{"_id":"64875e4feac90632f9081206","slug":"the-road-to-life-coming-out-of-de-addiction-camp-adgp-visited-gave-diamond-title-to-drug-addicts-recovering-in-health-sirsa-news-c-128-1-sir1001-1103-2023-06-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirsa News: नशामुक्ति शिविर से निकल रही जिंदगी की राह...एडीजीपी ने किया दौरा, स्वास्थ्य होते नशा पीड़ितों को दी हीराे की उपाधि","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirsa News: नशामुक्ति शिविर से निकल रही जिंदगी की राह...एडीजीपी ने किया दौरा, स्वास्थ्य होते नशा पीड़ितों को दी हीराे की उपाधि
Mon, 12 Jun 2023 11:35 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Mon, 12 Jun 2023 11:35 PM IST
विज्ञापन
ग्रामीणों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित करते एडीजीपी श्रीकांत जाधव। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। गांव भीमा व फग्गू में आयोजित नशा मुक्ति शिविर से जिंदगी की राह निकल रही है। नशा पीड़ित नशा छोड़कर सामान्य जिंदगी में लौट रहे हैं। सोमवार को इन नशा मुक्ति शिविर का एडीजीपी श्रीकांत जाधव ने दौरा किया और पीड़ितों का हालचाल जाना। एडीजीपी ने सुधरते ड्रग पीड़ितों को हीरो की उपाधि दी और कहा कि अब आपको आगे आकर दूसरे नशा पीड़ितों को भी इस बुराई से बाहर निकालने की दिशा में कार्य करना होगा।
एडीजीपी ने ग्राम पंचायत को भी सम्मानित किया।
सोमवार को नशा मुक्ति केंद्रों की स्थिति जांचने के लिए पहुंचे एडीजीपी श्रीकांत जाधव का फूल बरसा कर स्वागत किया। इस दौरान एडीजीपी के समक्ष नशा पीड़ित ने कहा कि वह पिछले डेढ़ वर्ष से चिट्टे के इंजेक्शन लगा रहा था। इसके बाद उसे दौरे पड़ने शुरू हो गए। इसके बाद वह शिविर में दाखिल हुआ है। बीते एक सप्ताह से उसने न तो इंजेक्शन लिया है और न ही दवा है। वह बिलकुल ठीक हो गया है। उन्होंने एडीजीपी को विश्वास दिलाया कि आपके प्रयासों को वह आजीवन नशे से दूर रहकर साकार। एडीजीपी श्रीकांत जाधव ने संबोधित करते हुए कहा कि वे हर सप्ताह पीड़ितों की जानकारी लेते रहेंगे। इसके लिए उन्होंने महिलाओं से भी घर पर आकर जानकारी लेने की अनुमति ली।
सरपंचों की थपथपाई पीठ, बोले- आपकी पहले दूसरी पंचायतों के लिए नजीर बनेगी
एडीजीपी श्रीकांत जाधव ने गांव भीमा के सरपंच वीरेंद्र सिंह और गांव फग्गू के सरपंच रविंद्र पाल व उनकी टीम की पीठ थपथपाई। उन्होंने कहा कि आपके प्रयासों व पहल के अच्छे परिणाम मिलेंगे। आपकी पहल दूसरी पंचायतों के लिए नजीर बनेगी। उन्होंने अन्य पंचायतों से आह्वान किया अपने गांव को ड्रग मुक्त बनाने के लिए आगे आए, पुलिस से हर संभव सहयोग मिलेगा।
विज्ञापन
मां बोली- बेटे के सहारे ही जी रही थी, अब वह ही नशा करने लगा
नशा पीड़ित की मां ने एडीजीपी के साथ बातचीत करते हुए कहा कि वह बेटे के सहारे ही जी रही थी। बेटा भी नशा करने का आदी हो गया तो उसका जीना भी मुश्किल हो रहा है। बेटा नशा छोड़ दें तो इससे बड़ा कोई उपकार नहीं होगा। बेटा काम करने लग जाए तो उनकी स्थिति भी ठीक हो जाएगी।
गांव भीमा में 21 व फग्गू में 28 लोग करवा रहे उपचार
