फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sirsa News ›   Three years of data crash while uploading the survey report on the portal in the city council

नगर परिषद में सर्वे रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड करते समय तीन साल का डाटा क्रैश

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 13 Oct 2022 11:33 PM IST
विज्ञापन
Three years of data crash while uploading the survey report on the portal in the city council
भूपेंद्र पंवार
विज्ञापन

सिरसा। नगर परिषद में प्रॉपर्टी टैक्स को लेकर कराए गए सर्वे की रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड करते समय तीन साल का रिकार्ड क्रैश हो गया। नतीजतन तीन वर्ष के दौरान प्रॉपर्टी खरीद-बेच से संबंधित रिकॉर्ड अब नष्ट हो गया है। इस समस्या के समाधान के लिए अधिकारी मंथन में जुटे हैं।
शहर में करीब 80 हजार प्रॉपर्टी आईडी हैं। टैक्स वसूल करने के लिए नगर परिषद की ओर से प्रत्येक प्रॉपर्टी को एक विशेष आईडी यानि पहचान नंबर जारी किया गया है। यदि किसी को प्रॉपर्टी की खरीदना या बेचना हो तो उसके लिए भी नगर परिषद की प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। प्रॉपर्टी को नए मालिक के नाम कागजों में चढ़वाना पड़ता है। इसके लिए नगर परिषद के दो पोर्टल हैं। एक पोर्टल को सीएफसी, जबकि दूसरे पोर्टल को यूएलबी पोर्टल कहते हैं। नगर परिषद ने चार वर्ष पहले शहर में याशी एजेंसी के माध्यम से डोर-टू-डोर सर्वे कराया। इसके अनुसार अब नई प्रॉपर्टी आईडी जारी की गई है। एजेंसी ने दो दिन पहले ही सर्वे का पूरा डाटा पोर्टल पर अपलोड किया। इस दौरान तकनीकी खामियों के कारण पोर्टल पर मौजूद पहले से दर्ज रिकॉर्ड क्रैश हो गया। अब पोर्टल पर वर्ष 2019 अप्रैल से 2022 अक्तूबर तक का डाटा क्रैश हो गया।
विज्ञापन

एक अनुमान के मुताबिक तीन वर्ष के दौरान 20 हजार से ज्यादा प्रॉपर्टी की खरीद-बेच हुई है। करीब पांच हजार प्रॉपर्टी तो ऐसी हैं, जिनकी कई बार खरीद-बेच हो चुकी है। ऐसे में समस्या ये है कि यदि अब उक्त प्रॉपर्टी को बेचने की जरूरत पड़ेगी तो उस मालिक के पास दोबारा जाना पड़ेेगा, जो उस प्रॉपर्टी का वर्ष 2019 में मालिक था। हालांकि नगर परिषद में हुए इस गड़बड़झाले से अभी शहरवासी अनजान हैं। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन

आवेदकों को दोबारा फाइल लगाने को बोल रहे नगर परिषद कर्मचारी
नगर परिषद कार्यालय आए शहर के निवासी रमेश कुमार, दीपक, सोनू, मनोहर लाल ने बताया कि वे प्रॉपर्टी टैक्स से संबंधित जानकारी लेने के लिए आए थे। इन लोगों का आरोप है कि अब कर्मचारी दोबारा फाइल तैयार कराने के लिए दबाव डाल रहे हैं। शहरवासियों की समस्या ये है कि प्रॉपर्टी का पुराना मालिक कहां से ढूंढकर लाएं।
सर्वे के बाद मिली थीं खामियां ही खामियां
याशी एजेंसी ने ड्रोन से सर्वे के बाद प्रॉपर्टी की डिटेल भी मौके पर दर्ज की। जब नोटिस भेजे गए तो उसमें खामियां ही खामियां सामने आईं। किसी प्रॉपर्टी धारक का नाम गलत दर्ज कर दिया गया तो किसी का एरिया। इसके अलावा अधूरा सर्वे कर रिपोर्ट जमा करवा दी गई। शिकायतें आने के बाद नगर परिषद ने आपत्तियां भी दर्ज की और खामियों को भी दूर किया।

वर्जन
पोर्टल में डाटा अपलोड किया गया है। इससे डाटा क्रैश होने संबंधी दिक्कत सामने आई है। मामला संज्ञान में आने के बाद इसका समाधान ढूंढ रहे हैं और हमारा प्रयास है कि जल्द इसे ठीक करवा दिया जाएगा। - संदीप मलिक, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed