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पनिहारी गांव में रजिस्ट्रियों की गड़गड़ी की जांच करने पहुंची टीम

Wed, 21 Oct 2020 11:12 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 21 Oct 2020 11:12 PM IST
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The team arrived to investigate the mess of registries in Panihari village
गांव पनिहारी में जांच करने पहुंची टीम। - फोटो : Sirsa
पनिहारी गांव के लाल डोरे में आने वाली भूमि की रजिस्ट्रियों में गड़बड़ी की जांच के लिए बुधवार को तहसीलदार श्रीनिवास, ग्राम सचिव, कानूनगो, पटवारी की टीम गांव में पहुंची। टीम के समक्ष लोगों ने दावे और आपत्तियां दर्ज की। इसी दौरान एक नए नक्शे का पता चला, जिस पर फाइनल नक्शा निकाल कर देखा गया, जिसके आधार पर टीम ने सर्वे किया। टीम अब वीरवार को अपनी रिपोर्ट उपायुक्त को सौंपेंगी।
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बता दें कि बुधवार सुबह तहसीलदार श्रीनिवास, ग्राम सचिव महेंद्र सिंह, सचिव अनिल, पटवारी परमिंद्र सिंह, पटवारी होशियार सिंह गांव में पहुंचे। ग्रामीणों ने टीम के समक्ष आपत्तियां दर्ज करवाई। इसी बीच टीम को पता चला कि एक तीसरा नक्शा भी है जो कि फाइनल नक्शा था। उस नक्शे को बीडीपीओ कार्यालय से मंगवाया गया। साथ ही गांव पनिहारी का सर्वे करने वाले तत्कालीन सचिव महेंद्र सिंह को बुलाकर जांच की गई। फाइनल नक्शे से गांव में सर्वे किया गया, सर्वे में पता चला कि कुछ ब्लॉक भी छूट गए थे। इसके अतिरिक्त एक गली का सर्वे करना ही रह गया। साथ ही करीब चार से पांच लोगों की शिकायतें भी गलत पाई गई। उनकी जमीन का लाल डोरे के अंदर नहीं है। हालांकि कुछ लोगों ने रजिस्ट्री जांच के लिए भी आवेदन किए, लेकिन टीम ने उन्हें बाद में करने का आश्वासन दिया। गांव पनिहारी में करीब 325 लोगों को प्लाट आईडी दी जारी की गई थी। शाम को उपायुक्त रमेश चंद्र बिढ़ान ने तहसीलदार व बीडीपीओ कार्यालय के अधिकारियों की मीटिंग की। उपायुक्त ने उन्हें वीरवार को अपनी रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा है।
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ये था मामला
जिले के 11 गांवों को लाल डोरा मुक्त करने के लिए सर्वे ऑफ इंडिया की टीम ने सर्वे किया था। पनिहारी गांव में करीब 325 प्लॉट लाल डोरे में आए थे और इनकी रजिस्ट्री कब्जा धारक के नाम पर की जानी थी। सर्वे ऑफ इंडिया की टीम द्वारा डाटा फीड करने के बाद जब तहसील कार्यालय ने इनकी रजिस्ट्री की तो गांव के 35 लोगों ने गलत रजिस्ट्री की शिकायत उपायुक्त को दी। उपायुक्त ने मामले की जांच के आदेश तहसीलदार को दिए। तहसीलदार श्रीनिवास ने पटवारी, कानूनगो और सचिव को साथ लेकर सर्वे ऑफ इंडिया द्वारा भेजी गई सूची और स्थानीय सर्वे की सूची का मिलान किया। दोनों सूचियों में कोई अंतर नहीं मिला। टीम ने जांच में पाया गया कि सर्वे ऑफ इंडिया की टीम को जब डाटा फीड करने के लिए भेजा गया तो कंप्यूटर ऑपरेटर ने एक्सल शीट में डाटा फिल्टर करते हुए नंबरिंग उलट-पलट कर दी, जिस कारण एक व्यक्ति के कब्जे वाली भूमि की रजिस्ट्री दूसरे व्यक्ति के नाम पर हो गई। साथ ही सर्वे के दौरान कुछ क्षेत्र भी शेष रह गया।
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कोट्स
टीम अपनी रिपोर्ट वीरवार को लेकर आने के लिए कहा है। कुछ कमियां स्थानीय स्तर पर ही ठीक हो जाएगी। बाकी पूरी रिपोर्ट मिलने के बाद उसका आंकलन किया जाएगा।
-रमेश चंद्र बिढ़ाण, उपायुक्त सिरसा।
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