सिरसा: तिलक लगाकर स्कूल में पहुंचे छात्र को अध्यापक ने कक्षा से किया बाहर, मिटाने के लिए बनाया दबाव, बाद में मांगी माफी
छात्र ने बताया कि जब वह तिलक लगाकर कक्षा में पहुंचा तो अध्यापक ने उससे कहा कि यह सब पाखंड है, भगवान तो मन में होता है। इतना कहने के बाद उसे कक्षा से बाहर कर दिया और तिलक मिटवा दिया।
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जानकारी के अनुसार एक निजी स्कूल में पढ़ने वाला छात्र अंतरिक्ष शर्मा 18 अप्रैल को स्कूल में पहुंचा। कक्षा में प्रवेश के बाद अध्यापक ने छात्र को कक्षा से बाहर जाने के लिए कहा और माथे पर लगे तिलक को मिटाने के बाद कक्षा में आने के लिए कह दिया। छात्र ने यह बात अपने अभिभावकों को बताई, जिसके बाद छात्र फिर से 20 अप्रैल को स्कूल में पहुंचा तो एक फिर से अध्यापक ने छात्र को तिलक मिटाने के लिए दबाव दिया।
जिसके बाद छात्र ने तिलक तो मिटा दिया, लेकिन जैसे ही इसकी जानकारी अभिभावकों को लगी तो उन्होंने ब्राह्मण समाज के लोगों को इसकी जानकारी दी। गुरुवार को छात्र के माता-पिता सहित ब्राह्मण समाज के लोग एकत्रित होकर स्कूल में पहुंचे और उन्होंने प्रबंधन के समक्ष इस मामले को रखा।
वहीं स्कूल प्रबंधन ने इस मामले से स्कूल की बदनामी न हो इसके लिए अभिभावकों व समाज के पदाधिकारियों से बातचीत कर मामले को रफादफा करने की गुहार लगाई। इसके पश्चात उक्त अध्यापक ने बाकायदा मानसिक तनाव का हवाला देते हुए भविष्य में यह गलती दोबारा न दोहराने की बात कहते हुए माफी मांगी।
छात्र ने कहा अध्यापक बताता है पाखंड
पीड़ित छात्र ने बैठक में बताया कि जब वह तिलक लगाकर कक्षा में पहुंचा तो अध्यापक ने उससे कहा कि यह सब पाखंड है, भगवान तो मन में होता है। इतना कहने के बाद उसे कक्षा से बाहर कर दिया और तिलक मिटवा दिया। वहीं छात्र ने यह भी आरोप लगाया की अध्यापक ने सभी विद्यार्थियों के सामने मेरा अपमान किया।
पिता ने कहा मेरा बच्चा भविष्य में अध्यापक का न हो जाए शिकार
वहीं इस दौरान छात्र के पिता रामनंद शर्मा ने छात्र के भविष्य को देखते हुए स्कूल प्रबंधन व समाज के लोगों के सामने अपनी बात रखते हुए कहा कि ऐसा न हो कि उसका बेटा अध्यापक के गुस्से का शिकार हो जाए। इसलिए वह उसे किसी अन्य स्कूल में दाखिल कर देगा। इसके बाद स्कूल प्रधानाचार्या ने आश्वासन दिया कि ऐसा नहीं होगा और बच्चा 10 वीं कक्षा का छात्र है इसलिए परीक्षा आदि में स्कूल का व अध्यापक का कोई हस्तक्षेप नहीं रहता।
स्कूल में छात्र को तिलक लगाने से रोकना निंदनीय : शर्मा
निजी स्कूल अभिभावक संघ के अध्यक्ष महावीर शर्मा ने जारी एक बयान में कहा कि उक्त स्कूल में एक छात्र द्वारा तिलक लगाए जाने पर जिस प्रकाश स्कूल के अंग्रेजी अध्यापक ने प्रताड़ित करते हुए क्लास से बाहर जाने के लिए कहा, वह निंदनीय है और सनातन धर्म का अपमान है। महावीर शर्मा ने कहा कि यदि कोई ब्राह्मण का बच्चा तिलक लगाकर भारत के स्कूल में नहीं जा सकता तो क्या पाकिस्तान के स्कूल में जाएगा। उन्होंने स्कूल प्रशासन से अध्यापक को तुरंत हटाने की मांग की है तथा भविष्य में इस तरह की घटना न हो, इसके लिए स्कूल प्रबंधक कमेटी को उचित कदम उठाने का आग्रह किया।