{"_id":"68fe5af5966d8c73420976c9","slug":"vikram-selected-for-athletics-championship-sirsa-news-c-128-1-sir1002-146530-2025-10-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirsa News: एथलेटिक्स चैंपियनशिप में विक्रम का चयन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirsa News: एथलेटिक्स चैंपियनशिप में विक्रम का चयन
विज्ञापन
सिरसा।खिलाड़ी विक्रम। कोच
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सिरसा। ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में 11 नवंबर से शुरू होने जा रही 38वीं जूनियर नेशनल एथलेटिक्स चैंपियनशिप में सिरसा जिले के बणी गांव के विक्रम का चयन अंडर-16 लॉन्ग जंप स्पर्धा के लिए हुआ है। विक्रम इस समय राजकीय स्कूल में 11वीं कक्षा के विद्यार्थी हैं और कम उम्र में ही एथलेटिक्स की दुनिया में अपनी अलग पहचान बना रहे हैं।
विक्रम की खेल यात्रा वर्ष 2018 में तीसरी कक्षा से शुरू हुई। तभी से वे रोजाना सुबह-शाम मैदान में पसीना बहा रहे हैं। वर्तमान में वह सुबह दो घंटे और शाम दो घंटे, कुल चार घंटे नियमित अभ्यास करते हैं। विक्रम ने बताया कि उनका सपना है कि वह एक दिन देश के लिए खेलें और ओलंपिक 2032 में भारत का नाम रोशन करें।
-- -- -- -- -- -- -- -- --
उम्मीद क्लब बन रहा ग्रामीण प्रतिभाओं की ताकत
विक्रम की तैयारी उम्मीद क्लब, बणी के कोचों के मार्गदर्शन में करवाई जा रही है। क्लब के तत्वाधान में बणी खेल स्टेडियम में प्रतिदिन करीब 200 लड़के व लड़कियां कबड्डी, फुटबाल, ऊंची कूद, लंबी कूद, वॉलीबाल और कुश्ती का अभ्यास करते हैं। गांव में ही राजकीय स्कूल को एथलेटिक्स की नर्सरी माना जाता है, जहां से हर साल कई प्रतिभाएं राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन करती हैं।
विज्ञापन
-- -- -- -- -- -- -- -- --
गरीबी बड़ी चुनौती, हौसला और सपने उससे भी बड़े
विक्रम का परिवार आर्थिक रूप से बेहद कमजोर है। घर की स्थिति इतनी कठिन है कि कभी-कभी मूलभूत जरूरतें पूरी करना भी मुश्किल हो जाता है, लेकिन इन परिस्थितियों ने उनके हौसले को कमजोर नहीं किया। परिवार के पास संसाधन नहीं होने के बावजूद माता-पिता ने हमेशा उन्हें खेल जारी रखने के लिए प्रेरित किया। विक्रम को एथलेटिक्स की प्रेरणा भारत की स्टार धाविका हिमा दास से मिली, जिनकी सफलता की कहानी ने उनमें कुछ बड़ा करने का जुनून भरा।
-- -- -- -- -- -- -- -- --
नेशनल स्तर तक जीत चुके मेडल
जूनियर स्तर पर विक्रम लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। जम्मू-कश्मीर में आयोजित जूनियर नेशनल (एएफआई) अंडर-14 ट्रायथलॉन में वह रजत पदक जीत चुके हैं। वहीं हर वर्ष स्कूल स्तर और राज्य स्तर की प्रतियोगिताओं में भी उन्होंने कई पदक हासिल किए हैं। प्रदर्शन और अनुशासन ने उन्हें इस बार अंडर-16 लॉन्ग जंप के लिए नेशनल स्तर तक पहुंचाया है।
विज्ञापन
विक्रम की खेल यात्रा वर्ष 2018 में तीसरी कक्षा से शुरू हुई। तभी से वे रोजाना सुबह-शाम मैदान में पसीना बहा रहे हैं। वर्तमान में वह सुबह दो घंटे और शाम दो घंटे, कुल चार घंटे नियमित अभ्यास करते हैं। विक्रम ने बताया कि उनका सपना है कि वह एक दिन देश के लिए खेलें और ओलंपिक 2032 में भारत का नाम रोशन करें।
विज्ञापन
उम्मीद क्लब बन रहा ग्रामीण प्रतिभाओं की ताकत
विक्रम की तैयारी उम्मीद क्लब, बणी के कोचों के मार्गदर्शन में करवाई जा रही है। क्लब के तत्वाधान में बणी खेल स्टेडियम में प्रतिदिन करीब 200 लड़के व लड़कियां कबड्डी, फुटबाल, ऊंची कूद, लंबी कूद, वॉलीबाल और कुश्ती का अभ्यास करते हैं। गांव में ही राजकीय स्कूल को एथलेटिक्स की नर्सरी माना जाता है, जहां से हर साल कई प्रतिभाएं राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन करती हैं।
विज्ञापन
गरीबी बड़ी चुनौती, हौसला और सपने उससे भी बड़े
विक्रम का परिवार आर्थिक रूप से बेहद कमजोर है। घर की स्थिति इतनी कठिन है कि कभी-कभी मूलभूत जरूरतें पूरी करना भी मुश्किल हो जाता है, लेकिन इन परिस्थितियों ने उनके हौसले को कमजोर नहीं किया। परिवार के पास संसाधन नहीं होने के बावजूद माता-पिता ने हमेशा उन्हें खेल जारी रखने के लिए प्रेरित किया। विक्रम को एथलेटिक्स की प्रेरणा भारत की स्टार धाविका हिमा दास से मिली, जिनकी सफलता की कहानी ने उनमें कुछ बड़ा करने का जुनून भरा।
नेशनल स्तर तक जीत चुके मेडल
जूनियर स्तर पर विक्रम लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। जम्मू-कश्मीर में आयोजित जूनियर नेशनल (एएफआई) अंडर-14 ट्रायथलॉन में वह रजत पदक जीत चुके हैं। वहीं हर वर्ष स्कूल स्तर और राज्य स्तर की प्रतियोगिताओं में भी उन्होंने कई पदक हासिल किए हैं। प्रदर्शन और अनुशासन ने उन्हें इस बार अंडर-16 लॉन्ग जंप के लिए नेशनल स्तर तक पहुंचाया है।