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पार्षदों की राजनीति खत्म, अब प्रशासक संभालेंगे कामकाज
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सिरसा। सिरसा नगर परिषद के पार्षदों का पांच वर्ष का कार्यकाल समाप्त हो गया है। अब बुधवार से एसडीएम प्रशासक के रूप में नप का काम संभालेंगे। अब नप के कार्यों में पार्षदों की राजनीति खत्म होने से जिला प्रशासन काम करेगा। सिरसा नगर परिषद के पांच वर्ष का कार्यकाल विवादित रहा। नियमित चेयरपर्सन को लेकर विवाद हो गया और अविश्वास प्रस्ताव के बाद पद गंवाना पड़ा। दूसरी चेयरपर्सन के लिए चुनाव में देरी हुई और मामला कोर्ट तक भी पहुंचा। दूसरी नियमित चेयरपर्सन रीना सेठी भी केवल 6 माह तक काम कर पाईं।
नगर परिषद के पार्षदों के चुनाव 2016 में हुए। चेयरपर्सन का पद महिला के लिए आरक्षित रखा गया। चेयरपर्सन के चुनाव को लेकर लंबी जद्दोजहद हुई और चेयरमैनी भाजपा के खाते में गई। ऐसे में सेतिया गुट की शीला सहगल चेयरपर्सन चुनी गई और उन्होंने 12 दिसंबर 2016 को कार्यभार संभाला। लेकिन कुछ ही समय में विवाद हो गया और साथी पार्षद नाराज हो गए। भाजपा समर्थित पार्षदों ने अन्य दलों के पार्षदों के साथ मिलकर बगावत कर दी और अविश्वास प्रस्ताव ले आए। ऐसे में शीला सहगल को 31 जुलाई 2018 को चेयरमैन का पद छोड़ना पड़ा। इस प्रकार उनका कार्यकाल केवल 7 माह 19 दिन का रहा। इसके बाद चेयरपर्सन का कार्यभार उपप्रधान रणधीर सिंह के पास चला गया और उन्होंने 15 अप्रैल 2021 तक कामकाज देखा। इसी बीच चेयरपर्सन के चुनाव को लेकर लंबी जद्दोजहद हुई और मामला कोर्ट तक भी पहुंचा। कई बार चुनाव कार्यक्रम निर्धारित करने के बाद भी रद्द करने पड़े। आखिरकार लंबी लड़ाई के बाद चुनाव हुए और इसमें कांडा ग्रुप से समर्थित पार्षद रीना सेठी चेयरपर्सन चुनी गईं। उन्होंने 16 अप्रैल को कार्यभार संभाला। अब मंगलवार को नगर परिषद का पांच साल का कार्यकाल पूरा हो गया है। ऐसे में प्रधान का पद भी खाली हो गया। अब प्रशासक के रूप में एसडीएम नगर परिषद का कामकाज देखेंगे।
अभी चुनाव के लिए कोई तैयारी नहीं है। नियम अनुसार दोबारा चुनाव करवाने के लिए प्रक्रिया शुरू होनी चाहिए थी। लेकिन अभी तक सरकार चुनाव को लेकर कोई कार्यक्रम निर्धारित नहीं कर पाई है। नऐ पार्षदों का चुनाव ना होने के कारण अब सारा कामकाज जिला प्रशासन ही देखेेगा।
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सिरसा शहर का हुआ चहुंमुखी विकास: रीना सेठी
नगर परिषद की चेयरपर्सन रही रीना सेठी ने कहा कि सिरसा शहर में हमने संवारने के लिए सफाई व्यवस्था की ओर विशेष ध्यान दिया। घर-घर से कूड़ा उठान करने के लिए नगर परिषद की गाड़ी आपके घर द्वार तक पहुंचाई। सफाई व्यवस्था को सुधारने की तरफ विशेष ध्यान दिया। परिषद में सफाई कर्मियों की कमी को पूरा किया गया ताकि शहर में सफाई व्यवस्था सुचारु रूप से चलती रहे। सफाई व्यवस्था में शहरवासियों का योगदान अमूल्य रहा है। उन्होंने कहा कि शहर के सभी पार्कों की और ध्यान देते हुए जरूरत के हिसाब से उनमें सुधार करवाया गया है। पार्कों में टहलने के लिए व बच्चों के खेलने के लिए झूले लगवाकर व्यवस्था की गई है। शहर में सभी वार्डों में पेवर ब्लॉक से गलियों का निर्माण करवाया गया है।
नगर पार्षदों का कार्यकाल समाप्त हो गया है। अब एसडीएम प्रशासक होंगे। कोई भी काम प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा। शहरवासियों को किसी भी काम के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा।
-संदीप मलिक, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद, सिरसा।
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नगर परिषद के पार्षदों के चुनाव 2016 में हुए। चेयरपर्सन का पद महिला के लिए आरक्षित रखा गया। चेयरपर्सन के चुनाव को लेकर लंबी जद्दोजहद हुई और चेयरमैनी भाजपा के खाते में गई। ऐसे में सेतिया गुट की शीला सहगल चेयरपर्सन चुनी गई और उन्होंने 12 दिसंबर 2016 को कार्यभार संभाला। लेकिन कुछ ही समय में विवाद हो गया और साथी पार्षद नाराज हो गए। भाजपा समर्थित पार्षदों ने अन्य दलों के पार्षदों के साथ मिलकर बगावत कर दी और अविश्वास प्रस्ताव ले आए। ऐसे में शीला सहगल को 31 जुलाई 2018 को चेयरमैन का पद छोड़ना पड़ा। इस प्रकार उनका कार्यकाल केवल 7 माह 19 दिन का रहा। इसके बाद चेयरपर्सन का कार्यभार उपप्रधान रणधीर सिंह के पास चला गया और उन्होंने 15 अप्रैल 2021 तक कामकाज देखा। इसी बीच चेयरपर्सन के चुनाव को लेकर लंबी जद्दोजहद हुई और मामला कोर्ट तक भी पहुंचा। कई बार चुनाव कार्यक्रम निर्धारित करने के बाद भी रद्द करने पड़े। आखिरकार लंबी लड़ाई के बाद चुनाव हुए और इसमें कांडा ग्रुप से समर्थित पार्षद रीना सेठी चेयरपर्सन चुनी गईं। उन्होंने 16 अप्रैल को कार्यभार संभाला। अब मंगलवार को नगर परिषद का पांच साल का कार्यकाल पूरा हो गया है। ऐसे में प्रधान का पद भी खाली हो गया। अब प्रशासक के रूप में एसडीएम नगर परिषद का कामकाज देखेंगे।
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अभी चुनाव के लिए कोई तैयारी नहीं है। नियम अनुसार दोबारा चुनाव करवाने के लिए प्रक्रिया शुरू होनी चाहिए थी। लेकिन अभी तक सरकार चुनाव को लेकर कोई कार्यक्रम निर्धारित नहीं कर पाई है। नऐ पार्षदों का चुनाव ना होने के कारण अब सारा कामकाज जिला प्रशासन ही देखेेगा।
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सिरसा शहर का हुआ चहुंमुखी विकास: रीना सेठी
नगर परिषद की चेयरपर्सन रही रीना सेठी ने कहा कि सिरसा शहर में हमने संवारने के लिए सफाई व्यवस्था की ओर विशेष ध्यान दिया। घर-घर से कूड़ा उठान करने के लिए नगर परिषद की गाड़ी आपके घर द्वार तक पहुंचाई। सफाई व्यवस्था को सुधारने की तरफ विशेष ध्यान दिया। परिषद में सफाई कर्मियों की कमी को पूरा किया गया ताकि शहर में सफाई व्यवस्था सुचारु रूप से चलती रहे। सफाई व्यवस्था में शहरवासियों का योगदान अमूल्य रहा है। उन्होंने कहा कि शहर के सभी पार्कों की और ध्यान देते हुए जरूरत के हिसाब से उनमें सुधार करवाया गया है। पार्कों में टहलने के लिए व बच्चों के खेलने के लिए झूले लगवाकर व्यवस्था की गई है। शहर में सभी वार्डों में पेवर ब्लॉक से गलियों का निर्माण करवाया गया है।
नगर पार्षदों का कार्यकाल समाप्त हो गया है। अब एसडीएम प्रशासक होंगे। कोई भी काम प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा। शहरवासियों को किसी भी काम के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा।
-संदीप मलिक, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद, सिरसा।