने वालों को नियुक्त नहीं करने की मांग की।
बच्चों ने परिजनों को दी सूचना
पूर्व में प्रतिनियुक्ति पर भेजे गए कर्मचारियों की नियुक्ति की गई। वे हाजिरी लगाने के लिए स्कूल में पहुंचे। उनके स्कूल में आने का विद्यार्थियों को पता चला तो उन्होंने अपने अपने परिजनों को बताना शुरू कर दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने आपसी फोन पर संपर्क साधा और विरोध प्रदर्शन की रणनीति बनाई। इसी से पता चलता है कि गांव के बच्चे तक नशे को लेकर कितने जागरूक है। गांव को नशा मुक्त बनाना चाहते हैं।
खंड शिक्षा अधिकारी बोले
खंड शिक्षा अधिकारी सतबीर ढिढारिया ने कहा कि सूचना मिलते ही वह स्कूल पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि कुम्हारिया स्कूल के विद्यार्थी और स्टाफ मेहनती हैं। इस वर्ष यहां के एक विद्यार्थी का चयन सुपर-100 योजना में भी हुआ है। विद्यार्थियों के भविष्य और ग्रामीणों की भावनाओं को देखते हुए मामले के स्थायी समाधान के लिए उच्च अधिकारियों से चर्चा की जाएगी। जल्द ही समाधान किया जाएगा।
पांच साल पहले नशे के आदी भतीजे ने की थी भाभी की हत्या, हुई थी महापंचायत
वर्ष 2021 की 7 जनवरी को गांव कुम्हारिया में एक घटना घटित हुई। एक भतीजे ने नशे के पैसे नहीं मिलने पर अपनी सगी चाची की हत्या कर दी थी । उसी समय गांव में नशे के खिलाफ बिगुल बज गया था। 31 जनवरी 2021 को गांव में नशे के खिलाफ एक महापंचायत हुई। इसमें 21 सदस्यों की कमेटी बनाकर गांव को नशे से बचाने का संकल्प लिया। इसी दौरान ग्रामीणों ने गांव के राजकीय उच्च विद्यालय में दो कर्मचारियों द्वारा नशा करने की बात भी सामने आई तो ग्रामीणों ने एसडीएम से इस बात की शिकायत की। उसके बाद लोगों ने अपने-अपने घरों में अपने बच्चों को नशे की लत से बचाने के लिए कमर कस ली। गांव कुम्हारिया में नशे को जड़ से खत्म करने का संकल्प लिया गया। इसी दौरान कई महिलाओं ने भी नशा रोकने के अपील करते हुए गांव से हर प्रकार का नशा जैसे चिट्टा, शराब, नशे की गोलियां, अफीम, गांजा सभी को खत्म करने का आह्वान किया। ग्रामीणों की अपील पर एसडीएम के निर्देशों पर दोनों कर्मचारियों को प्रतिनियुक्ति पर चोपटा भेज दिया गया है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
चोपटा। क्षेत्र के गांव कुम्हारिया स्थित राजकीय उच्च विद्यालय में दो कर्मचारियों को प्रतिनियुक्ति यानी डेप्यूटेशन खत्म होने के बाद दोबारा गांव में नियुक्ति मिलने के विरोध में ग्रामीणों ने वीरवार को स्कूल के मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया। गांव के लोगों ने जमकर शिक्षा विभाग के खिलाफ नारेबाजी।
ग्रामीणों ने चार घंटे तक दोनों कर्मचारियों की प्रतिनियुक्ति के विरोध में प्रदर्शन किया। सूचना मिलने के बाद खंड शिक्षा अधिकारी सतबीर ढिढारिया मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत की और उनका ज्ञापन लिया।
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साथ ही आश्वासन दिया कि इस संबंध में उच्चाधिकारियों से चर्चा कर विकल्प निकाला जाएगा। बीईओ के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने अपना धरना प्रदर्शन खत्म किया और बच्चों की नियमित रूप से कक्षाएं शुरू हुईं।
