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Sirsa News: डाटा के आईने में दिखी सच्चाई, फर्जी बीपीएल लाभार्थियों की हो रही छंटाई, परिवार पहचान पत्र का डाटा हर 15 दिन में हो रहा अपडेट

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 15 Jan 2026 10:55 PM IST
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The truth reflected in the data, fake BPL beneficiaries are being weeded out, family identity card data is being updated every 15 days
सिरसा। परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) का डाटा निरंतर अपडेट हो रहा है। पंचकूला मुख्यालय पर इस डाटा का फिल्टर किया जा रहा है, ताकि गलत लाभार्थियों की पहचान की जा सके, जो सरकार की पेंशन योजना, बीपीएल कार्ड और अन्य योजनाओं का लाभ उठा रहे थे। यह कार्य शहरी और ग्रामीण दोनों स्तरों पर किया जा रहा है।
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मुख्यालय स्तर पर मेरी फसल-मेरा ब्योरा, किसान कार्ड और परिवार पहचान पत्र के डाटा का क्रॉस चेक किया जा रहा है। इसके साथ ही शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों की कॉमर्शियल प्रॉपर्टी का डाटा भी मिलाया जा रहा है। इस मिलान की प्रक्रिया में कुछ चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। गलत बीपीएल कार्ड कटने की घटनाएं बढ़ रही हैं और इसके परिणामस्वरूप बीपीएल आधारित अन्य योजनाओं पर भी असर पड़ रहा है। आंकड़ों के अनुसार पिछले छह माह में लगभग 10 हजार बीपीएल राशन कार्ड कट चुके हैं, जबकि कुल 2,47,000 राशन कार्ड हैं।
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इन आधारों पर हो रहा है डाटा का मिलान

बेटे ने पिता के नाम पर बेची फसल

मेरी फसल मेरा ब्यौरा के आंकड़ों के आधार पर यह पाया गया कि पिता के पास जमीन थी, लेकिन परिवार पहचान पत्र में यह दर्ज नहीं किया गया था। जब बेटे ने पिता के नाम पर फसल मंडी में बेची, तो उस पैसे को पिता के खाते में भेजा गया। इससे डाटा अपडेट हुआ और बीपीएल कार्ड कट गया।
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आढ़ती ने बेची फसल

कई किसानों ने बताया कि उनका बीपीएल कार्ड कट गया, जबकि उनकी इनकम कम थी। जांच में यह सामने आया कि इन किसानों ने मेरी फसल मेरा ब्यौरा करवाया था, और फसल बेची थी, जिससे उनकी आय बढ़ गई। हालांकि, किसानों ने बताया कि फसल उन्होंने नहीं बेची, बल्कि यह काम आढ़ती ने किया था।

किसान कार्ड

सरकार ने किसानों के लिए किसान कार्ड अनिवार्य कर दिया है। पीएम किसान सम्मान निधि की किस्तें इसी कार्ड के आधार पर दी जाएंगी। इसके अतिरिक्त अन्य योजनाओं का लाभ भी इसी कार्ड से मिलेगा। किसान को किसान कार्ड प्राप्त करने के लिए अपने नाम की जमीन का इंतकाल, फर्द, आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज़ जमा करवाने होंगे। इससे सरकार के पास किसान का पूरा रिकॉर्ड रहेगा, और किसी भी सरकारी योजना में डाटा मिलान कर गलत लाभार्थियों को बाहर किया जा सकेगा। जिले में पीएम किसान सम्मान निधि योजना के 1,20,144 लाभार्थी हैं।

जिले में कुल परिवार पहचान पत्र

सरकारी आंकड़ों के अनुसार जिले में कुल 3,91,118 परिवार पहचान पत्र हैं, जिनमें 14,19,580 सदस्य जुड़े हुए हैं। इन सभी का डाटा फिल्टर किया जा रहा है, चाहे वे शहरी हों या ग्रामीण। इसके अलावा ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में कॉमर्शियल प्रॉपर्टी का डाटा तेजी से अपडेट किया जा रहा है। कुछ किसानों के परिवार पहचान पत्र में आय बढ़ने का कारण दुकानें और प्रॉपर्टी होना था, जिससे वे बीपीएल से बाहर हो गए।


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परिवार पहचान पत्र का डाटा लगातार अपडेट हो रहा है। हर 15 दिनों में नए तरीके से सरकार डाटा अपडेट कर रही है, जिससे लोगों की आय बढ़ने के साथ-साथ बीपीएल कार्ड भी कट रहे हैं। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि केवल पात्र लाभार्थी ही सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकें। - रविंद्र कुमार, इंचार्ज, परिवार पहचान पत्र।
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