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छात्रों को हिरासत में लेने पर मचा बवाल
सिरसा।
Updated Tue, 05 Aug 2014 12:08 AM IST
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मुख्यमंत्री आगमन से पहले ही सोमवार सुबह पुलिस ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के 20 छात्रों को राजकीय नेशनल कॉलेज और आरएसएस कार्यालय से उठा लिया और अज्ञात स्थान पर ले गए।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के छात्रों ने मुख्यमंत्री को काले झंडे दिखाने का ऐलान कर रखा था। इसके बाद भाजपा नेताओं ने जनता भवन में बैठक की और छात्रों की रिहाई की मांग को लेकर मंगलवार दोपहर एक बजे सांगवान चौक पर जाम लगा दिया। जाम लगने से नेशनल हाईवे एक घंटे तक बाधित रहा। डबवाली रोड पर वाहनों की कतारें लग गईं। 50-60 भाजपा नेताओं ने सड़कों पर पत्थर डाल दिए।
सूचना मिलने पर शहर थाना प्रभारी मौजीराम मौके पर पहुंचे। उन्होंने भाजपा नेताआें से जाम हटाने का अनुरोध किया लेकिन नेताओं ने उनकी नहीं सुनी। इसके बाद डीएसपी मुख्यालय विजय जाखड़, डीएसपी सिटी और एसडीएम धर्मवीर सिंह बड़ी संख्या में पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। प्रदर्शनकारी पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर करते रहे। प्रशासन की तरफ से एसडीएम हवा सिंह पचार सांगवान चौक पहुंचे।
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उन्होंने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की और भरोसा दिलाया कि उनकी मांग पूरी की जाएगी। भाजपा नेताओं ने एसडीएम से कहा कि पुलिस पहले अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े छात्रों को रिहा करे फिर जाम हटाया जाएगा। भाजपा नेताओं ने एसडीएम को बताया कि पुलिसवालों ने एसएसएस कार्यालय में गाली-गलौच की है। जाम लगे एक घंटा बीत जाने के बाद एसडीएम हवा सिंह पचार ने प्रदर्शनकारियों को कहा कि हिरासत में लिए गए छात्रों को आधे घंटे में छोड़ दिया जाएगा।
छात्रों को सिरसा से 40 किलोमीटर दूर एक अज्ञात स्थान पर रखा गया है। एसडीएम के आश्वासन के बाद प्रदर्शनकारियों ने जाम हटा लिया।
हमारा क्या कसूर है अंकल...
एक बजे से लेकर दोपहर दो बजे तक सांगवान चौक पर जाम लगने से वाहन चालकों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। स्कूलों की छुट्टी होने बाद ऑटो रिक्शा व स्कूल बस भी घंटों तक जाम में फंसी रही। छोटे बच्चे गर्मी से कराहने लगे लेकिन प्रदर्शनकारियों ने उसकी दशा पर ध्यान नहीं दिया।
एक निजी स्कूल बस के चालक ने पुलिस अधिकारी को बताया कि मासूम बच्चों का गर्मी में बस के अंदर बैठे बुरा हाल हो चुका है। एंबुलेंस के साथ-साथ स्कूल बसों निकलने का रास्ता दिया जाए। पुलिस कर्मचारियों ने बच्चों का हाल देखा नहीं गया और उन्होंने कुछ ऑटो रिक्शा और चौक के पास जाम में फंसी एक एक स्कूल बस को आगे निकलने का रास्ता बनवाया।
ये है मामला...
