फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sirsa News ›   The reading and writing abilities of 35,000 children from 523 schools will be tested

Sirsa News: 523 विद्यालयों के 35 हजार बच्चों की पढ़ने-लिखने की क्षमता जांची जाएगी

Thu, 11 Dec 2025 11:15 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा Updated Thu, 11 Dec 2025 11:15 PM IST
विज्ञापन
The reading and writing abilities of 35,000 children from 523 schools will be tested
सिरसा। जिला शिक्षा विभाग ने पहली से तीसरी कक्षा के विद्यार्थियों की बुनियादी सीखने की क्षमताओं को परखने के लिए निपुण हरियाणा मिशन के तहत सेंसस 2.0 मूल्यांकन की तैयारियां एक बार फिर शुरू कर दी हैं। यह मूल्यांकन 22 और 23 दिसंबर को जिले के 523 विद्यालयों में करीब 35 हजार विद्यार्थियों पर किया जाएगा।
विज्ञापन

मूल्यांकन प्रक्रिया निपुण हरियाणा टीचर एप के माध्यम से की जाएगी और इसे किसी परीक्षा के दबाव के बजाय बच्चों की वास्तविक समझ का आकलन माना जा रहा है ताकि शैक्षणिक वर्ष के अंत तक उन्हें निर्धारित लक्ष्यों तक पहुंचाया जा सके।
विज्ञापन

वीरवार को राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, मेला ग्राउंड में जिले के एबीआरसी और बीआरपी को ट्रेनिंग दी गई। पहले सत्र में रानियां, ओढ़ां, डबवाली और ऐलनाबाद ब्लॉक के एबीआरसी और बीआरपी शामिल हुए, जबकि दूसरे सत्र में सिरसा, नाथूसरी चौपटा और बड़ागुढ़ां ब्लॉक के शिक्षा विभाग के अधिकारी शामिल हुए।
विज्ञापन
विज्ञापन

इस ओरिएंटेशन में करीब 100 से अधिक एबीआरसी और बीआरपी ने भाग लिया। ट्रेनिंग में मूल्यांकन के उद्देश्य, प्रक्रिया और निपुण हरियाणा टीचर एप का प्रयोग सिखाया गया।मूल्यांकन प्रक्रिया दो दिन चलेगी। 22 दिसंबर को हिंदी में शब्द, वाक्य और पैराग्राफ पढ़ने की क्षमता जांची जाएगी जबकि 23 दिसंबर को गणित में नंबर पहचान, जोड़-घटाना जैसी बुनियादी क्षमताओं का मूल्यांकन किया जाएगा।
पहली कक्षा के विद्यार्थियों का मूल्यांकन उनके कक्षा अध्यापक करेंगे, जबकि दूसरी और तीसरी कक्षा के लिए टीजीटी और पीजीटी शिक्षकों को नियुक्त किया गया है। प्रत्येक विद्यार्थी का मूल्यांकन व्यक्तिगत रूप से 5 से 10 मिनट में किया जाएगा और सभी डाटा निपुण हरियाणा टीचर एप पर दर्ज होगा।टीजीटी और पीजीटी शिक्षकों को मूल्यांकन शुरू करने से पहले शपथ पत्र देना होगा जिसमें यह सुनिश्चित किया जाएगा कि मूल्यांकन पूरी निष्पक्षता, बिना किसी बाहरी सहायता और विभागीय दिशानिर्देशों के अनुसार किया गया है।

इसके अलावा, यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि विद्यार्थियों को उचित समूहों में वर्गीकृत किया गया है और परिणामों की सत्यता के लिए शिक्षक स्वयं उत्तरदायी होंगे। कक्षा अध्यापकों की ओर से दिए जाने वाले शपथ पत्र में उल्लेख होगा कि उन्होंने प्रत्येक विद्यार्थी की प्रगति पर नियमित ध्यान दिया है और उन्हें शैक्षणिक वर्ष के अंत तक निपुण लक्ष्य तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed