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Sirsa News: संचित अनाज नहीं होगा खराब, नमी आते ही बज उठेगी डिवाइस

Thu, 05 Oct 2023 11:37 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा Updated Thu, 05 Oct 2023 11:37 PM IST
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The stored grain will not spoil, the device will ring as soon as moisture comes in.
अजमेर सिंह मलिक सम्मान पत्र सहित हौसला हफजाई करते।  स्रोत : विवि
संवाद न्यूज एजेंसी
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सिरसा। आपकी टंकी में रखा गेहूं अब खराब नहीं होगा। गेहूं में नमी आने के साथ ही डिवाइस बज उठेगी। ऐसी तकनीकी चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय में कम्प्यूटर साइंस विभाग के डॉ. हरीश रोहिल तथा उनके 6 अन्य सहयोगियों ने विकसित की है। उन्होंने मॉनिटरिंग एंड अर्ली डिटेक्शन ऑफ स्पोइलेज ऑफ स्टोर्ड फूड ग्रेन नामक कॉस्ट इफेक्टिव स्मार्ट डिवाइस विकसित की है।



प्रोफेसर की माने तो यह डिवाइस आम आदमी के साथ लंबे समय तक अनाज स्टोर रखने वाले किसानों के लिए बेहद लाभकारी साबित होगी। उनकी कोशिश है कि जिस भी कंपनी के साथ उनका अनुबंध हो, उपकरण की कीमत बेहद कम रखी जाए।
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डॉ. हरीश रोहिल ने बताया कि इस उपकरण को बनाने का आइडिया घर से आया। मां अक्सर कहां करती है कि नमी के साथ टंकी में रखा अनाज में घुन लग गया है, वह खराब हो गया। इसी चीज के समाधान को लेकर साथी प्रोफेसर के साथ बातचीत की और इस उपकरण पर हमारा काम शुरू हुआ। आमजन व किसान दोनों के लिए अनाज की बेहद अहमियत है और पूरे साल इस अनाज का इस्तेमाल करना होता है। इसलिए इसे सुरक्षित रखना बेहद जरूरी होता है।
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डॉ. हरीश ने बताया कि सितंबर 2022 में इस उपकरण को बनाना पर काम शुरू किया गया। हमारी 6 लोगों की टीम ने इस पर काम किया। एक साल की कड़ी मेहनत के बाद सितंबर 2023 में हमारा यह उपकरण बनकर तैयार हो गया है। इसकी हमें बेहद खुशी है।



ऐसे करता है काम उपकरण



उपकरण एक छड़ी नुमा आकार का है। यह छड़ी अनाज की टंकी के हिसाब से बड़ी-छोटी हो सकती है। इसमें हर एक फुट पर सेंसर लगाए गए हैं। इस डिवाइस को चलाने के लिए बैटरी का इस्तेमाल होगा। इस उपकरण को नमी व गर्मी को ध्यान में रखकर बनाया गया है। इन दोनों मौसम में यह काम करेगा। डिवाइस को टंकी के अंदर लगाया जाता है और यह शुरू होने के साथ ही प्रत्येक 6 घंटे में अपनी रिपोर्ट देता है।

30 सितंबर को हुआ पेटेंट

डॉ. हरीश ने बताया कि गवर्नमेंट ऑफ इंडिया के पेटेंट ऑफिस द्वारा उन्हें 30 सितंबर को यह पेटेंट प्रमाण पत्र प्राप्त हुआ। इस कार्य में डॉ. सुरजीत दलाल, नरेंदर कुमार, प्रतीक सिंह, डॉ. मंजू, डॉ विवेक व डॉ उमा रानी का सहयोग रहा।




वर्जन

बेहद खुशी की बात है कि हमारे प्रोफेसरों ने आमजन और किसानों को ध्यान में रखते हुए उपकरण बनाया है। इससे अन्य विभाग के प्रोफेसर भी प्रोत्साहित होंगे और विश्वविद्यालय नए आयाम कायम करेगा। सभी प्रोफेसरों को मेरी ओर से शुभकामनाएं। - प्रो अजमेर सिंह मलिक, कुलपति
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