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गांव के सरपंच रूपेश बेनीवाल, मदनलाल, पंच सुरेंद्र, प्रवीण धत्तरवाल, रवि सुंडा, छोटूराम, रामकुमार, दीपक, बिल्लू और धमनलाल ने बताया कि वर्ष 2021 में नशे को लेकर गांव में महापंचायत हुई थी। उसके बाद नशे की शिकायत मिलने पर एसडीएम से मांग की गई थी कि कंप्यूटर अध्यापक और लैब सहायक को स्कूल से हटाकर नाथूसरी चोपटा स्थित बीईओ कार्यालय में प्रतिनियुक्ति पर भेजा गया था।
उनका आरोप है कि दोनों कर्मचारी नशे के आदी हैं। इस कारण स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे भी नशे की जद में आ सकते हैं। इससे गांव का भविष्य देखते हुए इन्हें हटाया जाएगा। ग्रामीणों का आरोप है कि पांच साल बाद पुन: दोनों कर्मचारियों की स्कूल में प्रतिनियुक्ति एक अगस्त से कर दी गई है। इससे गांव व शैक्षणिक माहौल खराब होगा और ऐसा हम होने नहीं देंगे।
स्कूल बैग लेकर बाहर आ गए विद्यार्थी
ग्रामीणों के स्कूल के बाहर प्रदर्शन करने की सूचना विद्यार्थियों को जैसे ही मिली। वे अपने बैग लेकर स्कूल से बाहर आ गए और धरने में शामिल हो गए। विद्यार्थियों ने भी ग्रामीणों का समर्थन किया और नशा करने वालों को नियुक्त नहीं करने की मांग की।
बच्चों ने परिजनों को दी सूचना
पूर्व में प्रतिनियुक्ति पर भेजे गए कर्मचारियों की नियुक्ति की गई। वे हाजिरी लगाने के लिए स्कूल में पहुंचे। उनके स्कूल में आने का विद्यार्थियों को पता चला तो उन्होंने अपने अपने परिजनों को बताना शुरू कर दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने आपसी फोन पर संपर्क साधा और विरोध प्रदर्शन की रणनीति बनाई। इसी से पता चलता है कि गांव के बच्चे तक नशे को लेकर कितने जागरूक है। गांव को नशा मुक्त बनाना चाहते हैं।
खंड शिक्षा अधिकारी बोले
खंड शिक्षा अधिकारी सतबीर ढिढारिया ने कहा कि सूचना मिलते ही वह स्कूल पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि कुम्हारिया स्कूल के विद्यार्थी और स्टाफ मेहनती हैं। इस वर्ष यहां के एक विद्यार्थी का चयन सुपर-100 योजना में भी हुआ है। विद्यार्थियों के भविष्य और ग्रामीणों की भावनाओं को देखते हुए मामले के स्थायी समाधान के लिए उच्च अधिकारियों से चर्चा की जाएगी। जल्द ही समाधान किया जाएगा।
पांच साल पहले नशे के आदी भतीजे ने की थी भाभी की हत्या, हुई थी महापंचायत
वर्ष 2021 की 7 जनवरी को गांव कुम्हारिया में एक घटना घटित हुई। एक भतीजे ने नशे के पैसे नहीं मिलने पर अपनी सगी चाची की हत्या कर दी थी । उसी समय गांव में नशे के खिलाफ बिगुल बज गया था। 31 जनवरी 2021 को गांव में नशे के खिलाफ एक महापंचायत हुई। इसमें 21 सदस्यों की कमेटी बनाकर गांव को नशे से बचाने का संकल्प लिया। इसी दौरान ग्रामीणों ने गांव के राजकीय उच्च विद्यालय में दो कर्मचारियों द्वारा नशा करने की बात भी सामने आई तो ग्रामीणों ने एसडीएम से इस बात की शिकायत की। उसके बाद लोगों ने अपने-अपने घरों में अपने बच्चों को नशे की लत से बचाने के लिए कमर कस ली। गांव कुम्हारिया में नशे को जड़ से खत्म करने का संकल्प लिया गया। इसी दौरान कई महिलाओं ने भी नशा रोकने के अपील करते हुए गांव से हर प्रकार का नशा जैसे चिट्टा, शराब, नशे की गोलियां, अफीम, गांजा सभी को खत्म करने का आह्वान किया। ग्रामीणों की अपील पर एसडीएम के निर्देशों पर दोनों कर्मचारियों को प्रतिनियुक्ति पर चोपटा भेज दिया गया है।
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