फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sirsa News ›   Twenty out of the 17 votes on the house remain, sirsa news

घर से चले थे बीस लेकर पर वोट 17 ही रह गए

Tue, 13 Dec 2016 12:49 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला सिरसा
ब्यूरो/अमर उजाला सिरसा Updated Tue, 13 Dec 2016 12:49 AM IST
विज्ञापन
सिरसा। नगर परिषद सिरसा के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव पर पूरे नगर के साथ साथ जिले भर के लोगों की निगाह लग हुई थी। प्रधान पद जरूर भाजपा को मिला पर भाजपा अपनों से ही हार गई। घर से लेकर 20 पार्षद चले थे पर 17 ने ही वोट दी जबकि तीन ने विरोधी उम्मीदवार की मददकर जीत एक वोट पर लाकर रख दी। असंतुष्टों को मनाने के लिए सरकार की ओर से कई मंत्रियों को भेजा गया पर वहीं ढाक के तीन पात रहे। हुआ वही तो भाजपा नहीं नहीं चाहती थी। भाजपा का ही दूसरा खेमा अपना प्रधान बनाने में कामयाब रहा।
विज्ञापन

अध्यक्ष उपाध्यक्ष पद के लिए भाजपा ने मोहरे बिछाने शुरू किए। कुछ आजाद भाजपा की ओर आए पर कांग्रेस और हलोपा ने गठबंधन उम्मीदवार मैदान में उतारने का ऐलान कर दिया था। भाजपा का एक गुट आरएसएस पृष्ठभूमि से जुडे़ प्रदीप रातुसरियां की पत्नी वैशाली को उम्मीदवार बनाना चाहता था पर राहुल सेतिया ने शीलाल सहगल को उम्मीदवार ही घोषित कर दिया क्योंकि भाजपा के आठ पार्षद उनके समर्थक बताए जा रहे थे। तीसरा गुट भी वैशाल के नाम का विरोध कर रहा था। सीएम के पूर्व राजनीतिक सलाहकार वैशाली के पक्षधर थे। 18 नवंबर का चुनाव कराने का ऐलान हुआ तो भाजपा पार्षदों को एक गुट  हिमाचल के वुड क्रिक होटल ले गया जहां पर 18 पार्षद एकजुट हुए। जहां पर सीपीएस श्याम सिंह राणा, सिरसा भाजपा प्रभारी संजय भाटिया, विधायक असीम गोयल ने पार्षदों से उनकी राय ली।
विज्ञापन

    इसके बाद भी प्रधान पद को लेकर  खेल चलता रहा। हर गुट अपनी अपनी जिद पर अडा़ रहा। बाद में उम्मीदवार के नाम का फैसला भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला पर छोड दिया गया। हाईकमान भाजपा के भीतर पनप रही कलह को शांत कर चुनाव कराना चाहता था। 12 दिसंबर को चुनाव को लेकर राज्यमंत्री कृष्ण बेदी, भाजपा सिरसा प्रभारी संजय भाटिया रविवार रात को ही सिरसा पहुंच गए थे। उन्होंने भाजपा नेताओं से बातचीत कर पर बात सिरे नहीं चढ़ी। एक गुट वैशाली के नाम पर तो दूसरा शीला सहगल केनाम पर अडा रहा। सोमवार सुबह राहुल सेतिया के आवास पर फिर बैठक हुई जिसमें  राज्यमंत्री कृष्ण बेदी, भाजपा सिरसा प्रभारी संजय भाटिया, जगदीश चोपडा और पूर्व मंत्री प्रो.गणेशीलाल आदि ने भाग लिया। उम्मीदवार का चयन कर पार्षदों को जानकारी दे दी गई पर इस बीच भाजपा इनेलो को अपने पक्ष मे लाने में कामयाब रही। सांसद चरणजीत सिंह रोडी और विधायक मक्खन सिंगला वोटडालने के लिए राजी हो गए। इनेलो को उपाध्यक्ष पद दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

    भाजपा 18 पार्षदों को बस में लेकर नगर परिषद कार्यालय पहुंची जबकि ममता सैनी, एमपी और एमएलए पहले ही पहुंच चुके थे। मंत्री के साथ आए कर्मचारी भी नगर परिषद में हर स्थित पर नजर रखे हुए थे। भाजपा पूरी तरह से आसावान थी कि दोनो पद उसकी झोली में आएंगे लेकिन प्रधान पद का नतीजा आते ही भाजपा के पैरो तले से जमीन ही खिसक कई। हालांकि प्रधान पद उनके पास ही आया पर हार जीत का फैसला एक ही वोट से हुआ यानि तीन पार्षदों ने क्रास वोट किया। उप प्रधान पद पर और भी बुरी स्थिति हुई जिस पर कांग्रेस ने कब्जा किया। शीला को जिताकर राहुल सेतिया ने अपनी ताकत का अहसास करवा दिया। भाजपा के जिला प्रधान यतिंद्र सिंह ने कहा कि भाजपा समान रूप से नगर के विकास के लिए कार्य करेगी। क्रास वोटिंग के सवाल पर उन्होंने कहा कि तीन पार्षदों ने क्रास वोटिंग की है, कार्रवाई के सवाल पर उन्होंने  कहा कि इसमें क्या कार्रवाई होनी है अपनी पसंद का वोट डालने का सभी को हक होता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed