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नशा छोड़ने के लिए आ रहे युवाओं के लिए केंद्र में होंगे 50 बेड, भेजा प्रस्ताव
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नागरिक अस्पताल में नशा मुक्ति केंद्र।
- फोटो : Sirsa
सिरसा। स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की ओर से नशा मुक्ति के लिए किए जा रहे प्रयास अब सफल होने लगे हैं। प्रशासन के प्रयासों से नशे की गर्त में जा चुके युवा जागरूक हो रहे हैं और नशा छोड़ने के लिए आगे आ रहे हैं। लेकिन दूसरी ओर शहर का एकमात्र नशा मुक्ति केंद्र में दाखिल करके इलाज करने की सुविधा सीमित है। एक समय में केवल 10 व्यक्तियों को ही इसमें दाखिल किया जा सकता है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने नशा मुक्ति केंद्र में 10 की बजाय 50 बेड करने की डिमांड विभाग को भेजी है।
जिले को नशे की गर्त से बाहर निकालने के लिए जिला पुलिस ऑपरेशन क्लीन अभियान चलाए है और प्रतिदिन नशा बेचने वालों पर शिकंजा कसा जा रहा है। एसपी डॉ. अर्पित जैन लोगों को नशा छोड़ने के लिए प्रेरित भी करते हैं और नशा तस्करों पर कार्रवाई के लिए एक्शन भी लेते हैं। दूसरी ओर स्वास्थ्य विभाग भी नशा की चपेट में आ चुके लोगों के इलाज करने में पूरी गंभीरता से काम कर रहा है। नागरिक अस्पताल में नशा मुक्ति केंद्र स्थापित किया गया है। लेकिन समस्या ये है कि नशा मुक्ति केंद्र की इस समय केवल 10 बेड की क्षमता है यानी एक समय में केवल 10 मरीजों को दाखिल करके इलाज किया जा सकता है। इस नशा मुक्ति केंद्र की क्षमता 10 से बढ़ाकर 50 तक करने को लेकर विभाग के अधिकारियों ने प्रस्ताव भेजा है। इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो नशा छोड़ने वालों के लिए अच्छी और राहत भरी बात होगी।
नशा मुक्ति केंद्र की ओपीडी में प्रतिदिन आ रहे 100 से ज्यादा व्यक्ति
नागरिक अस्पताल में बने नशा मुक्ति केंद्र में अभी 10 बेडों की ही सुविधा है। लेकिन हर रोज 100 के करीब मरीज जांच करवाने के लिए यहां पर पहुंचते है। इनमें से 80 से 90 फीसदी मरीज नशे से पीड़ित होते हैं और उसे छोड़ने की इच्छा जाहिर करते है। कई मरीजों को दवाईयां देकर उन्हें दोबारा से जांच के लिए बुलाया जाता है जबकि कई मरीज अधिक प्रभावित होते हैं तो उन्हें दाखिल करना जरूरी होती है। लेकिन केंद्र में केवल 10 बेडों की सुविधा होने के कारण अन्य मरीजों को प्रतिक्षा सूची में डाल दिया जाता है।
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केंद्र में लगाया गया प्रतिक्षा सूची रजिस्टर
नशा मुक्ति केंद्र में जगह कम होने के कारण कम मरीजों को ही दाखिल किया जा सकता है। ऐसे में दाखिल होने वाले मरीजों की भी लिस्ट तैयार की जाती है। केंद्र में दाखिल होने वाले मरीजों के लिए अलग से प्रतीक्षा सूची रजिस्टर भी लगाया है। बेड खाली होने के बाद अन्य मरीजों को दाखिल करने के लिए उन्हें बुलाया जाता है।
एसपी के पास पहुंचे युवक, बोले- सर, हमारा नशा छुड़ाओ
मंगलवार को चोपटा क्षेत्र के करीब 5-6 युवा एसपी डॉ. अर्पित जैन से मिलने पहुंचे। उन्होंने बताया कि वे नशे की चपेट में है और इस कारण ना केवल वे परेशान हैं, बल्कि परिजन भी। उक्त युवाओं ने बताया कि वे नशा छोड़ना चाहते हैं। उन्होंने एसपी से गुहार लगाई की नशा छोड़ने में उनकी मदद की जाए। इस पर एसपी डॉ. अर्पित जैन ने आश्वासन दिया कि नशा छोड़ने के लिए पुलिस उनकी हर संभव सहायता करेगी और इलाज भी करवाएगी। पुलिस अधीक्षक डॉ. अर्पित जैन ने बताया कि कई युवा कार्यालय आए थे, जो नशा छोड़ना चाहत हैं। उन्होंने बताया कि इन युवाओं की पूरी मदद की जाएगी, क्योंकि पुलिस की ओर से चलाए जा रहे अभियान से प्रेरित होकर ये आए हैं।
