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ट्रैक्टर चोरी मामले में ओढां पुलिस ने 3 आरोपियों को दी क्लीन चिट, पीड़ित पक्ष पहुंचा मंत्री के दरबार
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गांव पन्नीवाला मोटा से ट्रैैैक्टर चोरी की घटना को एक दिन मेें ट्रेस कर वाहवाही लूटने वाली ओढां पुलिस की कार्रवाई पर पीड़ित पक्ष ने सवाल उठाए हैं। पीड़ित पक्ष से लोगों ने बिजली मंत्री चौ. रणजीत सिंह से मिलकर ओढां पुलिस पर अन्य आरोपियों को मामले से निकालने के आरोप लगाए हैं। लोगों की सुनने के बाद बिजली मंत्री ने एसएचओ ओढां से मामले की जानकारी मांगी तो वे सफाई देते नजर आए। चौ. रणजीत सिंह ने एसएचओ से कहा कि इस मामले की अच्छी तरह से जांच करें अन्यथा इस संबंध में वे एसपी से बात करेंगे। जिसके बाद एसएचओ ने कहा कि वे उक्त पक्ष को दोबारा बुलाएंगे।
यह था मामला
बीती 12 जनवरी की रात को पन्नीवाला मोटा में महेंद्र नामक व्यक्ति के घर से ट्रैैक्टर चोरी हो गया था। जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर केवल एक दिन में घटना को ट्रेस करते हुए पन्नीवाला मोटा निवासी हरविंद्र सिंह को गांव मिठड़ी के निकट ट्रैक्टर सहित काबू कर लिया। लेकिन पुलिस की इस कार्रवाई से पीड़ित पक्ष संतुष्ट नहीं हुआ। उसने कहा कि इस मामले में 4 लोग थे, जबकि पुलिस ने एक व्यक्ति को ही चोर बनाया। पुलिस की कार्रवाई से असंतुुष्ट पीड़ित व्यक्ति लोगों को साथ लेकर बिजली मंत्री चौ. रणजीत सिंह से मिला। उक्त लोगों ने मंत्री को अवगत करवाया कि पुलिस ने इस मामले की सही जांच न कर लीपापोती की है। उन्होंने बताया कि चोरी में मुख्य आरोपी के अलावा पन्नीवाला मोटा, एक सालमखेड़ा व एक मौजगढ़ सहित 3 और लोगों की संलिप्तता थी। लेकिन पुलिस ने मात्र एक व्यक्ति को चोर दिखाकर बाकी 3 को छोड़ दिया। लोगों ने ये भी बताया कि आरोपियों को उन्होंने मौजगढ़ से पकड़ा था, जबकि पुलिस सूचना देने के बाद आई थी। लोगों ने कहा कि उन्होंने इस मामले में 4 लोगों को एक बाइक सहित पकड़वाया था। जिसके बाद एएसआई रामकुमार ने उन्हें सुबह बुलाने की बात कही। लेकिन सुबह उनके पास कोई सूचना नहीं आई। लोगों ने ओढां पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए बिजली मंत्री से कहा कि इस मामले में ओढां पुलिस ने 3 आरोपियों को आनन-फानन में बेकसूर कहकर छोड़ दिया। लोगों की सुनने के बाद चौ. रणजीत सिंह ने एसएचओ कृष्ण कुमार से फोन पर मामले की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि एक आरोपी द्वारा ट्रैक्टर चुराना संभव नहीं है। जब पीड़ित पक्ष 3 लोगों की और संलिप्तता बता रहा है तो उन्होंने उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की। इस बात पर एसएचओ सफाई देते नजर आए। मंत्री ने एसएचओ को कहा कि इस मामले में वे उचित जांच कर पीड़ित पक्ष को संतुष्ट करवाएं अन्यथा वे एसपी से बात करेंगे। जिसके बाद एसएचओ ने पीड़ित पक्ष को फोन कर दोबारा थाने में बुलाया।
मामले की जांच हमने सही ढंग से की है। इसमें एक ही आरोपी था। पीड़ित पक्ष ने जिन लोगों के नाम बताए थे, उनसे पूछताछ की गई थी, लेकिन उनकी संलिप्तता सामने नहीं आई। मैंने तो अपनी तरफ से जांच सही की है। अधिकारी चाहे तो किसी अन्य से भी जांच करवा सकते हैं।
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- एएसआई रामकुमार, जांच अधिकारी
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यह था मामला
बीती 12 जनवरी की रात को पन्नीवाला मोटा में महेंद्र नामक व्यक्ति के घर से ट्रैैक्टर चोरी हो गया था। जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर केवल एक दिन में घटना को ट्रेस करते हुए पन्नीवाला मोटा निवासी हरविंद्र सिंह को गांव मिठड़ी के निकट ट्रैक्टर सहित काबू कर लिया। लेकिन पुलिस की इस कार्रवाई से पीड़ित पक्ष संतुष्ट नहीं हुआ। उसने कहा कि इस मामले में 4 लोग थे, जबकि पुलिस ने एक व्यक्ति को ही चोर बनाया। पुलिस की कार्रवाई से असंतुुष्ट पीड़ित व्यक्ति लोगों को साथ लेकर बिजली मंत्री चौ. रणजीत सिंह से मिला। उक्त लोगों ने मंत्री को अवगत करवाया कि पुलिस ने इस मामले की सही जांच न कर लीपापोती की है। उन्होंने बताया कि चोरी में मुख्य आरोपी के अलावा पन्नीवाला मोटा, एक सालमखेड़ा व एक मौजगढ़ सहित 3 और लोगों की संलिप्तता थी। लेकिन पुलिस ने मात्र एक व्यक्ति को चोर दिखाकर बाकी 3 को छोड़ दिया। लोगों ने ये भी बताया कि आरोपियों को उन्होंने मौजगढ़ से पकड़ा था, जबकि पुलिस सूचना देने के बाद आई थी। लोगों ने कहा कि उन्होंने इस मामले में 4 लोगों को एक बाइक सहित पकड़वाया था। जिसके बाद एएसआई रामकुमार ने उन्हें सुबह बुलाने की बात कही। लेकिन सुबह उनके पास कोई सूचना नहीं आई। लोगों ने ओढां पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए बिजली मंत्री से कहा कि इस मामले में ओढां पुलिस ने 3 आरोपियों को आनन-फानन में बेकसूर कहकर छोड़ दिया। लोगों की सुनने के बाद चौ. रणजीत सिंह ने एसएचओ कृष्ण कुमार से फोन पर मामले की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि एक आरोपी द्वारा ट्रैक्टर चुराना संभव नहीं है। जब पीड़ित पक्ष 3 लोगों की और संलिप्तता बता रहा है तो उन्होंने उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की। इस बात पर एसएचओ सफाई देते नजर आए। मंत्री ने एसएचओ को कहा कि इस मामले में वे उचित जांच कर पीड़ित पक्ष को संतुष्ट करवाएं अन्यथा वे एसपी से बात करेंगे। जिसके बाद एसएचओ ने पीड़ित पक्ष को फोन कर दोबारा थाने में बुलाया।
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मामले की जांच हमने सही ढंग से की है। इसमें एक ही आरोपी था। पीड़ित पक्ष ने जिन लोगों के नाम बताए थे, उनसे पूछताछ की गई थी, लेकिन उनकी संलिप्तता सामने नहीं आई। मैंने तो अपनी तरफ से जांच सही की है। अधिकारी चाहे तो किसी अन्य से भी जांच करवा सकते हैं।
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- एएसआई रामकुमार, जांच अधिकारी