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ड्राइवर को नहीं दिया वेतन, कोर्ट ने रोकी जन स्वास्थ्य विभाग के एसई का वेतन
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सिरसा। आदेशों पालन नहीं करने पर कोर्ट ने विभागों के मुख्य अधिकारियों के प्रति सख्त रुख अपनाना शुरू कर दिया है। पांच दिन पहले ही कोर्ट ने रोडवेज महाप्रबंधक केआर कौशल की कार को जब्त किया था। वहीं अन्य एक मामले में कोर्ट ने अब जन स्वास्थ्य विभाग के एसई का वेतन भी अटैच कर दिया है। एसई के वेतन से ड्राइवर के वेतन का भुगतान किया जाएगा। कोर्ट ने आदेश में कहा है कि जब तक पीड़ित ड्राइवर को विभाग द्वारा राशि जारी नहीं की जाती। एसई को वेतन नहीं मिलेगा। इस संबंध में विभाग द्वारा 11 अक्तूबर 2021 तक पालन की रिपोर्ट मांगी है।
ड्राइवर का वेतन न मिलने पर 2019 में दायर हुई थी याचिका
चालक सुखविंद्र ने 5 अगस्त 2019 को वेतन नहीं मिलने मामले में कोर्ट में याचिका दायर कर न्याय की गुहार लगाई थी। सुनवाई की अंतिम तारीख पर एसडीओ कालू राम कोर्ट में उपस्थित हुए थे। उन्होंने कोर्ट को आश्वासन दिया था कि तीन सप्ताह के भीतर विचाराधीन डिक्री का पालन करेंगे, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। इसलिए कोर्ट ने अधीक्षण अभियंता का वेतन अटैच करा दिया है। अब एसई के वेतन से पीड़ित चालक को राशि का भुगतना किया जाएगा।
रोडवेज महाप्रबंधक को जारी किए नोटिस में सुनवाई 30 को
कोर्ट द्वारा जीएम रोडवेज को जारी किए नोटिस पर सुनवाई 30 सितंबर को की जाएगी। कोर्ट ने रोडवेज जीएम का भी वेतन अटैच करने के संबंध में नोटिस जारी किया है और पीड़ित रोडवेज मैकेनिक नरेश कुमार को मुआवजा राशि का भुगतान करने पर विचार किया है। अगर कोर्ट नोटिस के जवाब से संतुष्ट नहीं होती तो जीएम की सैलरी भी अटैच कर दी जाएगी। जीएम की कार पहले ही कोर्ट के निर्देश पर जब्त की जा चुकी है। कार न होने के कारण हर रोज जीएम सुबह हिसार से सिरसा रोडवेज डिपो में बस के माध्यम से पहुंचते है और शाम को वापस बस में हिसार रवाना होते हैं।
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इस कारण से रोडवेज महाप्रबंधक की गाड़ी हुई थी जब्त
मामले के अनुसार रोडवेज के सिरसा डिपो में सिरसा निवासी नरेश कुमार एक नवंबर 1979 को मैकेनिक के पद पर भर्ती हुआ था। नरेश कुमार 30 जून 2016 को मैकेनिक के पद से सेवानिवृत्त हुआ। नरेश कुमार से पांच साल बाद भर्ती हुए कर्मचारी जब सेवानिवृत्त हुए तो रोडवेज ने उन्हें 25 हजार रुपये माह पेंशन जारी की, लेकिन सीनियर होने के बावजूद नरेश कुमार को 20 हजार रुपये पेंशन दी गई। जूनियर को ज्यादा पेंशन मिलने से अपने साथ विभाग द्वारा की गई नाइंसाफी के खिलाफ नरेश कुमार ने कोर्ट में याचिका दायर की थी। जिसके बाद कोर्ट ने नरेश कुमार के पक्ष में फैसला सुनाया। लेकिन रोडवेज ने आदेशों का पालन नहीं किया। जिस पर कोर्ट रोडवेज महाप्रबंधक की कार को जब्त कर लिया।
नीलाम होगी कार व गाड़ी
रोडवेज महाप्रबंधक की कार व गाड़ी को जब्त करने के बाद कोर्ट की ओर से विभाग की कार और गाड़ी को नीलाम किया जाएगा। शुक्रवार को कोर्ट कर्मचारी की मौजूदगी में रोडवेज जीएम की कार को जब्त कर लिया गया, जबकि बोलेरो गाड़ी रोडवेज परिसर में नहीं मिली थी। शनिवार को गाड़ी भी जब्त कर ली जाएगी। इसके बाद जीएम की कार व बोलेरो गाड़ी को नीलाम करके पीड़ित मैकेनिक को मुआवजा राशि दी जाएगी। दोनों वाहन नीलाम करने के बाद जितनी राशि बनती है वह मैकेनिक को दी जाएगी। शेष राशि रोडवेज महाप्रबंधक के वेतन को अटैच कर भुगतान किया जाएगा।