नागरिक अस्पताल में बने नशा मुक्ति केंद्र में अभी 10 बेडों की ही सुविधा है। इसके बढ़ाकर 50 बेड का करने की मांग की गई है। बेडों की संख्या बढ़ने के बाद अधिक मरीजों को दाखिल कर उनका उपचार किया जाता है। काफी संख्या में नशे से पीड़ित मरीज नशा छोड़ने की इच्छा जाहिर करते है। उन्हें प्रतिक्षा सूची में डाल दिया जाता है।
-डॉ. पंकज शर्मा, मनोरोग विशेषज्ञ, सिविल अस्पताल सिरसा।
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जिले को नशे की गर्त से बाहर निकालने के लिए जिला पुलिस ऑपरेशन क्लीन अभियान चलाए है और प्रतिदिन नशा बेचने वालों पर शिकंजा कसा जा रहा है। एसपी डॉ. अर्पित जैन लोगों को नशा छोड़ने के लिए प्रेरित भी करते हैं और नशा तस्करों पर कार्रवाई के लिए एक्शन भी लेते हैं। दूसरी ओर स्वास्थ्य विभाग भी नशा की चपेट में आ चुके लोगों के इलाज करने में पूरी गंभीरता से काम कर रहा है। नागरिक अस्पताल में नशा मुक्ति केंद्र स्थापित किया गया है। लेकिन समस्या ये है कि नशा मुक्ति केंद्र की इस समय केवल 10 बेड की क्षमता है यानी एक समय में केवल 10 मरीजों को दाखिल करके इलाज किया जा सकता है। इस नशा मुक्ति केंद्र की क्षमता 10 से बढ़ाकर 50 तक करने को लेकर विभाग के अधिकारियों ने प्रस्ताव भेजा है। इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो नशा छोड़ने वालों के लिए अच्छी और राहत भरी बात होगी।
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नशा मुक्ति केंद्र की ओपीडी में प्रतिदिन आ रहे 100 से ज्यादा व्यक्ति
नागरिक अस्पताल में बने नशा मुक्ति केंद्र में अभी 10 बेडों की ही सुविधा है। लेकिन हर रोज 100 के करीब मरीज जांच करवाने के लिए यहां पर पहुंचते है। इनमें से 80 से 90 फीसदी मरीज नशे से पीड़ित होते हैं और उसे छोड़ने की इच्छा जाहिर करते है। कई मरीजों को दवाईयां देकर उन्हें दोबारा से जांच के लिए बुलाया जाता है जबकि कई मरीज अधिक प्रभावित होते हैं तो उन्हें दाखिल करना जरूरी होती है। लेकिन केंद्र में केवल 10 बेडों की सुविधा होने के कारण अन्य मरीजों को प्रतिक्षा सूची में डाल दिया जाता है।
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केंद्र में लगाया गया प्रतिक्षा सूची रजिस्टर
नशा मुक्ति केंद्र में जगह कम होने के कारण कम मरीजों को ही दाखिल किया जा सकता है। ऐसे में दाखिल होने वाले मरीजों की भी लिस्ट तैयार की जाती है। केंद्र में दाखिल होने वाले मरीजों के लिए अलग से प्रतीक्षा सूची रजिस्टर भी लगाया है। बेड खाली होने के बाद अन्य मरीजों को दाखिल करने के लिए उन्हें बुलाया जाता है।
एसपी के पास पहुंचे युवक, बोले- सर, हमारा नशा छुड़ाओ
मंगलवार को चोपटा क्षेत्र के करीब 5-6 युवा एसपी डॉ. अर्पित जैन से मिलने पहुंचे। उन्होंने बताया कि वे नशे की चपेट में है और इस कारण ना केवल वे परेशान हैं, बल्कि परिजन भी। उक्त युवाओं ने बताया कि वे नशा छोड़ना चाहते हैं। उन्होंने एसपी से गुहार लगाई की नशा छोड़ने में उनकी मदद की जाए। इस पर एसपी डॉ. अर्पित जैन ने आश्वासन दिया कि नशा छोड़ने के लिए पुलिस उनकी हर संभव सहायता करेगी और इलाज भी करवाएगी। पुलिस अधीक्षक डॉ. अर्पित जैन ने बताया कि कई युवा कार्यालय आए थे, जो नशा छोड़ना चाहत हैं। उन्होंने बताया कि इन युवाओं की पूरी मदद की जाएगी, क्योंकि पुलिस की ओर से चलाए जा रहे अभियान से प्रेरित होकर ये आए हैं।
नागरिक अस्पताल में बने नशा मुक्ति केंद्र में अभी 10 बेडों की ही सुविधा है। इसके बढ़ाकर 50 बेड का करने की मांग की गई है। बेडों की संख्या बढ़ने के बाद अधिक मरीजों को दाखिल कर उनका उपचार किया जाता है। काफी संख्या में नशे से पीड़ित मरीज नशा छोड़ने की इच्छा जाहिर करते है। उन्हें प्रतिक्षा सूची में डाल दिया जाता है।
-डॉ. पंकज शर्मा, मनोरोग विशेषज्ञ, सिविल अस्पताल सिरसा।