गांव भीमा में 21 युवा अपनी स्वेच्छा नशे की लत छोड़ने के लिए आगे आए व शिविर का फायदा उठा रहे हैं। गांव फग्गू में अभी 28 लोगों शिविर में सेवाएं ले रहे हैं। इनका उपचार शुरु किया गया है। इस गांव में अभी 4 लोग एचआईवी पॉजिटिव मिले हैं, जिनका उपचार करवाया जाएगा। ड्रग मुक्त शिविर में सहयोग करने वाले लोगो को एडीजीपी ने सम्मानित किया। 21 लोगों ने नशामुक्त समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण कार्य करने वाली संस्था प्रयास की सदस्यता ग्रहण की। इस अवसर पर उप पुलिस अधीक्षक गुरदयाल सिह, डीएसपी राजेंद्र सिह, थाना प्रभारी डिंग सहित प्रयास संस्था के सदस्य नशा मुक्त टीम सहित सुधरते ड्रग पीड़ित व ग्रामीण उपस्थित रहे।
विज्ञापन
सिरसा। गांव भीमा व फग्गू में आयोजित नशा मुक्ति शिविर से जिंदगी की राह निकल रही है। नशा पीड़ित नशा छोड़कर सामान्य जिंदगी में लौट रहे हैं। सोमवार को इन नशा मुक्ति शिविर का एडीजीपी श्रीकांत जाधव ने दौरा किया और पीड़ितों का हालचाल जाना। एडीजीपी ने सुधरते ड्रग पीड़ितों को हीरो की उपाधि दी और कहा कि अब आपको आगे आकर दूसरे नशा पीड़ितों को भी इस बुराई से बाहर निकालने की दिशा में कार्य करना होगा।
एडीजीपी ने ग्राम पंचायत को भी सम्मानित किया।
सोमवार को नशा मुक्ति केंद्रों की स्थिति जांचने के लिए पहुंचे एडीजीपी श्रीकांत जाधव का फूल बरसा कर स्वागत किया। इस दौरान एडीजीपी के समक्ष नशा पीड़ित ने कहा कि वह पिछले डेढ़ वर्ष से चिट्टे के इंजेक्शन लगा रहा था। इसके बाद उसे दौरे पड़ने शुरू हो गए। इसके बाद वह शिविर में दाखिल हुआ है। बीते एक सप्ताह से उसने न तो इंजेक्शन लिया है और न ही दवा है। वह बिलकुल ठीक हो गया है। उन्होंने एडीजीपी को विश्वास दिलाया कि आपके प्रयासों को वह आजीवन नशे से दूर रहकर साकार। एडीजीपी श्रीकांत जाधव ने संबोधित करते हुए कहा कि वे हर सप्ताह पीड़ितों की जानकारी लेते रहेंगे। इसके लिए उन्होंने महिलाओं से भी घर पर आकर जानकारी लेने की अनुमति ली।
विज्ञापन
सरपंचों की थपथपाई पीठ, बोले- आपकी पहले दूसरी पंचायतों के लिए नजीर बनेगी
एडीजीपी श्रीकांत जाधव ने गांव भीमा के सरपंच वीरेंद्र सिंह और गांव फग्गू के सरपंच रविंद्र पाल व उनकी टीम की पीठ थपथपाई। उन्होंने कहा कि आपके प्रयासों व पहल के अच्छे परिणाम मिलेंगे। आपकी पहल दूसरी पंचायतों के लिए नजीर बनेगी। उन्होंने अन्य पंचायतों से आह्वान किया अपने गांव को ड्रग मुक्त बनाने के लिए आगे आए, पुलिस से हर संभव सहयोग मिलेगा।
विज्ञापन
मां बोली- बेटे के सहारे ही जी रही थी, अब वह ही नशा करने लगा
नशा पीड़ित की मां ने एडीजीपी के साथ बातचीत करते हुए कहा कि वह बेटे के सहारे ही जी रही थी। बेटा भी नशा करने का आदी हो गया तो उसका जीना भी मुश्किल हो रहा है। बेटा नशा छोड़ दें तो इससे बड़ा कोई उपकार नहीं होगा। बेटा काम करने लग जाए तो उनकी स्थिति भी ठीक हो जाएगी।
गांव भीमा में 21 व फग्गू में 28 लोग करवा रहे उपचार
गांव भीमा में 21 युवा अपनी स्वेच्छा नशे की लत छोड़ने के लिए आगे आए व शिविर का फायदा उठा रहे हैं। गांव फग्गू में अभी 28 लोगों शिविर में सेवाएं ले रहे हैं। इनका उपचार शुरु किया गया है। इस गांव में अभी 4 लोग एचआईवी पॉजिटिव मिले हैं, जिनका उपचार करवाया जाएगा। ड्रग मुक्त शिविर में सहयोग करने वाले लोगो को एडीजीपी ने सम्मानित किया। 21 लोगों ने नशामुक्त समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण कार्य करने वाली संस्था प्रयास की सदस्यता ग्रहण की। इस अवसर पर उप पुलिस अधीक्षक गुरदयाल सिह, डीएसपी राजेंद्र सिह, थाना प्रभारी डिंग सहित प्रयास संस्था के सदस्य नशा मुक्त टीम सहित सुधरते ड्रग पीड़ित व ग्रामीण उपस्थित रहे।