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लोगों ने फिर मांगी लंबे रूट की गाड़ियां
अमर उजाला सिरसा/ब्यूरो
Updated Mon, 08 Feb 2016 12:40 AM IST
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हर बार रेल बजट जिले के लोगों को निराश कर जाता है। वर्षों से लंबी दूरी की गाड़ियों की मांग अब तक पूरी नहीं हो पाई है। इस माह में रेलवे बजट पेश होने जा रहा है जिसको लेकर इस बार जिले के लोग काफी उम्मीदें लगाए बैठे हैं।
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इस बार मांगें पूरी न होने पर लोग संघर्ष करने के मूड में दिखाई दे रहे हैं। सिरसा जिले की अनेक मांगें वर्षों से लंबित पड़ी हैं जिस पर केंद्र के रेलवे विभाग ने ध्यान नहीं दिया है।
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इसी प्रकार पूर्व के रेलवे बजटों में काफी घोषणाएं भी हुई पर वे सब मात्र घोषणाएं बन कर ही रह गई हैं जिससे लोगों में रोष हैं।
इस बार रेल बजट से सिरसा के लोगों को खासी उम्मीदें हैं क्योंकि पिछले कई वर्षों से सिरसा को नजरअंदाज किया जाता रहा है। खासकर लंबे रूटों की गाड़ियों और स्टेशन पर सुविधाओं को लेकर लोग बार-बार रेल मंत्री और रेलवे अधिकारियों को ज्ञापन भेजते रहे हैं।
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पूर्व के वर्षों में की गई घोषणाएं भी आगे नहीं सरकी हैं। अब तक सिरसा में लंबे रूट की गाड़ी नियमित रूप से नहीं चल पाई है। सिरसा के स्टेशन को आदर्श रेलवे का दर्जा तो कई वर्ष पूर्व ही मिल गया था पर आदर्श रेलवे स्टेशन के मापदंडों के मुताबिक सुविधाएं अब तक भी यहां नहीं मिल पाई हैं।
हालांकि शहर के जागरूक लोग बार-बार रेलवे मंत्रालय और विभाग से मांग पत्र भेज कर विभिन्न मांगों को समय-समय पर उठाते रहते हैं पर उनकी मांगों पर कोई कार्रवाई नहीं हो पा रही है। इस बार रेलवे बजट ने सिरसा के लोगों को निराश किया तो लोग संघर्ष करने के लिए तैयार हैं।
इसी प्रकार लोगों ने रेलवे के किराए में बढ़ोतरी न किए जाने की भी मांग उठाई है। लोगों ने मांग उठाई है कि पूर्व में हुई घोषणाओं को भी पूरा किया जाए। 1885 में बने सिरसा के रेलवे स्टेशन पर यात्रियों के लिए पर्याप्त सुविधाएं अब तक भी पूरी नहीं हो सकी हैं।
लोगों का कहना है कि कुछ मांगें मंजूर हो चुकी हैं जिनको तुरंत पूरा किया जाए। इस बार बजट में निराशा हाथ लगी तो लोग संगठन बना कर संघर्ष करेंगे। लोगों को फिलहाल इस बजट से खासी उम्मीदें हैं। अब देखना यह है कि रेलवे बजट के पिटारे से सिरसा के लिए क्या तोहफे निकलते हैं।
क्या कहते हैं लोग
रेल बजट से काफी उम्मीदें हैं। लंबे रूटों की गाड़ियां चलाई जाएं और स्टेशन पर पूरी सुविधाएं होनी चाहिए। यात्री और मालभाड़े में बढ़ोतरी न हो अन्यथा संघर्ष करेंगे। व्यापारी व आम आदमी मंदी के दौर से गुजर रहे हैं ऐसे में बजट राहत प्रदान करने वाला होना चाहिए।
हीरा लाल शर्मा, प्रधान व्यापारी मंडल
कई वर्षों से देख रहे हैं कि रेल बजट में सिरसा के लिए कुछ खास नहीं होता। इस बजट से काफी उम्मीद इस लिए करते हैं क्योंकि सिरसा की लंबे समय से अनदेखी हो रही है। यूपी, गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र आदि प्रदेशों के लिए ट्रेनें होनी चाहिए। रेलवे स्टेशन पर भी सभी सुविधाएं होनी चाहिए।
गुरदीप सैनी, प्रदेश प्रवक्ता राजकीय अध्यापक संघ
सिरसा में लंबे रूटों की गाड़ियों के लिए तथा स्टेशन पर तमाम सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए कई सालों से प्रयास कर रहे हैं। अनेक बार रेलवे अधिकारियों को ज्ञापन भी सौंपे हैं। पूर्व सांसद अशोक तंवर ने अपने कार्यकाल में काफी प्रयास किए जिसके बाद कई घोषणाएं भी हुई पर अब उन घोषणाओं को ठंडे बस्ते में रखा हुआ है। लोगों को उम्मीदें तो हैं पर यह तो बजट आने पर ही पता चल पाएगा कि सिरसा को क्या मिलता है।
आनंद बियाणी, समाज सेवी
पिछले दस वर्षों से मांगों को लेकर बार-बार रेलवे अधिकारियों को ज्ञापन सौंप रहे हैं। अब तक सिरसा में नियमित रूप से एक भी लंबे रूट की गाड़ी नहीं चल पाई है। उम्मीद करते हैं कि इस बार सिरसा के लिए खास होगा। पिछले बजट ने भी लोगों को निराश किया था। इस बजट में कुछ खास न हुआ तो संघर्ष करेंगे।
अमित सोनी, समाज सेवी
सरकार ने परियोजना को ठंडे बस्ते में डाल दिया: तंवर
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर ने कहा कि यूपीए कार्यकाल के दौरान उन्होंने स्वयं जनहित में केंद्रीय रेल मंत्रालय से उक्त लाइन मंजूर करवाकर इसे योजना आयोग के पास भिजवाया था मगर सत्ता परिवर्तन के बाद से भाजपा सरकार ने इस बड़ी परियोजना को ठंडे बस्ते में डाल दिया।
तंवर ने कहा कि सिरसा में निर्मित दूसरे प्लेटफॉर्म की परम आवश्यकता को देखते हुए उन्होंने बतौर सांसद एक करोड़ 80 लाख रुपये की राशि रेलवे मंत्रालय से मंजूर कराई थी, मगर मौजूदा केंद्र सरकार की लापरवाही के चलते ये प्रोजेक्ट निर्धारित समय से करीब डेढ़ साल बाद पूरा हो रहा है।
यूपीए टू के कार्यकाल में ही सिरसा में राष्ट्रीय कुशलता विकास केंद्र स्थापित किया जाना था जिससे रेल कर्मचारियों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण देकर रेलवे के विस्तार में काफी लाभ दे सकते थे, सरकार ने इस केंद्र की स्थापना के कार्य को भी ठंडे बस्ते में डाल दिया।
उन्होंने कहा कि पिछले दो रेलवे बजट में सिरसा संसदीय क्षेत्र को पूरी तरह से नई रेल परियोजनाओं से महरूम रखा गया जिससे ये इलाका रेल यातायात के मामले में काफी पिछड़ गया।
उन्होंने कहा कि दिल्ली से हिसार के बीच होने वाले रेलवे विद्युतीकरण को वाया सिरसा होते हुए बठिंडा तक बढ़ाया जाए ताकि रेल यातायात में गति आ सके।
उन्होंने कहा कि वे शीघ्र ही केंद्रीय रेलमंत्री से मिलकर बठिंडा में करीब 9 घंटों तक खड़ी रहने वाली जम्मूतवी एक्सप्रे्रस को सिरसा तक चलाने की मांग करेंगे। उन्होंने कहा कि राजगढ़ से हनुमानगढ़ के बीच वाया ऐलनाबाद बिछी ब्रॉडगेज लाइन को भी आरंभ कराने की मांग पुरजोर की जाएगी।
लोगों की ये हैं मांगें
- स्टेशन पर सीसीटीवी कैमरे लगें
- गोरखधाम और जम्मू-तवी का सिरसा तक आगमन हो
- लंबे रूटों की गाड़ियां शुरू की जाएं
- यात्री व माल भाड़े में बढ़ोतरी न हो
- अमृतसर-जयपुर और अहमदाबाद-कटड़ा को नियमित किया जाए
- दूसरे प्लेटफार्म को शुरू किया जाए
- रेलवे का विद्युतीकरण हो
- हिसार से बठिंडा तक लोकल गाड़ियों की संख्या बढ़ाई जाए
- चंडीगढ़ के लिए गाड़ी शुरू की जाए
- किसान एक्सप्रेस में डिब्बे बढ़ाए जाएं
- मानव रहित फाटकों पर अंडर ब्रिज या ओवर ब्रिज बनाए जाएं
- शताब्दी एक्सप्रेस शुरू की जाए
- स्टेशन पर आदर्श रेलवे स्टेशन के स्टेंडर्ड के अनुसार सुविधाएं मुहैया करवाई जाएं
- कालांवाली-डबवाली और ऐलनाबाद-सिरसा रेलवे ट्रैक बनाया जाए
- रेलवे स्टेशन तक जाने वाले मार्ग को चौड़ा किया जाए और सड़क का निर्माण किया जाए
- वाशिंग सेंटर की स्थापना की जाए ताकि लंबे रूटों की गाड़ियों का यहां पर ठहराव संभव हो सके
- पुरानी घोषणाओं को पूरा किया जाए
- हर बजट में सिरसा को कुछ न कुछ दिया जाए
- तीन राज्यों की सीमा पर होने के कारण यहां से विभिन्न राज्यों के लिए ट्रेनें शुरू की जाएं
- दिल्ली के लिए दोपहर और सायं को भी ट्रेन शुरू की जाए
- यात्रियों के लिए वेटिंग रूम की व्यवस्था हो
- स्टेशन तक जाने वाले मार्ग पर सुरक्षा बढ़ाई जाए ताकि यात्रियों के साथ लूटपाट की वारदातें न हों
- बठिंडा तक आने वाली जम्मू तवी एक्सप्रेस को सिरसा तक किया जाए