कोर्ट ने जन स्वास्थ्य विभाग के एसई का वेतन अटैच करने का नोटिस जारी किया है। चालक सुखविंद्र सिंह की ओर से वेतन न दिए जाने की याचिका कोर्ट में दायर की गई थी। जिसके बाद कोर्ट की ओर से चालक के वेतन का भुगतान एसई के वेतन से किया जाएगा।
-पवन कुमार, एडवोकेट, सिरसा
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ड्राइवर का वेतन न मिलने पर 2019 में दायर हुई थी याचिका
चालक सुखविंद्र ने 5 अगस्त 2019 को वेतन नहीं मिलने मामले में कोर्ट में याचिका दायर कर न्याय की गुहार लगाई थी। सुनवाई की अंतिम तारीख पर एसडीओ कालू राम कोर्ट में उपस्थित हुए थे। उन्होंने कोर्ट को आश्वासन दिया था कि तीन सप्ताह के भीतर विचाराधीन डिक्री का पालन करेंगे, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। इसलिए कोर्ट ने अधीक्षण अभियंता का वेतन अटैच करा दिया है। अब एसई के वेतन से पीड़ित चालक को राशि का भुगतना किया जाएगा।
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रोडवेज महाप्रबंधक को जारी किए नोटिस में सुनवाई 30 को
कोर्ट द्वारा जीएम रोडवेज को जारी किए नोटिस पर सुनवाई 30 सितंबर को की जाएगी। कोर्ट ने रोडवेज जीएम का भी वेतन अटैच करने के संबंध में नोटिस जारी किया है और पीड़ित रोडवेज मैकेनिक नरेश कुमार को मुआवजा राशि का भुगतान करने पर विचार किया है। अगर कोर्ट नोटिस के जवाब से संतुष्ट नहीं होती तो जीएम की सैलरी भी अटैच कर दी जाएगी। जीएम की कार पहले ही कोर्ट के निर्देश पर जब्त की जा चुकी है। कार न होने के कारण हर रोज जीएम सुबह हिसार से सिरसा रोडवेज डिपो में बस के माध्यम से पहुंचते है और शाम को वापस बस में हिसार रवाना होते हैं।
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इस कारण से रोडवेज महाप्रबंधक की गाड़ी हुई थी जब्त
मामले के अनुसार रोडवेज के सिरसा डिपो में सिरसा निवासी नरेश कुमार एक नवंबर 1979 को मैकेनिक के पद पर भर्ती हुआ था। नरेश कुमार 30 जून 2016 को मैकेनिक के पद से सेवानिवृत्त हुआ। नरेश कुमार से पांच साल बाद भर्ती हुए कर्मचारी जब सेवानिवृत्त हुए तो रोडवेज ने उन्हें 25 हजार रुपये माह पेंशन जारी की, लेकिन सीनियर होने के बावजूद नरेश कुमार को 20 हजार रुपये पेंशन दी गई। जूनियर को ज्यादा पेंशन मिलने से अपने साथ विभाग द्वारा की गई नाइंसाफी के खिलाफ नरेश कुमार ने कोर्ट में याचिका दायर की थी। जिसके बाद कोर्ट ने नरेश कुमार के पक्ष में फैसला सुनाया। लेकिन रोडवेज ने आदेशों का पालन नहीं किया। जिस पर कोर्ट रोडवेज महाप्रबंधक की कार को जब्त कर लिया।
नीलाम होगी कार व गाड़ी
रोडवेज महाप्रबंधक की कार व गाड़ी को जब्त करने के बाद कोर्ट की ओर से विभाग की कार और गाड़ी को नीलाम किया जाएगा। शुक्रवार को कोर्ट कर्मचारी की मौजूदगी में रोडवेज जीएम की कार को जब्त कर लिया गया, जबकि बोलेरो गाड़ी रोडवेज परिसर में नहीं मिली थी। शनिवार को गाड़ी भी जब्त कर ली जाएगी। इसके बाद जीएम की कार व बोलेरो गाड़ी को नीलाम करके पीड़ित मैकेनिक को मुआवजा राशि दी जाएगी। दोनों वाहन नीलाम करने के बाद जितनी राशि बनती है वह मैकेनिक को दी जाएगी। शेष राशि रोडवेज महाप्रबंधक के वेतन को अटैच कर भुगतान किया जाएगा।
कोर्ट ने जन स्वास्थ्य विभाग के एसई का वेतन अटैच करने का नोटिस जारी किया है। चालक सुखविंद्र सिंह की ओर से वेतन न दिए जाने की याचिका कोर्ट में दायर की गई थी। जिसके बाद कोर्ट की ओर से चालक के वेतन का भुगतान एसई के वेतन से किया जाएगा।
-पवन कुमार, एडवोकेट, सिरसा