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् द्वारा काफी दिनों से विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन किया जा रहा है। परिषद द्वारा रविवार के दिन मुख्यमंत्री के सोमवार को सिरसा आगमन के संबंध में चौ. देवीलाल विश्वविद्यालय में उनका घेराव करने व काले झंडे दिखाने का बयान जारी किया गया था।
पुलिस ने गली चोपड़ा वाली स्थित आरएसएस कार्यालय और नेशनल कॉलेज से 20 छात्रों को हिरासत में ले लिया और इन्हें अज्ञात स्थान पर ले गए।
ये हैं परिषद की मांगें
शिक्षा के व्यापारीकरण को रोका जाए, छात्र संघ के चुनाव बहाल हों, छात्राओं के लिए नए कॉलेज का निर्माण, रि-अपीयर का परिणाम 20 दिनों के अंदर आना चाहिए, रि-अपीयर के पेपर छह महा बाद होने चाहिए, डीएमसी समय पर वितरित होनी चाहिए, एससी/बीसी का फंड सभी छात्र/छात्राओं को दिया जाए, पीसीआर की व्यवस्था होनी चाहिए।
सभी छात्र हुए रिहा
शहर थाना प्रभारी मौजीराम ने बताया कि सेामवार सुबह 15-20 छात्रों को हिरासत में लिया गया था, बाद में इन्हें छोड़ दिया गया है।
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अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के छात्रों ने मुख्यमंत्री को काले झंडे दिखाने का ऐलान कर रखा था। इसके बाद भाजपा नेताओं ने जनता भवन में बैठक की और छात्रों की रिहाई की मांग को लेकर मंगलवार दोपहर एक बजे सांगवान चौक पर जाम लगा दिया। जाम लगने से नेशनल हाईवे एक घंटे तक बाधित रहा। डबवाली रोड पर वाहनों की कतारें लग गईं। 50-60 भाजपा नेताओं ने सड़कों पर पत्थर डाल दिए।
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सूचना मिलने पर शहर थाना प्रभारी मौजीराम मौके पर पहुंचे। उन्होंने भाजपा नेताआें से जाम हटाने का अनुरोध किया लेकिन नेताओं ने उनकी नहीं सुनी। इसके बाद डीएसपी मुख्यालय विजय जाखड़, डीएसपी सिटी और एसडीएम धर्मवीर सिंह बड़ी संख्या में पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। प्रदर्शनकारी पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर करते रहे। प्रशासन की तरफ से एसडीएम हवा सिंह पचार सांगवान चौक पहुंचे।
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उन्होंने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की और भरोसा दिलाया कि उनकी मांग पूरी की जाएगी। भाजपा नेताओं ने एसडीएम से कहा कि पुलिस पहले अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े छात्रों को रिहा करे फिर जाम हटाया जाएगा। भाजपा नेताओं ने एसडीएम को बताया कि पुलिसवालों ने एसएसएस कार्यालय में गाली-गलौच की है। जाम लगे एक घंटा बीत जाने के बाद एसडीएम हवा सिंह पचार ने प्रदर्शनकारियों को कहा कि हिरासत में लिए गए छात्रों को आधे घंटे में छोड़ दिया जाएगा।
छात्रों को सिरसा से 40 किलोमीटर दूर एक अज्ञात स्थान पर रखा गया है। एसडीएम के आश्वासन के बाद प्रदर्शनकारियों ने जाम हटा लिया।
हमारा क्या कसूर है अंकल...
एक बजे से लेकर दोपहर दो बजे तक सांगवान चौक पर जाम लगने से वाहन चालकों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। स्कूलों की छुट्टी होने बाद ऑटो रिक्शा व स्कूल बस भी घंटों तक जाम में फंसी रही। छोटे बच्चे गर्मी से कराहने लगे लेकिन प्रदर्शनकारियों ने उसकी दशा पर ध्यान नहीं दिया।
एक निजी स्कूल बस के चालक ने पुलिस अधिकारी को बताया कि मासूम बच्चों का गर्मी में बस के अंदर बैठे बुरा हाल हो चुका है। एंबुलेंस के साथ-साथ स्कूल बसों निकलने का रास्ता दिया जाए। पुलिस कर्मचारियों ने बच्चों का हाल देखा नहीं गया और उन्होंने कुछ ऑटो रिक्शा और चौक के पास जाम में फंसी एक एक स्कूल बस को आगे निकलने का रास्ता बनवाया।
ये है मामला...
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् द्वारा काफी दिनों से विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन किया जा रहा है। परिषद द्वारा रविवार के दिन मुख्यमंत्री के सोमवार को सिरसा आगमन के संबंध में चौ. देवीलाल विश्वविद्यालय में उनका घेराव करने व काले झंडे दिखाने का बयान जारी किया गया था।
पुलिस ने गली चोपड़ा वाली स्थित आरएसएस कार्यालय और नेशनल कॉलेज से 20 छात्रों को हिरासत में ले लिया और इन्हें अज्ञात स्थान पर ले गए।
ये हैं परिषद की मांगें
शिक्षा के व्यापारीकरण को रोका जाए, छात्र संघ के चुनाव बहाल हों, छात्राओं के लिए नए कॉलेज का निर्माण, रि-अपीयर का परिणाम 20 दिनों के अंदर आना चाहिए, रि-अपीयर के पेपर छह महा बाद होने चाहिए, डीएमसी समय पर वितरित होनी चाहिए, एससी/बीसी का फंड सभी छात्र/छात्राओं को दिया जाए, पीसीआर की व्यवस्था होनी चाहिए।
सभी छात्र हुए रिहा
शहर थाना प्रभारी मौजीराम ने बताया कि सेामवार सुबह 15-20 छात्रों को हिरासत में लिया गया था, बाद में इन्हें छोड़ दिया गया है।